
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : October 14, 2025 12:38 PM IST
ब्रेस्ट में गांठ एक आम समस्या है जो कई महिलाओं को प्रभावित करती है। जब भी किसी महिला को अपने ब्रेस्ट में गांठ महसूस होती है, तो उसके मन में सबसे पहले कैंसर की आशंका आती है। लेकिन क्या वास्तव में हर ब्रेस्ट गांठ कैंसर (Breast Cancer) होती है? अक्टूबर का महीना जब ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जा रहा है, तब हम एक स्पेशल सीरीज चला रहे हैं। इस सीरीज में आज हरियाणा के सोनीपथ स्थित एंडोमेड्रा अस्पताल की सीनियर अनकोलॉजिस्ट डॉ. वैशाली जामरे से जानेंगे- क्या ब्रेस्ट में बनने वाली हर गांठ ब्रेस्ट कैंसर की होती है या नहीं (kya breast Mein Aane wali har ganth breast Cancer hoti hai)।
इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. वैशाली जामरे कहती हैं नहीं! ब्रेस्ट में बनने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती है। दरअसल, ब्रेस्ट में बनने वाली अधिकांश गांठें सौम्य (Benign) होती हैं यानी कैंसर रहित और केवल कुछ ही मामलों में वे घातक (Malignant) यानी कैंसरस होती हैं। ब्रेस्ट गांठ (Breast Lump) का मतलब है- स्तन के किसी हिस्से में एक ठोस या तरल पदार्थ से भरी सूजन या उभार महसूस होना। अगर किसी को महिला को ब्रेस्ट में किसी प्रकार की गांठ महसूस होती है, तो इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि ये कैंसर ही हो। ब्रेस्ट में बनने वाली गांठों के पीछे हार्मोनल परिवर्तन, संक्रमण, फाइब्रोएडेनोमा या सिस्ट (Cyst) जैसी स्थितियां भी हो सकती हैं।
1.फाइब्रोएडेनोमा (Fibroadenoma) : डॉ. वैशाली जामरे के अनुसार , 15 से 35 साल की महिलाओं के ब्रेस्ट में पाई जाने वाली ज्यादातर गांठें फाइब्रोएडेनोमा के कारण होती है। यह एक सौम्य ट्यूमर होता है जो फाइबर और ग्रंथियों के ऊतकों से बनता है। फाइब्रोएडेनोमा के कारण ब्रेस्ट में बनने वाली गांठ में किसी प्रकार का दर्द नहीं होता और इसके कैंसर में बदलने की संभावना बहुत कम होती है।
2. सिस्ट (Breast Cyst) : ब्रेस्ट सिस्ट एक प्रकार की तरल पदार्थ से भरी थैली जैसी गांठ होती है। इस प्रकार की परेशानी आमतौर पर 40 साल से ऊपर की महिलाओं में देखी जाती है। ये सिस्ट कैंसर में नहीं बदलते हैं, लेकिन कई बार इसमें दर्द और सूजन से महिलाओं को परेशानी हो सकती है।
3. हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes): पीरियड्स से पहले या प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर बदलता है। इस प्रकार के हार्मोनल बदलाव से महिलाओं को स्तन में सूजन, दर्द या गांठ जैसा अहसास हो सकता है। ये बदलाव अस्थायी होते हैं और एक समय के बाद खुद से ही ठीक हो जाते हैं।
डॉ. वैशाली जामरे बताती हैं कि ब्रेस्ट में बनने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन कुछ गांठें ऐसी होती हैं जो कैंसर की शुरुआत का संकेत दे सकती हैं। इसलिए इन गांठों को पहचानना बहुत जरूरा है। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में...
अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण खुद में समय के साथ नजर आता है, तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर गांठ की जांच करके आपको इस बात की जानकारी देंगे कि ये कैंसर है या नहीं।
डॉ. वैशाली जामरे के साथ बातचीत के आधार पर हम ये कह सकते हैं कि ब्रेस्ट में बनने वाली हर गांठ कैंसर की नहीं होती है।
लेकिन ब्रेस्ट में बनने वाली हर गांठ को गंभीरता से लेना जरूरी है। ब्रेस्ट में बनने वाली गांठ ज्यादातर मामलों में यह फाइब्रोएडेनोमा, सिस्ट या हार्मोनल बदलाव के कारण होती है, जिसका इलाज समय पर करवाना जरूरी है। लेकिन अगर गांठ में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करवाना सबसे सुरक्षित कदम है।