
डॉ. पंकज शर्मा
डॉ. पंकज शर्मा दिल्ली एक प्रसिद्ध जनरल, लैप्रोस्कोपिक और बैरिएट्रिक सर्जन हैं। इस समय वह फोर्टिस ... Read More
Obesity Problem: आजकल ज्यादातर लोग मोटापे से परेशान हैं। कई लोग मोटापे को लेकर सजग होते हैं और अपने वजन को कंट्रोल में करने की कोशिश करते हैं। लेकिन, कई लोग खासकर 20 से 30 वर्ष की उम्र के लोग अपने बढ़ते वजन को हल्के में ले लेते हैं। वे अक्सर यह कहकर टाल देते हैं कि- “अभी उम्र ही क्या है”, “थोड़ा बेबी फैट ही तो है” या “शादी के बाद कम कर लेंगे।” लेकिन आपको बता दें कि इस उम्र में बढ़ता वजन केवल बाहरी बदलाव नहीं, बल्कि अंदरूनी खराब स्वास्थ्य का संकेत भी हो सकता है।
20 की उम्र में वजन बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
लेकिन समस्या सिर्फ बढ़ा हुआ वजन नहीं है। बल्कि, यह बढ़ा हुआ वजन या चर्बी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। कई बार विसरल फैट का खतरा बढ़ जाता है। विसरल फैट वह होता है, जो पेट के अंदरूनी हिस्सों जैसे-लिवर, अग्न्याशय और आंतों के आसपास जमा होता है। इस स्थिति में शरीर बाहर से मोटा नहीं दिखता है, लेकिन शरीर में अंदर से विसरल फैट बढ़ जाता है।
दरअसल, 20 की उम्र शरीर के मेटाबॉलिज्म के लिए निर्णायक समय होता है। अगर इस समय पर वजन तेजी से बढ़ता है और इसे नियंत्रित नहीं किया जाता, तो 30 की उम्र तक यह मेटाबॉलिक सिंड्रोम का रूप ले सकता है। इसलिए ही यंग ऐज में मोटापे को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जिन मामलों में मोटापा गंभीर स्तर पर पहुंच जाता है और व्यक्ति को कई अन्य बीमारियां भी हो जाती हैं, तो इस स्थिति में बैरियाट्रिक सर्जरी को काफी सुरक्षित और प्रभावी विकल्प माना जाता है। पेट के आसपास बढ़ती चर्बी को सिर्फ फिगर या लुक्स का मुद्दा बिल्कुल न समझें। यह शरीर के भीतर चल रही मेटाबॉलिक गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।