क्या डाइट की मदद से Fatty लिवर डिजिज पूरी तरह ठीक हो सकती है? जानिए एक्सपर्ट की राय

लिवर को हेल्दी रखने और फैटी लिवर डिजिज जैसी कंडीशन्स से बचने के लिए डाइट और न्यूट्रिशन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 30, 2025 11:21 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Somnath Mukherjee

Fatty Liver Diseases Treatment- फैटी लिवर डिजिज लोगों के लिवर में सूजन (Swelling in liver) से जुड़ी समस्या है। फैटी लिवर डिजिज सबसे तेजी से बढ़ने वाली लाइफस्टाइल डिजिजेज (Lifestyle diseases)  में से है और भारत में भी यह बीमारी बहुत तेजी से बढ़ी है। जब लिवर की सेल्स में फैट बहुत तेजी से जमा होने लगता है तो इससे लिवर में सूजन (Liver mein sujan badhane ke karan) बढ़ने लगती है। जब लिवर में फैट्स का स्तर बढ़ने लगता है तो इससे लिवर के लिए नॉर्मल तरीके से काम कर पाना मुश्किल हो जाता है। लिवर फंक्शनिंग में गड़बड़ी (Problems in liver functioning) के कारण शरीर में कई तरह की समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं।

कोलकाता मेडिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट्स एंड हॉस्पिटल (CMRI Kolkata) में सीनियर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ.सोमनाथ मुखर्जी (Dr. Somnath Mukherjee) के अनुसार, भारत में लिवर से जुड़ी बीमारियों जैसे फैटी लिवर (Fatty Liver), लिवर सिरोसिस (Fatty Cirrhosis )  और लिवर ट्यूमर्स के मामले बीते कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़े हैं। लिवर की बीमारियों के बढ़ने के पीछे अक्सर लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ फैक्टर्स ही प्रमुख कारण होते हैं जैसे- अनहेल्दी डाइट, मोटापा और कसरत ना करने की आदतें। ऐसे में अगर आप भोजन को दवा की तरह अहमियत दें और अपनी डाइट में कुछ जरूरी बदलाव करें तो काफी हद तक लिवर को बीमारियों से बचाने में मदद हो सकती है।

फैटी लिवर डिजिज के कारण क्या हैं?- Causes of Fatty Liver Disease.

आमतौर पर फैटी लिवर डिजिज 2 प्रकार की होती है, पहला अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजिज (Alcoholic Fatty Disease) और दूसरा नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजिज (Non-Alcoholic Fatty Disease)

आमतौर पर बहुत अधिक शराब पीने से अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजिज की समस्या होती है। वहीं, नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजिज के कई कारण होते हैं। जैसे-

  • गलत खान-पान
  • डीप फ्राइड फूड्स (Deep fried foods) का अधिक मात्रा में सेवन
  • मोटापा
  • अनियंत्रित डायबिटीज

आयुर्वेद में फैटी लिवर डिजिज को शरीर में पित्त का स्तर बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है। इसीलिए, जब शरीर में पित्त के लेवल को कंट्रोल करने के लिए जरूरी उपाय (Pitta dosha controlling tips) नहीं किए जाते तो फैटी लिवर डिजिज का खतरा बढ़ सकता है।

फैटी लिवर डिजिज के लक्षण क्या हैं?- Symptoms of fatty liver disease.

  • पेट में सूजन, पेट में दर्द और भारीपन
  • कमजोरी (weakness), थकान और चक्कर आना (Dizziness)
  • अचानक से वजन कम होना (Sudden weight loss)
  • शरीर पर अलग-अलग जगह स्किन पर काले दाग-धब्बे

क्या डाइट की मदद से फैटी लिवर डिजिज ठीक हो सकता है?- Fatty Liver Diseases and diet.

