
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Tanish Mandal
Health Test: हर उम्र के लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। इससे बीमारी का जल्दी पता चल जाता है और समय पर इलाज हो सकता है। अब लैब में ऑनलाइन बुकिंग, घर पर सैंपल कलेक्शन और रिपोर्ट मिलने की सुविधा से जांच कराना आसान हो गया है। डॉक्टर तनिष मंडल के अनुसार आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और हार्मोनल असंतुलन जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियां आम हो गई हैं। इनका कारण अस्वास्थ्यकर खानपान, व्यायाम की कमी, लंबे समय तक काम करना, अनियमित नींद और लगातार तनाव है। थकान, वजन बढ़ना, सिरदर्द, एकाग्रता में कमी या शरीर में दर्द जैसे कई लक्षण हो सकते हैं। कई लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और समय पर इलाज नहीं करवाते। अगर बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह गंभीर समस्याओं जैसे हृदय रोग, किडनी की परेशानी, ऑस्टियोपोरोसिस आदि का कारण बन सकते हैं।
इसलिए समय-समय पर यह जानना भी जरूरी है कि आपका शरीर हेल्दी है कि नहीं और स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारी तो शरीर में शुरू नहीं हो रही है। डॉक्टर तनिष मंडल के अनुसार हर तीन महीने में एक बार कुछ जरूरी टेस्ट करा लेने चाहिए। अब वे कौन से टेस्ट हैं और हर तीन महीने में इन्हें कराना क्यों जरूरी है, वे हम आगे इस लेख में पढ़ेंगे।
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हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारियों और जीवनशैली से जुड़ी कई समस्याएं हैं, जो शरीर धीरे-धीरे बनती है
कई जीवनशैली संबंधी बीमारियां धीरे-धीरे और बिना लक्षण के बढ़ती हैं। तीन-तीन महीने में जांच कराने से इनका जल्दी पता चल सकता है और समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है, जिससे बीमारी की शुरुआत में ही रोकथाम संभव हो जाती है। हर तिमाही जांच से आप अपनी सेहत में हो रहे बदलावों को ट्रैक कर सकते हैं, समय पर खानपान और जीवनशैली में बदलाव कर सकते हैं और लंबे समय की बीमारियों से बच सकते हैं।
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ब्लड शुगर (फास्टिंग और HbA1c): डायबिटीज या प्री-डायबिटीज का पता लगाने के लिए। प्री-डायबिटीज पाए जाने पर खानपान और व्यायाम पर ध्यान देना जरूरी है। यह सामान्य ब्लड शुगर की जांच करने वाला टेस्ट नहीं होता है, बल्कि शरीर में पिछले दो से तीन महीनों का औसत ब्लड शुगर लेवल आपको बताता है।
लिपिड प्रोफाइल: कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड स्तर जांचने के लिए, जिससे मेटाबॉलिज्म और हृदय संबंधी समस्याओं का पता चलता है। हाई कोलेस्ट्रॉल से कई बार शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखता है और बाद में इससे समस्याएं गंभीर हो जाती हैं, जिससे निपटने के लिए बेहद जरूरी है कि आप डॉक्टर से इस बारे में बात करें।
लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट: हमारे शरीर के लिए किडनी और लिवर दोनों ही महत्वपूर्ण अंग होते हैं और इसलिए हर तीन महीनों में लिवर फंक्शन टेस्ट और किडनी फंक्शन टेस्ट करा लेने चाहिए। इन टेस्टों की मदद से पता चलता है कि आपकी किडनी और आपका लिवर सामान्य रूप से काम कर पा रहे हैं।
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कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC): एनीमिया, संक्रमण या इम्यून सिस्टम की समस्याओं का पता लगाने में मददगार। हमारे खून में हो रही किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का पता लगाने के लिए यह टेस्ट बेहद जरूरी हो सकता है, जिससे कई बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
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विटामिन D3 और B12: हड्डियों की मजबूती, एनीमिया और नर्व हेल्थ के लिए। हड्डियां और तंत्रिका तंत्र हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है और इनका ठीक से काम न करना गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है, इसलिए जरूरी है समय रहते ये टेस्ट करना।
आयरन स्टडीज: भारत में सबसे आम आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का पता लगाने के लिए। शरीर में आयरन की कमी होना कई गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है और इसलिए इसलिए समय-समय पर आयरन स्टडीज करा लेनी चाहिए, ताकि अगर शरीर में आयरन की कमी हो गई है, तो उसे लंबे समय तक इग्नोर न करें।
थायराइड प्रोफाइल: मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और मूड पर असर डालने वाले असंतुलन का पता लगाने के लिए। थायराइड से जुड़ी बीमारियों का समय पर पता लगाने के लिए यह टेस्ट करना काफी अच्छा विकल्प हो सकता है।
बॉडी मास इंडेक्स: आपके शरीर का सही वजन होना जरूरी है, क्योंकि बढ़ता वजन आपके शरीर के अंदरूनी अंगों जैसे हार्ट, लंग्स, किडनी और लिवर को नुकसान पहुंचाता है और कई गंभीर व जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। बीएमआई की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि आपकी उम्र, कद और अन्य कारकों के अनुसार आपके शरीर का वजन सही है या नहीं।
हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में प्रगति के कारण अब जांच कराना समय लेने वाला काम नहीं रह गया है। ऐसी आधुनिक लैब में वेबसाइट या ऐप के जरिए आसानी से जांच बुक की जा सकती है। यहां लचीले टाइम स्लॉट और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा होती है। साथ ही, प्रशिक्षित प्रोफेशनल आपके घर या ऑफिस आकर सैंपल लेते हैं, जिससे आपको बाहर जाने की जरूरत नहीं होती। रिपोर्ट 24 घंटे में डिजिटल रूप से मिल जाती है, जिसे आप तुरंत डॉक्टर से साझा कर सकते हैं और इलाज शुरू कर सकते हैं। आजकल बड़ी संख्या में लोग इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं और समय पर जांच व इलाज करा पा रहे हैं।
खासतौर पर जिन लोगों को पहले से ही कोई क्रोनिक बीमारी है या फिर जिन लोगों का लाइफस्टाइल सेडेंटरी (दिन का ज्यादातर समय बैठकर बिताने वाले लोग) है, तो उन्हें खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की जांच करने के लिए समय-समय पर टेस्ट कराते रहना चाहिए। अगर आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, लोग ब्लड प्रेशर, थायराइड या अन्य कोई भी दीर्घकालिक यानी क्रोनिक बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर जरूरी हेल्थ टेस्ट कराते रहना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
फैटी लिवर का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट, बायोप्सी, अल्ट्रासाउंड आदि के जरिए लगाया जा सकता है।
जेनेटिक टेस्टिंग एक मेडिकल जांच है। इससे पता चलता है कि किसी व्यक्ति के जीन में कोई दोष या म्यूटेशन है या नहीं। अगर परिवार में किसी को जेनेटिक बीमारी है, तो उन्हें समय-समय पर जांच जरूर करवानी चाहिए।
थायराइड टेस्ट करवाने का सबसे सही समय सुबह का होता है। आपको सुबह खाली पेट ही थायराइड का टेस्ट करवाना चाहिए।