क्या पेरेंट्स से बच्चों में भी जाती है हाइपरहाइड्रोसिस की बीमारी?
हाइपरहाइड्रोसिस दो करह के होते है एक प्राइमरी और दूसरा सेकेंड्री!
हाइपरहाइड्रोसिस एक ऐसी अवस्था है जिसमें असामान्य रूप से पसीना आता है। हालांकि पसीना आना शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए जरूरी है। परंतु इस अवस्था में सामान्य से अधिक पसीना आता है। हाइपरहाइड्रोसिस बीमारी की वजह से आती है हथेलियों और तलवों में ज्यादा पसीना आता है। हालत यह होती है कि सर्दियों में भी हथेलियां और तलवे पसीने से भीगे रहते हैं।
क्यों आता है पसीना
पसीना हमारे शरीर में मौजूद पसीने की ग्रंथियों से निकलता है। इन्हें एक्राइन स्वेद-ग्रन्थि/पसीना ग्रंथि (Eccrine Sweat Glands) कहा जाता है। इंसान के शरीर पर 20 लाख से 40 लाख तक पसीने की ग्रंथियां होती है। ये ग्रंथियां पैर के तलवों , हथेली , मस्तक , गाल और काख (Armpit) में सबसे ज्यादा होती है। इसलिए इन जगहों पर स्वेटिंग ज्यादा होती है। पसीने में 99 % पानी और थोड़ी मात्रा में नमक , प्रोटीन और यूरिया होते है। इसमें किसी भी तरह की गंध नहीं होती।
हाइपरहाइड्रोसिस दो करह के होते है एक प्राइमरी और दूसरा सेकेंड्री।
फोकल हाइपरहाइड्रोसिस
जब हाथों, पैरों और काख में अत्यधिक पसीना आता है तो इसे प्राइमरी या फोकल हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस के अधिकतर मामलों में कोई कारण नहीं पाया गया, यह पारिवारिक रूप से प्रसारित होता प्रतीत होता है।
सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस
यदि पसीना किसी अन्य चिकित्सीय स्थिति के कारण आता है तो इसे सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। इसकी वजह बेचैनी, कुछ दवाएं और उनका अनुचित प्रयोग, ग्लूकोस नियंत्रण के विकार, ह्रदयरोग, फेफड़ों का रोग, हाइपरथाइरोइडिसम, रजोनिवृत्ति, मेरुदंड में चोट और मस्तिष्क आघात हो सकते हैं।
संभावित उपाय
नियमित हाथ धोइये: पसीने वाले हाथ खुद नहीं सूखेंगे और उन्हें सूखा रखने के लिए आपको उन्हें सामान्य से अधिक बार धोना पड़ेगा। जैसे ही हाथों का पसीना आपको परेशानी देने लगे, आप उन्हें धो लीजिए और फिर किसी टॉवल या कपड़े से अच्छी तरह से सुखा लीजिए।
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हमेशा अपने साथ एक अल्कोहल वाला (एंटीबैक्टीरियल या जीवाणुरोधी नहीं) हैंड सेनिटाइज़र रखें। ताकि अगर आपको हाथ धोने के लिए पानी न मिले तो आप उसका इस्तेमाल कर सकें। थोड़े से अल्कोहल से आपके हाथ, कुछ देर के लिए ही सही, सूखे रहेंगे।
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अपने साथ एक रुमाल या पेपर टॉवल रखें। ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप अपने हाथों को उनसे पोंछ सकें। जब आपको किसी से हाथ मिलाना हो तो पहले उनका इस्तेमाल करें।
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हाथों को ठंडा रखें: बहुत से लोगों को गर्मी में ज़्यादा पसीना आता है। इसीलिए हाथों को ठंडा करना एक सरल और असरदार उपाय है। अपने हाथों को आप फैन या एयर कंडीशनर के सामने फैला के रखें ताकि वे सूखे रहें और पसीना कम बने।
हाथों पर थोड़ा सा पाउडर छिड़क लीजिये: अगर आप घर में हों तो हाथों की नमी को रोकने के लिए उन पर पाउडर लगा के रख सकते हैं। यह नमी को सोख लेता है। इससे आप आसानी से रोज़मर्रा के काम कर सकेंगे, जैसे कि भार उठाना, रस्सी कूदना या ऐसा कोई काम जिसमे हाथों के पकड़ की ज़रुरत हो।