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Written By: Editorial Team | Published : March 5, 2018 1:33 PM IST
कोलेस्ट्रॉल को हमेशा से हमारे दिल का दुश्मन और दिल की सेहत के लिए ख़राब बताया जाता रहा है। जब भी इस शब्द का कहीं उल्लेख होता है तो आपको लगता है कि यह आपके दिल को कुछ ना कुछ नुकसान पहुंचाने वाला है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह एक ग़लत सोच है जिसे हम बहुत समय से सच मानते आ रहे हैं। जी हां, ऐसा कहा जा रहा है कि कोलेस्ट्रॉल भी शरीर और हमारी सेहत के लिए आवश्यक है। इसलिए, हमने डॉ. हरेश मेहता (इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, हिंदुजा हेल्थकेयर सर्जिकल, खार) से बात की और उनसे जानने की कोशिश की कि क्या सचमुच कोलेस्ट्रॉल दिल के लिए बुरा नहें है। यह रहा उनका जवाब,
'क्या कोलेस्ट्रॉल सचमुच हृदय रोग का कारण है? क्या कोलेस्ट्रॉल कम करने से सेहत को मदद मिलती है? स्टैटिन (कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाली दवाएं) फायदेमंद हैं या नुकसानदायक? सोशल मीडिया और इंटरनेट पर तरह तरह की जानकारियां भरी पड़ी हैं, जिसकी वजह से आप भ्रम में पड़ सकते हैं।
'कोलेस्ट्रॉल के बारे में एक जो सबसे बड़ा सच है, वह यह है कि यह शरीर की हर कोशिका का एक अनिवार्य हिस्सा है। हमारे शरीर को आहार के ज़रिये कोलेस्ट्रॉल की ज़रूरत के लगभग एक-तिहाई हिस्से की ज़रूरत पड़ती है, जबकि कोलेस्ट्रॉल का लगभग दो-तिहाई उत्पादन शरीर में (लीवर द्वारा) किया जाता है। 'एलडीएल कोलेस्ट्रॉल' (ख़राब कोलेस्ट्रॉल) का उच्च स्तर कार्डियोवास्कुलर रोग के जोखिम से जुड़ा है, जबकि 'एचडीएल कोलेस्ट्रॉल' (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) का उच्च स्तर सुरक्षात्मक है।
'रिसर्च से पता चलता है कि हम जो कोलेस्ट्रॉल खाते हैं उसकी मात्रा और प्रकार खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है। डायटरी फैट खासकर सैचुरेटेड और ट्रांस फैट खून में कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है। याद रखें कि खून में हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर दिल की बीमारी का ख़तरा बढ़ाता है, जबकि इसका कम स्तर खतरे को कम करते हैं। हाई एचडीएल कोलेस्ट्रोल लेवल हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
'1984 में,' नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (यूएसए) 'ने कहा: यह बात साबित करने की कोशिश की गयी है कि एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम करने से कोरोनरी हृदय रोग और उसके चलते होनेवाले हार्ट अटैक्स का ख़तरा कम हो जाएगा।
'हालांकि, कुछ ऐसे समूह हैं जो कोलेस्ट्रॉल लिपिड हाइपोथेसिस से जुड़ा विवाद करते हैं। 2015 में, एक पेपर में बताया गया कि हाई कोलेस्ट्रॉल के स्तर वाले 9 2 प्रतिशत लोग ज़्यादा दिनों तक जीवित रहते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस विषय में काफी चर्चा भी हुई।
'कोलेस्ट्रॉल से जुड़े भ्रम को कम करने के लिए, एक विस्तृत मेडिकल समीक्षा की गई और 2016 में सम्मानित चिकित्सा पत्रिकाओं में से एक, लैनसेट (Lancet) में इसे प्रकाशित किया गया। इससे पता चला कि स्टेटिन थेरेपी लेने से दिल के दौरे और स्ट्रोक से बचने वाले लोगों की संख्या उन लोगों से ज़्यादा है, जिनमें इसके साइड इफेक्टस दिखायी पड़ते हैं। इसके अलावा, स्टेटिन थेरेपी रोककर अधिकतर दुष्प्रभावों को निष्क्रिय किया जा सकता है। लेकिन, दिल के दौरे या स्ट्रोक के प्रभाव गंभीर और ख़तरनाक होते हैं। इसलिए, कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए सबसे ज़रूरी कदम है एक अच्छी डायट, नियमित वॉक (या एरोबिक एक्सरसाइज़) और एक हेल्दी लाइफ स्टाइल।’
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अनुवादक: Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत: Shutterstock Images.