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Kya Coffee Se Weight Loss Hota Hai: सोशल मीडिया पर अक्सर कॉफी को वजन घटाने का सबसे आसान और सस्ता तरीका बताया जाता है। दावा किया जाता है कि बिना किसी सप्लीमेंट या सख्त डाइट के सिर्फ कॉफी पीकर फैट बर्न किया जा सकता है। आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर प्रभात रंजन सिन्हा बताते हैं कि ‘ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि कॉफी में मौजूद कैफीन एक प्राकृतिक स्टीमुलेंट है, जो मेटाबॉलिज्म, भूख और शारीरिक ऊर्जा को प्रभावित करता है। हालांकि, वजन घटाने में कॉफी की भूमिका सीमित है और इसे लेकर अक्सर जरूरत से ज्यादा दावे किए जाते हैं।’
उन्होंने आगे समझाते हुए और बातों को क्लियर करते हुए बताया कि
“कैफीन हमारे सेंट्रल नर्वस सिस्टम को एक्टिव करता है, जिससे कुछ समय के लिए मेटाबॉलिज्म तेज हो सकता है। रिसर्च बताती है कि कैफीन थर्मोजेनेसिस यानी शरीर में कैलोरी जलाने की प्रक्रिया को बढ़ाता है, जिससे थोड़ी देर के लिए एनर्जी खर्च बढ़ती है। इसके अलावा, यह फैट सेल्स से फैटी एसिड को रिलीज करता है, ताकि शरीर उन्हें ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल कर सके। यही वजह है कि एक्सरसाइज से पहले कॉफी पीने को फैट बर्निंग से जोड़ा जाता है।”
आइए अब हम थोड़ा विस्तार से जानते हैं कि वजन घटाने और कॉफी पीने के बीच क्या संबंध है।
कॉफी भूख पर भी अस्थायी असर डाल सकती है। कैफीन कुछ समय के लिए भूख कम कर सकता है और पेट के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे कैलोरी इनटेक कम हो सकता है। खासकर ब्लैक कॉफी में कैलोरी बहुत कम होती है। अगर कोई व्यक्ति मीठे या शुगर वाली ड्रिंक्स की जगह ब्लैक कॉफी पीता है, तो इससे कैलोरी डेफिसिट बनाने में मदद मिल सकती है, जो वजन घटाने के लिए जरूरी है।
हालांकि, सिर्फ कॉफी के सहारे वजन कम करना संभव नहीं है। कैफीन से मिलने वाला मेटाबॉलिक फायदा बहुत सीमित होता है और नियमित कॉफी पीने वालों में समय के साथ इसका असर कम हो जाता है। शरीर कैफीन का आदी हो जाता है, जिससे फैट बर्निंग का प्रभाव घट जाता है। स्थायी वजन घटाने के लिए संतुलित डाइट, पोर्शन कंट्रोल, नियमित एक्सरसाइज और अच्छी नींद बेहद जरूरी हैं।
ज्यादा कॉफी पीना नुकसानदायक भी हो सकता है। अधिक कैफीन लेने से शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं, जो लंबे समय तक ज्यादा रहने पर पेट के आसपास चर्बी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, ज्यादा कॉफी नींद को खराब कर सकती है और नींद की कमी सीधे तौर पर वजन बढ़ने, ज्यादा भूख लगने और इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी होती है। वहीं, अगर कॉफी में चीनी, फ्लेवर्ड क्रीमर या क्रीम मिलाई जाए, तो उसकी कैलोरी काफी बढ़ जाती है और वजन घटाने का फायदा खत्म हो जाता है।
पोषण के लिहाज से देखा जाए तो लंबे समय तक वजन घटाने के लिए संतुलित जीवन शैली सबसे अहम है। पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर युक्त आहार, हेल्दी फैट्स, नियमित शारीरिक गतिविधि और अच्छी नींद किसी भी एक ड्रिंक से कहीं ज्यादा प्रभावी होते हैं। कॉफी का इस्तेमाल सिर्फ सपोर्ट के तौर पर किया जा सकता है, जैसे एक्सरसाइज से पहले ब्लैक कॉफी पीना, ताकि एनर्जी और फोकस बढ़े।
कॉफी कोई जादुई फैट बर्नर नहीं है, लेकिन सीमित मात्रा में और बिना चीनी या क्रीम के पी जाए, तो यह वजन घटाने की प्रक्रिया में सहायक हो सकती है। इसके फायदे सीमित और अस्थायी हैं। सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ ही कॉफी का वास्तविक लाभ मिलता है। कॉफी को इलाज नहीं, बल्कि एक सहायक विकल्प मानना ही वजन घटाने का सुरक्षित और टिकाऊ तरीका है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।