प्रेग्नेंसी के किस माह में लगवाएं कोरोना का टीका; और पीरियड्स में कितनी सुरक्षित है वैक्सीन, एम्स की डॉक्टर से जानिए इन सवालों के जवाब

एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक ​डॉ. सुरेखा किशोर के अनुसार, पुरुष हो या महिलाएं दोनों के संक्रमित होने की संभावना समान होती है। ऐसा नहीं है कि महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा संक्रमण की संभावना अधिक होती है। कोविड-19 का जोखिम दोनों को बराबर होता है।

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Written By: Atul Modi | Published : September 29, 2021 8:05 PM IST

कोविड संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है। विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संस्थाएं कोविड संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर चुकी हैं। ऐसे में संक्रमण से बचने के लिए फिलहाल कोविड वैक्सीन ही एक मात्र विकल्प है। लेकिन जब बात महिलाओं के टीकारण की आती है तो अक्सर महिलाओं को कई तरह के सवाल परेशान करते हैं। गर्भवती महिलाओं को ये वैक्सीन लगवानी चाहिए या नहीं, इसको लेकर लोगों के मन में काफी संशय की स्थिति है वहींं प्रेगनेंट महिलाओं के मन में डर है कि ये वैक्सीन उनके होने वाले बच्चे के लिए सुरक्षित है या नहीं। अगर आप भी वैक्सीन लगवाने को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। क्योंकि इस लेख में हम आपको अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक ​डॉ. सुरेखा किशोर (एमबीबीएस, एमडी, एमएएमएस) के माध्यम से आपको इसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं।

1. क्या कोविड वैक्सीन गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान सुरक्षित है?

कोविड वैक्सीन गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पूरी तरह सुरक्षित है। शोध बताते हैं कि, गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 की जटिलताओं का खतरा अधिक होता है। कोविड संक्रमण के जोखिम, कोविड वैक्सीन प्राप्त करने के जोखिमों से अधिक है। साभी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कोविड-19 के जोखिम और कोविड वैक्सीन के लाभों के बारे में परामर्श देखने की आवश्यकता है। सभी लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं उनके लिए कोविड वैक्सीन लेना ज्यादा लाभकारी है न कि उनसे बचना। यदि किसी महिला या गर्भवती महिला को कोविड संक्रमण हो जाता है तो यह ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि गर्भावस्था में कोविड संक्रमण के गंभीर परिणाम होते हैं। लेकिन समय पर वैक्सीन लेने से संक्रमण के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।

2. गर्भावस्था के किस माह में कोविड वैक्सीन लगवानी चाहिए?

डॉ. सुरेखा के अनुसार, जब कोविड वैक्सीन की बात आती है तो एक गर्भवती महिला को उनकी किसी भी तिमाही के दौरान वैक्सीन लगाई जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के भी यह निर्देश हैं कि 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र वाले सभी लोग जिसमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं को वैक्सीन की दोनों डोज लगवा लेनी चाहिए। साथ ही अगर किसी भी कारण किसी गर्भवती महिला को पहले ही संक्रमण हो चुका है तो उनको संक्रमण खत्म होने के तीन महीने बाद वैक्सीन की पहली डोज और उसके बाद दूसरी डोज दी जा सकती है।

3. क्या पीरियड्स के दौरान महिलाएं वैक्सीन लगवा सकती हैं?

जी हां, मासिक धर्म के दौरान महिलाएं अपना टीकाकरण करवा सकती हैं। डॉ. सुरेखा बताती हैं कि मासिक धर्म और कोविड वैक्सीन का कोई भी सीधा संबंध नहीं है। साथ ही कोई भी महिला अगर मासिक धर्म के दौरान वैक्सीन की डोज लेती है, तो उनके मासिक धर्म या उनके स्वास्थ पर पर वैक्सीन का सीधे तौर पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह सिर्फ एक भ्रांति है, जिसे हमें दूर करना है।

4. अगर कोई महिला कोविड संक्रमण से ठीक हो गई है, तो क्या उसे वैक्सीन लगवाने की आवश्यकता है?

डॉ. सुरेखा बताती हैं वे सभी महिलाएं जो कोविड संक्रमण से ठीक हो गई हैं, उन्हें अपना टीकाकरण जरूर करवा लेना चाहिए। कोविड संक्रमण से ठीक होने के बाद फिर से कोविड संक्रमण से कितने समय तक ठीक रहते हैं इस पर अभी शोध सीमित है। किसी को भी कोविड संक्रमण होने पर टीकाकरण से निश्चित ही बचाव किया जा सकता है। खासकर संक्रमण के गंभीर परिणाम होने पर मरीज को बचाया जा सकता है। इसलिए वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है।

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