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Written By: Anshumala | Updated : January 17, 2020 10:06 AM IST
भारत की पहली एंटी एजिंग और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर कॉन्फ्रेंस का आयोजन। © Shutterstock.
इंटीग्रेटिव व प्रिवेंटिव मेडिसिन स्टेकहोल्डर्स को डॉक्टर बीके मोदी के स्मार्ट ग्रुप द्वारा 2 दिन की कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया गया है। इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन स्मार्ट ग्रुप द्वारा अमेरिकन अकैडमी ऑफ एंटी एजिंग मेडिसिन (ए4एम) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
अपने क्षेत्र के विस्तार की उम्मीद रखने वाले डॉक्टर, एक्सपर्ट्स, जेनरल प्रेक्टिश्नर, न्यूट्रिशनिस्ट, ऑल्टरनेटिव मेडिसिन प्रेक्टिशनर और हेल्थ केयर के अन्य स्टेकहोल्डर 18 व 19 जनवरी 2020 को दिल्ली के हयात रीजेंसी में कॉन्फ्रेंस के लिए एकत्रित होंगे, जहां निवारक स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में चर्चा की जाएगी।
अमेरिका, कनाडा व भारत के प्रिवेंटिव व इंटीग्रेटेड मेडिसिन के कुछ लीडरर्स इंटरमिटेंट फास्टिंग, गट मेटाबॉलिज्म, सूजन से बचाव, किसी भी उम्र में याद रखने की क्षमता में सुधार, जीनोमिक्स और रीजेनेरेटिव मेडिसिन आदि पर चर्चा करेंगे, जिनका एंडोर्समेंट आमतौर पर बॉडीवुड, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स के जाने-माने सिलेब्रिटीज द्वारा किया जाता है।
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स्मार्ट ग्रुप के संस्थापक व चेयरमैन, डॉक्टर बीके मोदी ने बताया कि, “मैं एक ऐसी दुनिया देखता हूं, जहां लोग 100 की उम्र में भी एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन (Healthy life) का आनंद ले सकें। यह कार्यक्रम और इससे जुड़े डॉक्टर मिलकर एक ऐसा उपाय निकालेंगे, जिसकी मदद से हम वाकई में ऐसी दुनिया बना सकेंगे। मुझे खुशी है कि मैं लोगों को एक नया जीवन देने की तरफ काम कर सकूंगा।”
डॉक्टर एंड्रिउ हेमैन (एमडी, एमएचएसए), डॉक्टर डैनियार जुमानियाजोव (एमडी, पीएचडी), डॉक्टर ब्रायन डेलाने (पीएचडी) आदि ए4एम से दुनियाभर में प्रसिद्ध स्पीकर और भारतीय हेल्थ लीडर्स जैसे डॉक्टर नरेश त्रिहान, सिलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट, डॉक्टर अंजली हूडा, स्टेम सेल सोसाइटी के डॉक्टर आलोक शर्मा आदि सभी चर्चा में हिस्सा लेकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।
स्मार्ट भारत की चेयरमैन, प्रीति मल्होत्रा ने इस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बनने के महत्व के बारे में बात करते हुए कहा कि, “विश्व स्तर पर, इंटीग्रेटिव व फंक्शनल मेडिसिन परंपरागत विकल्पों से आगे निकल कर इलाज को बेहद आसान और सुरक्षित बना रही है। यह मायने नहीं रखता है कि आप एमडी हैं या जीपी, आपको यह पता होना चाहिए कि मनुष्य का शरीर तनाव या लाइफस्टाइल की समस्याओं को लेकर कैसी प्रतिक्रिया देता है। समय के साथ मेडिकल इंडस्ट्री में लगातार प्रगति हो रही है।”