
Also Read
क्या होता है गाउट और इसका यूरिक एसिड से क्या नाता है?
High Uric Acid Problem : शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से हाई ब्लड प्रेशर से लेकर जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं। हमारे शरीर में कुछ मात्रा में हमेशा के लिए यूरिक एसिड मौजूद होते हैं, जो यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन शरीर में इसकी मात्रा जरूरत से अधिक हो जाती है, तो यह कई खतरनाक बीमारियों (High Uric Acid Problem ) को दावत देता है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, अधिक व्रत रखने से या फिर अपने डाइट में अधिक प्रोटीन जैसे-राजमा, पनीर, रेड मीट, सी फूड्स इत्यादि चीजों को शामिल करने से यूरिक एसिड बढ़ता है। हालांकि, बहुत से लोग हाई यूरिक एसिड को अधिक गंभीरता से नहीं लेते हैं, वहीं रिसर्च में खुलासा हुआ है कि दुनिया में हर 5 में से एक व्यक्ति हाई यूरिक एसिड की समस्या का शिकार होता है। ऐसे में आइए जानते हैं यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर में किस तरह की बीमारियां (High Uric Acid Problem ) हो सकती हैं।
गाउट, गठिया का एक प्रकार है, जो शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण होता है। जोड़ों में दर्द और सूजन इस बीमारी के आम लक्षण होते हैं। गाउट से पीड़ित व्यक्ति को चलने, उठने और बैठने में काफी परेशानी होती है। इसके साथ ही इसके कारण हाथ-पैरों में चुभन और असहनीय दर्द होता है। हाई यूरिक एसिड के मरीजों में एसिड के छोट-छोटे क्रिस्टल्स के फॉर्म हाथ-पैरों के जोड़ों में जमा हो जाते हैं। इसकी वजह से लोगों में गाउट की होने का खतरा बढ़ जाता है।
हाई यूरिक एसिड बढ़ने से किडनी रोग का खतरा भी बढ़ता है। शरीर में किडनी एक प्रमुख अंग है, जिसका कार्य शरीर से टॉक्सिन पदार्थों को बाहन निकालना, लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो इसका प्रभाव हमारी किडनी पर पड़ती है। इससे किडनी की कार्य क्षमता काफी कमजोर हो जाती है और ये सुचारू रूप फिल्टर नहीं कर पाते हैं। ऐसे में शरीर में विषैले पदार्थ रह जाते हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर में सूजन आ जाती है, जिससे शारीरिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही यूरिक एसिड के कारण शरीर में मेटाबॉलिक रेट भी कम होता है। इस कारण हाई यूरिक एसिड के मरीजों का वजन भी कंट्रोल में नहीं रह पाता है और वे मोटापे के शिकार हो जाते हैं। वहीं, हाई यूरिक एसिड के मरीजों में कई तरह की परेशानियां होने के कारण वे स्ट्रेस से भी घिर सकते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्लड में जब यूरिक एसिड का लेवल जब इर्रेगुलर हो जाता है, तो इससे इंसुलिन लेवल भी प्रभावित होता है। इसी वजह से जिन लोगों में हाई यूरिक एसिड की समस्या होती है, उन्हें डायबिटीज का खतरा भी अधिक होता है।
हाई यूरिक एसिड से पीड़ित मरीजों को फिजिकली फिट होना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए उन्हें खूब पान पीना चाहिए। साथ ही नियमित रूप से एक्सरसाइज भी करें। अपने डाइट में प्यूरीन प्रोटीन युक्त भोजन को शामिल करने से बचें और दिन में कुछ समय के अंतराल पर हेल्दी फूड खाते रहें।
वर्ल्ड ब्रेन डे 2020: ब्रेन डिसऑर्डर क्या है? जानें, इसके प्रकार और लक्षण
क्या सुशांत सिंह राजपूत 'बाइपोलर डिसऑर्डर' से थे ग्रस्त? जानिए इसके लक्षण
World Brain Day 2020: कैसे काम करता है आपका दिमाग? जानें मस्तिष्क से संबंधित रोचक तथ्य