Diabetic Eye: क्या ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से आपकी आंखों पर पड़ रहा है बुरा असर, जानिए क्या है वजह और बचाव के तरीके

अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं और आपको अपनी आंखों में धुंधलापन या कोई अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको तुरंत अपने चिकित्सक की सलाह लेने की आवश्यकता है। 

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Written By: Atul Modi | Updated : September 6, 2021 11:07 AM IST

आंखों में धुंधलापन डायबिटीज (Diabetes Symptoms) के सबसे आम लक्षणों में से एक है डायबिटीज रोगी अक्सर इस बात की शिकायत रहती है कि उन्हें कोई वस्तु साफ दिखाई नहीं दे रही है, और इस समस्या को वह नजरअंदाज भी कर देते हैं, उन्हें लगता है यह उम्र से जुड़ी समस्याएं हैं। जबकि विशेषज्ञ से बहुत ही गंभीरता से लेते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि, डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर बढ़ने पर उनकी दृष्टि पर असर पड़ सकता है। जब ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) बढ़ता है तो आंख के पीछे स्थित रेटिना (Retina) में मौजूद लाइट सेंसेटिव टिशूज की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को ब्लड शुगर नियंत्रित करना जरूरी हो जाता है।

डायबिटिक आई क्या है?

डायबिटिक आई (Diabetic Eye) आंखों की स्थितियों का एक समूह है, जिससे अक्सर डायबिटीज रोगी प्रभावित होते हैं। अधिकांश डायबिटीज रोगियों में डायबिटिक रेटिनोपैथी विकसित होती है। इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियां हैं जो डायबिटीज रोगियों में विकसित होते हैं, जैसे डायबिटिक मैकुलर एडिमा, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा। इन सभी स्थितियोंं के समूह को डायबिटिक आई कहते हैं।

समय के साथ अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल आपकी आंखों को अपरिवर्तनीय नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटिक आई के कुछ शुरुआती लक्षण (Diabetic Eye Symptoms) हैं, जिसे पहचान कर आपको तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए, जो निम्नलिखित हैं:

  • आंखों में धुंधलापन
  • रंगों को पहचानने में कठिनाई
  • दृष्टि में काले तार या धब्बे का दिखना
  • रात के समय दिखाई देने में समस्या

विशेषज्ञों का मानना है कि, जरूरी सावधानी बरतकर कोई भी व्यक्ति डायबिटिक आई के विकास को रोक सकता है, इसे बुरी स्थिति में जाने से बचा सकता है।

डायबिटिक आई से आप खुद को कैसे बचा सकते हैं?

आप जीवन शैली में कुछ परिवर्तन करके डायबिटीज आई की जटिलताओं से खुद को बचा सकते हैं:

  1. हमेशा अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखें, समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच जरूर करें
  2. तंबाकू के सेवन से बचें
  3. नियमित व्यायाम और योगाभ्यास करें
  4. साल में कम से कम एक या दो बार अपने आंखों की जांच अवश्य करवाएं
  5. अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां व फाइबर (Fiber) युक्त भोजन को अधिक मात्रा में शामिल करें
  6. मानसिक तनाव से खुद को दूर रखें इसके लिए आप मेडिटेशन कर सकते हैं
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