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Hepatitis Health Hazards- हेपेटाइटिस लिवर में सूजन से संबंधित बीमारी है और इससे लिवर के सेल्स को डैमेज (Damage to liver cells) पहुंचता है। जिससे लिवर के काम करने की क्षमता भी कम होने लगती है। हमारे शरीर में लिवर के कई काम होते हैं जैसे खाना पचाने से लेकर शरीर में जमा गंदगी को साफ करने और शरीर के अन्य अंगों को भी काम करने में मदद करता है। लेकिन, हेपेटाइटिस जैसी स्थिती में लिवर के साथ-साथ पूरे शरीर को नुकसान पहुंचता है। हेपेटाइटिस की गम्भीरता के आधार पर कुछ मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। वहीं, कुछ मरीजों में संक्रमण इतना गम्भीर होता है कि लिवर ट्रांसप्लांट (Liver tranplant) कराने की भी जरूरत पड़ जाती है। इसी तरह सही समय पर इलाज ना मिलने और संक्रमण की अनदेखी करने से मरीजों के लिए यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
डॉ.सोमनाथ मुखर्जी (Dr . Somnath Mukherjee, Gastroenterologist , CMRI Kolkata ) कहते हैं कि “ हेपेटाइटिस एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है जिसके बारे में बहुत कम बात होती है और लोग इस बीमारी को ठीक तरह से समझ भी नहीं पाए हैं। हालांकि, हेपटाइटिस का इलाज भी है और अधिकांश केसेस में यह पूरी तरह ठीक भी हो जाता है। वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे (World Hepatitis Day 2025) हेपेटाइटिस के बारे में फैले मिथकों, गलत जानकारियों और भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को हेपेटाइटिस की बीमारी के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करने का मौका है।
इस साल विश्व हेपेटाइटिस सप्ताह ( The hepatitis week theme) की थीम है लेट्स ब्रेक इट डाउन । इस थीम के तरह हेपेटाइटिस के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इंफेक्शन की रोकथाम को लिए जरूरी उपाय और जानकारियां लोगों तक पहुंचाना है।
हेपेटाइटिस 5 तरह के हैं। जिन्हें हेपेटाइटिस ए से लेकर हेपेटाइटिस ई जैसे नाम (Hepatitis is categorized as a hepatitis A-E virus) दिए गए गए हैं। इनमें से हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी को सबसे गम्भीर माना जाता है क्योंकि ये दोनों ही बहुत तेजी से फैलते हैं। अगर इसका इलाज ना किया जाए तो इनकी वजह से लिवर फेलियर (liver failure), लिवर कैंसर ( liver cancer) और सिरोसिस (cirrhosis) जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
लिवर से जुड़े हेपेटाइटिस इंफेक्शन के 2 स्टेज होते हैं, पहला स्टेज या शुरूआती स्टेज अक्यूट हेपेटाइटिस (Acute Hepatitis) कहा जाता है।
वहीं, दूसरा स्टेज या क्रोनिक हेपेटाइटिस बीमारी का गम्भीर स्तर है ।
आमतौर पर हेपेटाइटिस इंफेक्शन असुरक्षित तरीके से खून चढ़ाने या सुइयों के अनसेफ इस्तेमाल ( unsafe transfusions or needle sharing/drugs) या अनप्रोटेक्टेट सेक्सुअल कॉन्टैक्ट ( unprotected sexual contact) की वजह से फैलता है।
हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) और हेपेटाइटिस ई (Hepatitis E) खाने-पीने की चीजों और दूषित पानी से फैलता है। ये दोनों ही इंफेक्शन उन देशों में बहुत कॉमन हैं जहां सैनिटेशन और साफ-सफाई की कमी देखी जाती है। आमतौर पर इनके लक्षण काफी देर से दिखायी देते हैं। हेपेटाइटिस के कुछ लक्षणये हो सकते हैं-
इनके अलावा भी और कई लक्षण दिखायी दे सकते हैं। अधिक मामलों में हेपेटाइटिस इंफेक्शन का जल्दी पता नहीं चल पाता क्योंकि, हेपेटाइटिस के लक्षण (Early symptoms of Hepatitis) जल्दी दिखायी नहीं देते। इसीलिए, बहुत से लोगों में हेपेटाइटिस का डायग्नोसिस भी समय पर नहीं हो पाता।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हेपेटाइटिस की बीमारी दूषित पानी पीने, दूषित भोजन करने, बरसात के पानी के सम्पर्क में आने, साफ-सफाई की कमी और असुरक्षित तरीके से खून चढ़ाने से फैल सकता है।
लिवर से जुड़े हेपेटाइटिस इंफेक्शन के 2 स्टेज होते हैं, पहला स्टेज या शुरूआती स्टेज अक्यूट हेपेटाइटिस कहा जाता है।