CT Scan में इस्तेमाल होने वाली Iodine Dye से बढ़ सकता है थायराइड का खतरा? नई रिसर्च में खुलासा

सीटी स्कैन में इस्तेमाल वाले वाला डाई थायराइड का कारण बन सकता है। इस पर एक रिसर्च में खुलासा किया गया है। जानें, क्यों आयोडीन डाई बनता है थायराइड का कारण-

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Written By: Anju Rawat | Published : May 26, 2026 3:18 PM IST

क्या आपने कभी सीटी स्कैन या एंजियोग्राफी कराई है? अगर हां, तो आपने आयोडीन डाई के बारे में जरूर सुना होगा। लेकिन, अगर आपको आयोडीन डाई के बारे में पता नहीं है, तो आपको बता दें कि आजकल सीटी स्कैन, एंजियोग्राफी और कई तरह के दूसरे इमेजिंग टेस्ट में कॉन्ट्रास्ट मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें आयोडीन रिच डाई होती है, जो शरीर के अंदर की तस्वीरों को साफ दिखाने में मदद करती है। लेकिन, एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि इमेजिंग टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली आयोडीन डाई, थायराइड के खतरे को बढ़ाती है। वहीं, जिन लोगों को पहले से थायराइड है, उनमें ज्यादा दिक्कत बढ़ सकती है।

आपको बता दें कि आयोडीन डाई को आयोडीन कॉन्ट्रास्ट एजेंट भी कहा जाता है। इसे इमेजिंग टेस्ट जैसे सीटी स्कैन, एजियोग्राफी या एक्स-रे के दौरान शरीर में इंजेक्ट किया जाता है।

क्या कहती है रिसर्च

इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की है कि आयोडीन डाई लेने के बाद किन लोगों में हाइपरथायराइडिज्म का खतरा बढ़ सकता है।

thyroid research and practice journal में प्रकाशित एक रिसर्च में सामने आया है कि कॉन्ट्रास्ट डाई में आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है। इससे कुछ लोगों में आयोडीन की मात्रा बढ़ने से थायराइड ग्रंथि ज्यादा एक्टिव हो जाती है और हार्मोन का उत्पादन ज्यादा करने लगती है, इससे हाइपरथायराइडिज्म का रिस्क बढ़ जाता है।

आपको बता दें कि हाइपरथायराइडिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन का उत्पादन करने लगती है। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और वजन तेजी से कम होने लगता है।

इन लोगों को है ज्यादा खतरा

रिसर्च में साबित हुआ है कि आयोडीन डाई से कुछ ही लोगों में थायराइड का जोखिम बढ़ता है। यानी कुछ ही लोगों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। इसमें शामिल हैं-

  • जिन लोगों के गले में सूजन है, उनमें हाइपरथायराइडिज्म का रिस्क ज्यादा होता है।
  • बुजुर्ग लोगों में आयोडीन डाई की वजह से थायराइड का खतरा बढ़ सकता है।
  • जिन लोगों को हृदय से जुड़ी कोई बीमारी है उनमें भी इसका जोखिम ज्यादा होता है।
  • इसके अलावा, जिन लोगों को पहले से ही थायराइड की कोई बीमारी है, उनमें भी खतरा बढ़ सकता है।
  • दरअसल, इन लोगों में कॉन्ट्रास्ट डाई के बाद थायराइड हार्मोन असंतुलित पाया गया, इसलिए इनमें खतरा ज्यादा हो सकता है।

हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण

अगर आपको कॉन्ट्रास्ट डाई के बाद कुछ लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें। ये हाइपरथायराइडिज्म का संकेत हो सकते हैं।

  • घबराहट और बेचैनी महसूस होना
  • वजन कम होना
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • ज्यादा पसीना आना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • हाथों में कंपकंपी होना

रिसर्च में बताया गया है कि कुछ मरीजों में ये लक्षण सिर्फ कुछ समय के लिए हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है और घबराएं बिल्कुल नहीं। शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादातर मरीजों के लिए कॉन्ट्रास्ट डाई को सुरक्षित माना जाता है। लेकिन, अगर किसी व्यक्ति को पहले से थायराइड की बीमारी है, तो इमेजिंग टेस्ट कराने से पहले डॉक्टर को जरूर बताएं।

Disclaimer: इमेजिंग टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली कॉन्ट्रास्ट डाई सुरक्षित होती है। लेकिन, कुछ लोगों में यह डाई हाइपरथायराइडिज्म का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, ऐसा हर व्यक्ति के साथ नहीं होता है। जिन लोगों को पहले से थायराइड की बीमारी है, उनमें ज्यादा रिस्क रहता है। इसलिए डॉक्टर को मेडिकल हिस्ट्री बताना बहुत जरूरी है।

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