Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Infection in monsoon: बारिश का मौसम गर्मियों से परेशान लोगों के लिए एक तोहफा बन कर आता है, जिससे कुछ दिनों तक परेशान कर देने वाली गर्मियों से लोगों को छुटकारा मिलता हैं। गर्मियों में आने वाली बारिश में छोटे से लेकर बड़े लोग नहाने का आनंद लेते हैं। लेकिन कई बार इससे जुड़ी कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो जाती हैं, जिसका हमारी हेल्थ पर गंभीर असर पड़ता है। बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं होना आम बात है, लेकिन इस दौरान कई बार कान में इन्फेक्शन भी हो जाता है। दरअसल, बारिश के पानी के साथ कान के आसपास लगी गंदगी अंदर चली जाती है और इस कारण से कान में इन्फेक्शन होने लगता है। साथ ही बारिश के मौसम में नमी बढ़ जाती है और इस कारण से बैक्टीरियल संक्रमण बढ़ने का कारण ज्यादा बढ़ जाता है और ऐसे में बारिश में भीगे बिना ही कान में संक्रमण बन जाता है। अगर आपको निम्न लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से इसकी जांच जरूर कराएं।
ऐसा खासतौर पर बारिश में भीगने के बाद महसूस होता है और हमें लगता है कि शायद कान में पानी चला गया है। लेकिन अगर दो या तीन दिन से लगातार ऐसा महसूस हो रहा है, तो पानी में भीगने के कारण नहीं बल्कि कान में इन्फेक्शन होने के कारण हो गया है। कई बार ऐसा बिना बारिश में भीगे भी होने लगता है, जो आमतौर पर मौसम की नमी के कारण होता है।
कान में खुजली होना होना वैसे तो आम माना जाता है, लेकिन अगर आपको बार-बार तेज खुजली हो रही है तो ऐसा आमतौर पर कान में इन्फेक्शन के कारण होता है। कान का इन्फेक्शन बढ़ने के बाद कई बार कान में तेज दर्द भी होना लगता है। अगर कान में तेज खुजली व दर्द महसूस होता है, तो यह कान में इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।
कान के अंदर खुजली व दर्द होने के साथ-साथ कान के बाहरी हिस्से में सूजन व लालिमा होना आमतौर पर कान में गंभीर इन्फेक्शन का संकेत देता है। ऐसे मामलों में बिना देरी किए जल्द से जल्द डॉक्टर से बाद कर लेनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कान में बढ़ा हुआ इन्फेक्शन कान के किसी अंदरूनी हिस्से जैसे पर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
शरीर के किसी भी हिस्से में इन्फेक्शन होने पर वहां पर पस व अन्य द्रव बनने लगते हैं और ऐसा ही कान में इन्फेक्शन के मामलों में होता है। अगर आपके कान में ज्यादा इंफेक्शन हो गया है, तो ऐसे में कान से पस जैसे सफेद या पीले रंग का द्रव निकलने लग सकता है।
कान के अंदरूनी हिस्से में संक्रमण होने के कारण द्रव बन जाता है, जिससे कान की अंदर की नलिका (Ear canal) पस बनने के कारण रुक जाती है और कम सुनाई देने लगता है। ऐसे में हमें दोनों कानों में आने वाली आवाज में अंदर महसूस होता है और प्रभावित कान से कम आवाज आने लगती है।