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Diabetes Or Heart Failure Ke Bich Relation Kya Hai: हम में से कई ऐसे लोग हैं जो डायबिटीज का शिकार हैं, इसमें किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज और हार्ट फेलियर की समस्या आपस में जुड़ी हुई है? जी हां यह सच है। सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुंबई के कंसल्टेंट कार्डियक सर्जनडॉक्टर बिपीनचंद्र भामरे का कहना है कि 'मधुमेह (डायबिटीज) और हृदय विफलता (हार्ट फेल्योर) के बीच गहरा संबंध है। ये दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं।
इस स्थिति से अपना बचाव करने के लिए हम क्या कर सकते हैं? इसका जवाब भी डॉक्टर भामरे ने बताया है। आज हम आपको इस लेख में डायबिटीज में हार्ट फेलियर से बचाव के लिए समय पर जांच, स्वस्थ खान पान और नियमित डॉक्टर की सलाह से जुड़े विषय पर जानेंगे। तो फिर आइए बिना देर किए जानते हैं कि दोनों बीमारियां आपस में कैसे जुड़े हैं और इन्हें कैसे संभाला जा सकता है।
डॉक्टर ने बताया कि मधुमेह और हृदय रोग अक्सर साथ-साथ चलते हैं। जिन लोगों को मधुमेह होता है उन्हें अपने दिल की सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए।
हार्ट फेलियर तब होती है जब दिल शरीर में सही तरीके से रक्त नहीं पंप कर पाता। इससे थकान, सांस फूलना और पैरों या टखनों में सूजन जैसी दिक्कतें होती हैं। दिल की नसों में रुकावट, उच्च रक्तचाप या समय के साथ हृदय की मांसपेशियों को नुकसान, इसका मुख्य कारण हैं। यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है, इसलिए मधुमेह वाले लोगों को नियमित रूप से दिल की जांच करवानी चाहिए।
डॉक्टर ने बताया कि मधुमेह में शरीर का ब्लड शुगर नियंत्रण बिगड़ जाता है। अगर लंबे समय तक शुगर का स्तर ज्यादा रहता है, तो यह दिल की नसों और तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे धमनियां सख्त हो जाती हैं और खून का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे हृदय विफलता का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, मधुमेह वाले लोगों में कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है, जो दिल की बीमारी के जोखिम को और बढ़ाता है।
डॉक्टर ने हमारे साथ हार्ट फेलियर के कुछ लक्षण शेयर किए हैं, जिन पर ध्यान दिया जाना बहुत ही ज्यादा जरूरी है, जैसे-
इन लक्षणों को हल्के में न लें और समय पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
डॉक्टर भामरे ने सलाह दी कि 'मधुमेह और हृदय रोग आपस में जुड़े होते हैं। मधुमेह के कारण हृदय की बिमारी हो सकती हैं। बीमारी से दूर रहने के लिए नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करनी चाहिए। अपने खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें। रोजाना कम से कम एक घंटा व्यायाम करें। धूम्रपान और शराब से दूर रहें। तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें। और हर 8–10 महीने में एक बार हृदय की जांच करवाएं।
अगर आपको मधुमेह है, तो दिल का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। समय पर ध्यान देंगे तो आप लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज, तनाव को कंट्रोल करने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज का रिस्क कम किया जा सकता है।
हाई ब्लड शुगर लेवल, थकान, बार-बार सिरदर्द, चक्कर और बिना वजह वजन बढ़ने या कम होने जैसी समस्याएं डायबिटीज का लक्षण हो सकती हैं।
हेपेटाइटिस सी हार्ट के कामकाज को प्रभावित कर सकता है। इसीलिए, हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर का भी रिस्क बढ़ जाता है।
हृदय से होने वाली कोई भी बीमारी जैसे हार्ट अटैक, हार्ट का रुक जाना (हार्ट फेलियर) और धमनियों से जुड़ी बीमारी आदि