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Written By: Anshumala | Published : November 4, 2018 2:25 PM IST
Image credits by: सर्दियों के मौसम में पाचन तंत्र ठीक रहता है इसलिए आप प्रोटीन की अधिक मात्रा ले सकते हैं। © Shutterstock
एक अध्ययन से पता चला है कि खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से प्रौढ़ व्यक्तियों में दैनिक क्रियाकलापों के करने की क्षमता संरक्षित रखने और इसके साथ ही अक्षमता के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। अध्ययन में बताया गया है कि ज्यादा प्रोटीन खाने से प्रौढ़ व्यक्तियों में अक्षमता के खतरे को कम किया जा सकता है, जो उन्हें दैनिक क्रियाकलापों व घरेलू गतिविधियों जैसे खुद से खाना, नहाना, कपड़े पहनना और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोकता है।
ब्रिटेन के न्यूकैस्टल विश्वविद्यालय के प्रमुख अध्ययनकर्ता नुनो मेंडोनका ने कहा, "हमारी खोज उस मौजूदा सोच का समर्थन करती है, जिसमें प्रतिदिन प्रोटीन लेने से हमें सक्रिय रहते हैं और स्वस्थ तरीके से बूढ़े होते हैं।" जानें, हर दिन मकरासन करने के लाभ
अध्ययन के लिए उत्तर-पूर्व इंग्लैंड के 722 प्रतिभागियों पर रिसर्च किया गया, जिसमें 60 प्रतिशत महिलाएं थीं। यह अध्ययन अमेरिकन जेरीएट्रिक्स सोसायटी की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
युवाओं की तुलना में कम प्रोटीन लेने वाले प्रौढ़ के खराब स्वास्थ्य की वजह से शारीरिक गतिविधि में कमी आती है और दांत व चेहरे में परिवर्तन होते हैं। अध्ययन के नतीजों से पता चला है कि जो ज्यादा प्रोटीन लेते हैं वे कम प्रोटीन लेने वाले लोगों की तुलना में कम अक्षम होते हैं। दिवाली 2018 : घर को खूबसूरत बनाने के साथ-साथ सेहत भी बनाती है रंगोली
अध्यनकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि प्रौढ़ व्यक्तियों को बॉडी वेट के प्रत्येक 2.2 पाउंड के लिए 1 से 1.2 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
शरीर में प्रोटीन का महत्व
प्रोटीन हमारे लिए बेहद जरूरी होता है। प्रोटीन भोजन का अहम अंग है। यह कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। बच्चे, बूढ़े, जवान यहां तक कि प्रेगनेंट महिलाओं के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन के बिना कोई भी अपने रोजमर्रा के काम पूरे नहीं कर सकता। प्रोटीन की भूमिका शरीर की टूट-फूट की मरम्मत करना होता है। यह शरीर में कोशिकाओं बनाने में मदद करता है साथ ही टूटे हुए तन्तुओं का पुनर्निर्माण होता है। यह पाचक रसों का निर्माण करता है। सिर का आकार छोटा होने के लिए जीका वायरस जिम्मेदार नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्रति किलोग्राम वजन के अनुपात से मनुष्य को एक ग्राम प्रोटीन की आवश्कता होती हैं अर्थात् यदि वजन 50 किलो है तो रोज 50 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
सर्दियों में लें ज्यादा प्रोटीन
सर्दियों के मौसम में पाचन तंत्र ठीक रहता है इसलिए आप प्रोटीन की अधिक मात्रा ले सकते हैं। गर्मी के मौसम में प्रोटीन की मात्रा कम लेनी चाहिए क्योंकि प्रोटीन में कार्बोज-कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। कार्बोज और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा से शरीर को गर्मी मिलती है जिससे समस्या हो सकती है। इसके अलावा बरसात के मौसम में भी प्रोटीन का प्रयोग सीमित मात्रा में करना चाहिए।
प्रोटीन के स्रोत
दूध, दही, अंडे की सफेदी, पनीर, मांस, मछली, इडली-डोसा, दाल, चावल, सोयाबीन, मटर, चना, मूंगफली, अंकुरित पदार्थों में प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। अपने आहार में प्रोटीन की संतुलित मात्रा जरूर शामिल करें। इसके बिना आपको जरूरी पोषण नहीं मिल सकता। प्रोटीन की कमी से आपको कई रोगों और अनियमितताओं का सामना करना पड़ सकता है।
इनपुट : (आइएएनएस)
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