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Written By: Yogita Yadav | Published : August 22, 2019 6:43 PM IST
मॉनसूनी बीमारियों से बचाने में तुलसी के पत्तों को लाभदायक माना जाता है। पर अगर आप अपनी इम्यूनिटी बढ़ाना चाहत हैं, तो आपको तुलसी के पत्तों के सेवन में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। © Shutterstock
तुलसी (Basil benefits) भारतीय परिवारों में पूजनीय पौधा माना जाता है। इसके खास गुणों के कारण आयुर्वेद ने भी इसे औषधि (Basil benefits) की संज्ञा दी है। एक अकेला तुलसी का पौधा कई तरह की बीमारियों से बचाव करता है। आइए जानें क्या हैं तुलसी के पत्तों के सेवन के फायदे और कैसे करना चाहिए इनका सेवन।
अगर आप जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं तो इसका अर्थ है कि आपकी इम्यूनिटी बहुत कमजोर है। इसे बूस्ट करने के लिए आपको सुबह खाली पेट तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए। इसके लिए तुलसी के 5 पत्ते या तो चूसें या फिर इनका रस पिएं। इससे सर्दी-खांसी से राहत मिलती है, इम्यून सिस्टम बेहतर होता है और व्यक्ति का मानसिक तनाव भी दूर होता है।
मॉनसून यानी बरसात के मौसम में अकसर सर्दी, जुकाम, मौसमी संक्रमण का डर लगा रहता है। अगर इसका संकेत महसूस करें तो फौरन तुलसी के पत्तों की चाय पिएं। इसके लिए अधिक कुछ नहीं करना है। बस तुलसी के पांच पत्ते तोड़कर उन्हें धोएं और चाय के पानी में उबाल लें। इससे मौसमी संक्रमण और सर्दी-खांसी से बचाव होता है।
तुलसी का सेवन करने से रक्त संबंधी विकार भी दूर होते हैं। बरसात के मौसम में होने वाले फोड़ फुंसियों से तुलसी का सेवन करने से निजात मिलती है। किसी व्यक्ति के फेफड़ों में सूजन आ जाए, तो उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ आदि प्रमुख हैं। ऐसे व्यक्ति को डॉक्टरी दवाओं के साथ-साथ तुलसी के पत्तों का लगभग 15 ग्राम रस सुबह-शाम खाली पेट विशेषज्ञ की सलाह से पीना चाहिए।
कई गुणों से भरी तुलसी दांतों के लिए नुकसानदायक होती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे चबाने की बजाए इसे चूसना चाहिए या सीधे निगल लेना चाहिए। तुलसी को दांतों से चबाना नहीं चाहिए, क्योंकि इसमें स्वाभाविक रूप से पारद तत्व की मौजूदगी होती है, जो दांतों के लिए हानिकारक होता है। तुलसी का सेवन खाली दूध के साथ कभी नहीं करना चाहिए।