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Written By: Yogita Yadav | Published : November 2, 2018 5:44 PM IST
इस तरह सोकर वजन के कारण आपके फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा आप अपने वजन को घटाने के बारे में विचार करें और नियमित रूप से व्यायाम करें। © Shutterstock.
सोते-सोते अचानक सांस रुक जाना, नींद टूट जाना, गले में कुछ फंसने का सा अनुभव होना यह सोते समय सांस लेने में दिक्कत आने के लक्षण होते हैं। सांस लेने में तकलीफ का होना एक गंभीर स्थिति है और इसमें तत्काल चिकित्सकीय परामर्श की जरूरत होती है। पर क्या आप जानते हैं कि क्या होते हैं इस गंभीर स्थिति के कारण ?
सोते समय सांस में तकलीफ के विभिन्न कारण
आकस्मिक भय विकार, खर्राटे, श्वासप्रणाली में संक्रमण (respiratory infections), क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस (सीओपीडी) और स्लीप एप्निया आदि के कारण सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती है। स्लीप एप्निया सोते समय सांस लेने में कमी आमतौर पर वायुमार्ग की बाधा के कारण होती है। खाने के तुरंत बाद लेटने से सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। यह भी पढ़ें - बढ़ते तनाव की ओर भी इशारा करती हैं उबासियां, जानें इसके कारण
मोटापा भी है एक बड़ा कारण - यदि आप मोटापे से ग्रस्त हैं या आपका अत्यधिक वजन हैं, तो आपको सोते समय सांस लेने में परेशानी का अनुभव हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अतिरिक्त वजन फेफड़ों और डायाफ्राम पर दबाव डालता है। तंग कपड़े पहनने से भी यह भावना हो सकती है। कुछ मामलों में, सांस लेने में तकलीफ चिकित्सा आपातकाल या मेडिकल एमरजेंसी की ओर इशारा करता है। यह हार्ट फेलियर का कारण हो सकता है। यह भी पढ़ें – डायबिटीज से हैं पीड़ित और सेलिब्रेट करनी है दिवाली, तो अपनाएं ये टिप्स
सोते समय सांस की तकलीफ के लक्षण
सोने में कठिनाई
दिन के दौरान थका हुआ लगना
सोते समय खर्राटे
सिरदर्द के साथ जागना
गले में दर्द के साथ जागना
पुरानी खांसी
काम करते समय सांस लेने में कठिनाई
घरघराहट
लगातार छाती का संक्रमण, जैसे ब्रोंकाइटिस
ये भी हो सकते हैं लक्षण
सोते समय सांस लेने में दिक्कत के उपाय
श्वसन संक्रमण – यदि आपको रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन यानी सांस में संक्रमण की समस्या है जो सोते समय सांस लेने में कठिनाई का कारण बनता है, तो आपका डॉक्टर संक्रमण दूर करने में मदद के लिए एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाएं लिख सकता है। हालांकि ज्यादातर मामलों में मामूली चेस्ट पेन किसी भी दवा के उपयोग के बिना ठीक हो सकता है।
मोटापा - आप पीठ की बजाय साइड में सोकर सोने से मोटापे के कारण अस्थायी रूप से सांस लेने की समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। साइड से सोकर वजन के कारण आपके फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा आप अपने वजन को घटाने के बारे में विचार करें और नियमित रूप से व्यायाम करें। मोटापा कम करने से भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को रोकने में मदद मिल सकती है। जबरदस्त कॉम्बीनेशन है गुड़ और मूंगफली, बच्चों से लेकर बड़ों तक को होता है फायदा
सीओपीडी - क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीस (सीओपी) के लिए कोई इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन आप तेजी से फास्ट एक्टिंग इनहेलर्स या फेफड़ों के संक्रमण को दूर करने के लिए उपयोग की जाने वाली अन्य दवाओं के साथ सांस लेने में कठिनाइयों से छुटकारा पा सकते हैं।
स्लीप एप्निया - यदि स्लीप एप्निया की वजह से आपको सोते समय सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो आप माउथ गार्ड या सीपीएपी मशीन की सहायता ले सकते हैं। इन सबके अलावा आप अपने तनाव को कम करके भी सोते समय सांस लेने में परेशानी को दूर कर सकते हैं।
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