
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Priya Tiwari
Immunotherapy Or Chemotherapy Mai Difference: कीमोथेरेपी एक ऐसा शब्द है जिससे आजकल बच्चा बच्चा वाकिफ है। दरअसल इस थेरेपी को कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए किया जाता है। लेकिन जैसे-जैसे विज्ञान बढ़ रहा है वैसे-वैसे और भी कई तरह के इलाज निकल कर सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक इलाज यानी कि इम्यूनोथेरेपी के बारे में हम आपको बताने वाले हैं।
बता दें कि बीते कुछ सालों में इलाज का एक नया तरीका सामने आए हैं, जिसे इम्यूनोथेरेपी के नाम से जाना जाता है। इम्यूनोथेरेपी वो कैंसर ट्रीटमेंट है जो बॉडी के इम्यून सिस्टम को मजबूत करके कैंसर सेल्स को पहचानने व खत्म करने में मदद करता है। आर्टेमिस हॉस्पिटल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी हेड डॉक्टर प्रिया तिवारी कहती हैं कि
'अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या इम्यूनोथेरेपी और कीमोथेरेपी एक है या फिर इम्यूनोथेरेपी कीमोथेरेपी का विकल्प है? यह इलाज लोगों के लिए कितना फायदेमंद है? लोगों के लिए इन सवालों के जवाब जानना और सही जानकारी पानी बहुत जरूरी है।'
अगर आपके मन में भी ऐसे ही कुछ सवाल हैं, आइए डॉक्टर के बताए जवाबों से इन सवालों को सही जवाब जानें। ताकि किसी के मन में इम्यूनोथेरेपी को लेकर कोई शंका न बचे।
'कीमोथेरेपी में ऐसी दवाइयां दी जाती है जो तेजी से बढ़ाने वाली कैंसर कोशिकाओं को मारती है लेकिन समस्या यह है कि यह दवाइयां शरीर की कुछ अच्छी कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचा देती है इसी वजह से कुछ साइड इफेक्ट नजर आते हैं जैसे बालों का झड़ना उल्टी थकान संक्रमण का खतरा वगैरा वगैरा।'
'वहीं इम्यूनोथेरेपी की बात करें, तो यह है आपकी इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर कैंसर से लड़ने में मदद करती है। मतलब इसमें दावा सीधे कैंसर को नहीं मरती बल्कि शरीर को यह है ट्रेन करती है कि कैंसर की कोशिकाओं को पहचान कर खुद कैसे खत्म करना है।'
डॉक्टर कहती हैं कि 'देखिए इसका जवाब सीधे-सीधे नहीं दिया जा सकता है। यह हर मरीज के लिए नहीं है। कुछ मामलों में इम्यूनोथेरेपी अकेले ही काफी असरदार होती है, जबकि कई मरीजों में इसे कीमोथेरेपी के साथ दिया जाता है। मतलब इम्यूनोथेरेपी हर बार कीमोथेरेपी की जगह नहीं लेती, लेकिन कई मरीजों के लिए यह एक बेहतर विकल्प बन चुकी है।'

कुछ खास प्रकार के कैंसर जैसे फेफड़े का कैंसर, स्किन कैंसर, किडनी कैंसर, ब्लैडर कैंसर, और सिर या नेक के कैंसर में यह काम आती है। डॉक्टर टेस्ट के जरिए देखते हैं कि कैंसर की कोशिकाओं में बायोमार्क्स जैसे pd L1 जैसे मारकर मौजूद हैं या नहीं अगर होते हैं, तो इम्यूनोथेरेपी के अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। वहीं कई बार कीमोथेरेपी फेल होने के बाद इम्यूनोथेरेपी एक नई उम्मीद बन सकती है।


Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।