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट और डाइटिशियन, खूश्बू जैन टिबरवाला (Khushboo Jain Tibrewala - Nutritionist and Diabetes & Inflammation specialist.) कहती हैं कि फैटी लिवर (Fatty liver) या हेपेटिक स्टीटोसिस (hepatic steatosis), तब होता है जब लिवर में फैट जमा होने लगता है। फैट की मात्रा बढ़ने से धीरे-धीर लिवर में घाव होने लगता है और लिवर के कामकाज को प्रभावित करने लगता है।

लिवर का मुख्य काम शरीर की अंदर से सफाई या डिटॉक्सिफिकेशन है और लिवर में फैट जमा होने से डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया (detoxification) ठीक तरीके से नहीं हो पाती। वहीं, हार्मोन्स इम्बैलेंस (hormone balance), कोलेस्ट्रॉल रेग्यूलेशन (cholesterol regulation) जैसे काम भी प्रभावित होते हैं।

डाइटिशियन के अनुसार फैटी लिवर डिजिज के लक्षणों (Fatty Liver Diseases Symptoms) को पहचान कर आप जितनी जल्दी काम करना शुरू करें उतनी जल्दी उससे निपटने में आसानी होती है।

खूश्बू जैन फैटी लिवर डिजिज से उबरने के लिए डाइट से जुड़े ये 3 बड़े बदलाव करने की सलाह देती हैं-

प्रोटीन-कार्ब रेशियो पर ध्यान दें (Fix your protein-to-carb ratio)

ज्यादातर लोग बहुत अधिक मात्रा में चावल या एक बार में 3-4 रोटियां खा जाते हैं। लेकिन, उनकी थाली में दाल-सब्जी की मात्रा कम ही रहती है। ऐसा करना लिवर के लिए नुकसान दायक हो सकता है। ऐसे में अपने डाइट में बदलाव करें। खूश्बू जैन के अनुसार, हेल्दी लिवर के लिए इस तरह आप अपनी थाली में कार्ब्स और प्रोटीन की मात्रा का संतुलन बढ़ा सकते हैं-

  • एक बार में 1 कप चावल खाएं या केवल 2 रोटियां खाएं।
  • दाल, पनीर, अंडे, मछली की मात्रा दोगुनी कर दें।
  • भोजन में स्टार्च की मात्रा कम ही रखें।

सल्फर-रिच फूड्स खाएं  (Add sulphur-rich foods)

अपनी डेली डाइट में लहसुन-प्याज (garlic, onions) मेथी (methi) और पत्तागोभी (cabbage) जैसी सब्जियों का समावेश करें।

सल्फर-रिच फूड्स आपके लिवर की डिटॉक्स पॉवर (foods that boost your liver’s natural detox power) बढ़ाते हैं।

सूर्यास्त से पहले खाना खाएं

अपना रात का खाना सूर्यास्त से पहले खा लें। जल्दी खाना खाने से रात में खाना पचने में आसानी होती है और रात में नींद अच्छी आती है। इसी तरह अगली सुबह पेट भी आसानी से साफ होता  (next-morning clearance) है। शरीर की अच्छी तरह सफाई होने से शरीर के सभी अंगों को काम करने में आसानी होती है। (Benefits of eating dinner before sunset)

FAQs

फैटी लिवर डिजिज में क्या नहीं खाना चाहिए?

फैटी लिवर डिजिज होने पर आमतौर पर प्रोसेस्ड फूड्स जैसे मैदा और शक्कर का सेवन करने से मना किया जाता है। इसी तरह तला-भुना, मसालेदार खाना, अधिक मात्रा में नमक खाने और अल्कोहल से परहेज करने की सलाह दी जाती है।  

फैटी लिवर डिजिज के कारण क्या हैं?

अनहेल्दी डाइट, ऑयली फूड्स खाना, स्मोकिंग और शराब पीने की आदत, प्रोसेस्ड फूड्स और जंक फूड्स का सेवन, मोटापा और अनकंट्रोल्ड डायबिटीज के कारण फैटी लिविर डिजिज का खतरा बढ़ सकता है।

फैटी लिवर डिजिज के लक्षण क्या हैं?

फैटी लिवर डिजिज में मरीज को  पेट में सूजन, पेट में दर्द और भारीपन महसूस हो सकता है। इसके साथ ही कमजोरी , थकान और  अचानक से वजन कम होने होने जैसे लक्षण भी दिखायी दे सकते हैं।