
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 26, 2021 5:03 PM IST
Inflammatory Bowel Disease: इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज का लक्षण है पतली दस्त होना, बड़ी आंत में बन जाता है घाव
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) वह स्थिति होती है जिसमें डाइजेस्टिक ट्रेक में सूजन आ जाती है। यह दो प्रकार के होते हैं- अल्सरेटिव कोलाइटिस (ulcerative colitis)और क्रोहन रोग (Crohn's disease आते हैं। इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) होने पर बड़ी आंत में सूजन आ जाती है और कभी कभी घाव भी बन जाता है।
अगर आपको मल त्याग करने में या पेट में दर्द जैसी दिक्कत हो तो समझ लें ये आंत में कुछ गड़बड़ी का संकेत है। ऐसी स्थिति में तुंरत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज हर बार खतरनाक नहीं होती हैं, लेकिन यह सच है कि यह एक गंभीर बीमारी है जो जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
अभी तक इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के होने का कारण किसी को पता नहीं है। अब तक के शोधों में डॉक्टर डाइट और स्ट्रेस को इसका कारण मानते थे। लेकिन हाल ही में हुए शोधों में यह साफ हो गया है कि इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज होने का कारण सिर्फ ये नहीं हैं। हालांकि डॉक्टर प्रतिरक्षा प्रणाली की खराबी को एक संभावित कारण मानते हैं। जब किसी व्यक्ति का पाचन तंत्र पेट में मौजूद वायरस या बैक्टीरिया से लड़ नहीं पाता है तो असामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पाचन तंत्र में कोशिकाओं पर हमला करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली का कारण बनती है। फैमिली हिस्ट्री भी इस रोग के होने के पीछे बड़ी भूमिका निभाती है। हालांकि कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं जिनके परिवार में किसी को इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज नहीं होती है लेकिन वे फिर भी इसका शिकार बनते हैं।
डॉक्टर्स कहते हैं कि इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज को रोकने का कोई तरीका नहीं है। लेकिन हां सावधानी बरतकर इसके जोखिम को जरूर कम किया जा सकता है। जो आइए जानते हैं इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज से किस तरह बचा जा सकता है-
अगर इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) के इलाज की बात करें तो डॉक्टर मरीज की स्थिति देखकर करते हैं। हालांकि पाचन तंत्र की सूजन को कम करने और आंत को नुकसान न हो इसलिए डॉक्टर ज्यादातर मामलों में शुरुआती इलाज एंटी-इन्फ्लेमेट्री दवाएं देकर शुरू करते हैं। सर्जरी के द्वारा भी इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) का इलाज किया जाता है। संकुचित आंत को चौड़ा करने के लिए स्ट्रिक्च्रप्लास्टी (Strictureplasty) भी दी जा सकती है।