
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 15, 2026 6:01 PM IST
“मर्द को कभी दर्द नहीं होता” ये डायलोग आपने भी बहुत बार सुना होगा, लेकिन सच्चाई ये है कि उम्र के साथ-साथ मर्द को भी दर्द होने लगता है। उम्र का मतलब यह नहीं है कि हम बुढ़ापे की बात कर रहे हैं, बल्कि आजकल खराब जीवनशैली, खराब खानपान और धूम्रपान व शराब के सेवन जैसी आदतें मर्द को जल्दी बूढ़ा बना रही हैं और 30 की उम्र के बाद उन्हें कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि पुरुषों में इसके कारण कई गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। लेकिन इसमें चिंता वाली बात यह है कि कुछ बीमारियां शुरुआती दौर में बिना लक्षणों के सामने आती हैं और जब तक उसका पता चलता है, तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि इसका समाधान क्या है फिर। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच करवाना स्थिति को गंभीर होने से बचा सकता है। तो आइए हम आपको बताते हैं कौन सी बीमारियों और उनके संकेतों पर आपको ध्यान देना चाहिए।
वर्षों के अध्ययन बताते हैं कि पुरुषों में हृदय रोग का खतरा महिलाओं की तुलना में कम उम्र से ही शुरू हो जाता है। इसके पीछे हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और तनाव मुख्य कारण होते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों के अनुसार 30–35 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी जैसी जांच करवाते रहनी चाहिए। वहीं यदि परिवार में हार्ट डिजीज का कोई पुराना इतिहास रहा है, तो जांच और पहले शुरू कर देनी चाहिए, तभी आप खुद को हार्ट अटैक के खतरे से बचा सकते हैं।
वहीं गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण पुरुषों में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ता है। ऐसे में 35–40 वर्ष की उम्र के बाद आप फास्टिंग शुगर और पोस्ट प्रांडियल शुगर जैसे टेस्ट नियमित रूप से करवाना शुरू कर दीजिए। जब आपको स्थिति का समय रहते पता चल जाता है तो डायबिटीज को कंट्रोल करना आसान हो जाता है और किडनी, आंखों व नसों को होने वाले नुकसान से समय रहते बचा जा सकता है।
कुछ स्टडी में पाया गया है कि फेफड़ों का कैंसर और लिवर कैंसर का खतरा पुरुषों में अधिक पाया जाता है और बाकि कैंसर के मुकाबले अधिक होता है। डॉक्टर बताते हैं कि 45–50 वर्ष की उम्र के बाद प्रोस्टेट टेस्ट शुरू कर देना लाभकारी सिद्ध होता है। वही धूम्रपान करने वालों को 40 वर्ष के बाद लंग्स की जांच और लिवर से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों को लिवर फंक्शन टेस्ट व अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए। इससे वह खतरे को सही समय से पहचान पाते हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं कि पुरुषों को सही उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने से बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में चल जाता है। इसका सबसे बड़ा लाभ होता है कि इलाज आसान और प्रभावी तरीके से हो जाता है। इसलिए साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाएं। संतुलित आहार का सेवन करें, नियमित व्यायाम करें और नशे से दूरी बनाएं। यह तरीके पुरुषों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने और लंबा जीवन जीने में मदद कर सकते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।