
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : December 31, 2025 4:13 PM IST
Medically Verified By: Dr. Atampreet Singh
Frequent Headache in winter Caused by Air Pollution: सर्दियों का मौसम हर किसी के लिए बीमारियां लेकर तो आता ही है, जो लोग पहले से ही बीमार होते हैं उनकी बीमारी के लक्षण और ज्यादा बढ़ जाते हैं। वहीं जिन लोगों को कोई बीमारी नहीं है और वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं, वे भी अक्सर सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों के कारण बीमार पड़ जाते हैं। डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर कंट्रोल करने में दिक्कत आती है और बीपी वालों को अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने में दिक्कत आने लगती है। लेकिन कुछ हेल्थ कंडीशन ऐसी भी हैं, जो आमतौर पर सर्दियों में बढ़ रहे प्रदूषण के कारण भी हो सकती हैं। सर्दियों में बार-बार होने वाला सिरदर्द इनमें से एक है और आपने भी देखा होगा ठंड के मौसम में काफी लोग बार-बार सिरदर्द की शिकायत करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि सिर्फ सर्दी नहीं बल्कि यह प्रदूषण का असर भी हो सकता है। डॉ. आत्मप्रीत सिंह, सीनियर डायरेक्टर एंड हैड न्यूरोलॉजी, शारदा केयर, हेल्थ सिटी ग्रेटर नोएडा ने इस लेख में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिनके बारे में आप आगे जानेंगे।
डॉ. सिंह ने बताया कि सर्दियों में इस बार सिरदर्द के मामलों में काफी तेजी से वृद्धि देखी गई है और उनके पास भी ओपीडी में लगभग 30 फीसदी मरीज सिरदर्द के ही आ रहे हैं। सिरदर्द के साथ मरीजों को अक्सर उल्टी आना, जी मिचलाना, चिड़चिड़ापन, ठीक से नींद न आना आदि लक्षण देखने के मिल रहे हैं। ये लक्षण सिर्फ सर्दी के नहीं हैं, बल्कि सर्दियों में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण के कारण भी हो रहे हैं। सर्दियों से ज्यादा असर प्रदूषण का पड़ रहा है, जिसके कारण सिरदर्द जैसे लक्षण हो रहे हैं।
डॉ सिंह ने आगे बताया कि प्रदूषण के कारण हवा विषाक्त हो जाती है, जो सांस के साथ शरीर के अंदर साइनस और फेफड़ों में जाती है। इससे साइनस में दिक्कत होने लगती है और प्रेशर बनने लगता है, जिसके कारण सिरदर्द जैसी समस्याएं पैदा ही जाती हैं। प्रदूषण वाली हवा में मौजूद कई केमिकल फेफड़ों से ब्लड तक पहुंचते हैं और दिमाग को सेंसिटिव बना देते हैं, जिसके कारण सिरदर्द और ज्यादा बढ़ जाता है। इसके साथ-साथ ज्यादा ठंड का मौसम भी है, जो समस्या को और गंभीर बना देता है।
डॉ. सिंह ने आगे बताया कि हमारे पास सिरदर्द के कई अलग-अलग मामले आते हैं, जो अलग-अलग कारणों से ट्रिगर हुए होत हैं। तेज रोशनी, तेज शोर, मौसम में अचानक बदलाव और पहले सिर में लगी कोई चोट आदि के कारण सिरदर्द होने लगता है। लेकिन माइग्रेन के मामले ज्यादातर उन लोगों में पाए जाते हैं, जिन्हें हार्मोन बैलेंस से जुड़ी कोई दिक्कत हो, पहले माइग्रेन की फैमिली हिस्ट्री हो, ज्यादा तनाव रहता हो या फिर लंबे समय से नींद से जुड़ी समस्याएं चल रही हों।
सिरदर्द को लोग अक्सर शुरुआत में गंभीरता से नहीं लेते हैं और पेनकिलर लेकर काम चलाते रहते हैं। उन्हें लगता है कि पेनकिलर दवाएं लेकर ही सिरदर्द एक ना एक दिन ठीक हो जाएगा लेकिन पेनकिलर दर्द को कंट्रोल नहीं कर रही होती बल्कि उल्टा बढ़ा रही होती हैं। अगर किसी व्यक्ति को हफ्ते में चार या उससे अधिक बार सिरदर्द की समस्या हो जाती है, तो उन्हें डॉक्टर से इस बारे में एक बार संपर्क जरूर कर लेना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।