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डिलीवरी के दौरान या बाद में कई महिलाएं थायराइड जैसे गंभीर रोग का शिकार हो जाती हैं। माना जाता है कि एक बार यह रोग होने पर जिंदगीभर इसकी दवाएं लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होता। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार बैलेंस डाइट और अच्छी दिनचर्या से आप थायराइड को कंट्रोल कर सकते हैं। महिलाओं में थायराइड होने के कई कारण हैं। जिसमें वायरल इंफेक्शन, स्ट्रेस, डिलीवरी के बाद फिजिकल चेंज, हार्मोनल चेंज और आयोडीन की कमी आदि प्रमुख हैं। लगातार थकान, वजन बढ़ना, पीरियड साइकिल गड़बड़ाना, ठंड लगना, हेयर फॉल आदि हाइपोथायरायडिज्म के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। कुछ सुपरफूड हाइपोथायरायडिज्म को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने और थायराइड ग्रंथि की रक्षा करने में मदद करता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार विटामिन ई थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बढ़ावा देता है। यह हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद रहता है। इसी के साथ इस विटामिन से थकान, चिड़चिड़ापन और वजन बढ़ने जैसी परेशानियां भी कम होती हैं। वीट ग्रेन ऑयल, सनफ्लावर ऑयल, आलमंड ऑयल आदि विटामिन ई का रिच सोर्स होते हैं।
विटामिन बी हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक होता है। कुछ विटामिन बी, जैसे कि विटामिन बी 12 और बी 6 थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन के लिए बेहद जरूरी होते हैं। शोध बताते हैं कि विटामिन बी 12 थायराइड एंटीबॉडी के लेवल को कम करने में मदद करता है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही एनर्जी भी देता है। मूंगफली, सनफ्लॉवर सीड्स, टूना फिश आदि विटामिन बी से भरपूर होते हैं।
विटामिन सी सिर्फ थायराइड ही नहीं आपके शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मददगार है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो थायराइड के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही यह थायराइड ग्लेंड की सूजन कम करने में भी मददगार होता है। आंवला, संतरा, नींबू, अंगूर, जामुन, कीवी जैसे खट्टे रसीले फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं। इसी के साथ टमाटर, ब्रोकली, कटहल, चुकंदर, पालक में भी विटामिन सी पाया जाता है।
थायराइड को कंट्रोल करने में मैग्नीशियम अहम रोल निभाता है। यह थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। इसी के साथ यह ऐसे एंजाइम फंक्शन को बढ़ावा देता है, जो मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी होते हैं। अपनी नियमित डाइट में बादाम, काजू, पंपकिन सीड्स, डार्क चॉकलेट, क्विनोआ आदि को शामिल करके आप भरपूर मैग्नीशियम पा सकते हैं।
सेलेनियम थायरोक्सिन और ट्राईआयोडोथायरोनिन जैसे थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए आवश्यक है। ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है। सेलेनियम एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो थायराइड ग्रंथि को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है। ब्राजील नट, टूना फिश, सनफ्लॉवर सीड्स, मशरूम और सार्डिन चिकन आदि के सेवन से आपको सेलेनियम मिलता है।