
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 11, 2026 7:44 PM IST
Image credits by: color walking for mental health
आज के समय में फिट रहना हमारे लिए केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। बदलती जीवन-शैली, तनाव और अनियमित खान पान हमारे शरीर पर बुरा असर डाल रहे हैं। ऐसे में हमें अक्सर नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और वॉकिंग जैसे विकल्प हमें खुद को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। हालांकि, फिट रहने के लिए न केवल शरीर का मजबूत होना जरूरी है, बल्कि मन का भी प्रसन्न रहता जरूरी है। ऐसे में वॉकिंग का एक नया तरीका इस समय ट्रेंड बन रहा है, जो है, ‘कलर वॉकिंग’। यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक सुकून देने वाला एक अनोखा अनुभव भी है। तो चलिए आप इसे कैसे कर सकते हैं, हम बताते हैं।
कलर वॉकिंग का आइडिया बेहद आसान, लेकिन असरदार है। इसमें आपको वॉक पर निकलने से पहले एक रंग चुनना होता है। मान लीजिए आपने ‘पीला’ रंग चुना, तो चलते समय आपका ध्यान सिर्फ पीले रंग की चीजों पर रहेगा, जैसे- फूल, कपड़े, गाड़ियां या दीवारें। इस तरह आपकी सामान्य सैर एक दिलचस्प खोज में बदल जाती है। असल में यह माइंडफुलनेस यानी वर्तमान में जीने की कला का एक नया रूप है, जो आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति के लिए लाभकारी है। इसे शुरू करना बेहद आसान है। घर से निकलने से पहले एक रंग तय करें—जैसे हरा, नीला या नारंगी। वॉक के दौरान मोबाइल और हेडफोन से दूरी रखें और अपने आसपास उस रंग की चीजों को खोजने की कोशिश करें। हर दिन नया रंग चुनने से यह अनुभव और भी रोचक बन जाता है।
वैसे तो अक्सर हम टहलते समय मोबाइल में उलझे रहते हैं या अपने विचारों में खोए रहते हैं। कलर वॉकिंग हमें इस आदत से बाहर निकालने में मदद करती है और यह ओवरथिंकिंग से बचने का तरीका भी है। जब आप किसी खास रंग को ढूंढते हैं, तो हमारा ध्यान आसपास की चीजों पर टिक जाता है। इससे दिमाग भटकने के बजाय स्थिर होता है और एकाग्रता बढ़ती है, जो कि आपको अपने दैनिक कार्य करने के दौरान साफ नजर आएगी।
आज के समय में तनाव और चिंता आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में कलर वॉकिंग एक तरह का ‘विजुअल मेडिटेशन’ बन जाती है। रंगों पर ध्यान केंद्रित करने से दिमाग शांत होता है और तनाव कम महसूस होता है। यह हमें रोजमर्रा की चिंताओं से हटाकर एक हल्के और रचनात्मक अनुभव की ओर ले जाती है, जो कि अच्छी सेहत के लिए लाभकारी है। तनाव का इलाज करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे लगातार मेंटल हेल्थ खराब हो रही होती है।
इस ट्रेंड को अपनाने वाले लोगों का कहना है कि इससे उनकी रचनात्मकता में इजाफा हुआ है। ऐसे में क्यों न आप भी इसे अपनाएं, क्योंकि जब हम आसपास की चीजों को ध्यान से देखते हैं, तो कई नई और अनदेखी चीजें नजर आती हैं। खासकर कलाकारों, लेखकों और डिजाइनरों के लिए यह एक तरह का ब्रेन एक्सरसाइज साबित हो रहा है, जो उन्हें प्रकृति में नई चीजें खोजने में मदद करेगा।
कलर वॉकिंग की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें किसी खास उपकरण या खर्च की जरूरत नहीं होती। इसे युवा से लेकर बड़े तक एक मजेदार चैलेंज की तरह लेते हैं, बुजुर्गों के लिए यह मानसिक सक्रियता बनाए रखने का सरल तरीका भी है और बच्चों के लिए यह एक खेल जैसा अनुभव बन सकता है, जिससे उनकी अवलोकन क्षमता मजबूत होती है। हालांकि यह तरीका मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा केंद्रित है, लेकिन चलते-चलते आप अच्छी-खासी दूरी तय कर लेते हैं। जब आपका ध्यान रंगों पर होता है, तो थकान कम महसूस होती है और दिल की सेहत भी बेहतर होती है। फिट रहने के लिए हमेशा कठिन वर्कआउट जरूरी नहीं—कभी-कभी सजग होकर की गई एक साधारण सैर भी काफी होती है। इसलिए अगली बार जब आप टहलने जाएं, तो बस एक रंग चुनिए और अपनी वॉक को एक नया और यादगार अनुभव बनाइए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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