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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 30, 2021 9:58 PM IST
महिलाओं के शरीर में जब होने लगे हैं ये 5 बदलाव तो समझ लें बढ़ रहा है इस कैंसर का खतरा, जानें कौन सा है ये कैंसर
जब आपकी उम्र कम होती है और आप हेल्दी होते हैं तो आपको होने वाली बीमारियों में कैंसर का नंबर सबसे आखिरी में आता है। आप अपने जवानी के दिनों में इस बीमारी से खुद को सेफ मानते होंगे और रूटीन चेक-अप तो आपकी लिस्ट से बिल्कुल बाहर ही होगा। ये एक ऐसी सामान्य गलती है, जो ज्यादातर महिलाएं अपनी जवानी के दिनों में करती हैं। आपकी उम्र और पारिवारिक इतिहास के बावजूद कुछ सामान्य प्रकार के कैंसर ऐसे होते हैं, जिनके बारे में आपको पता तक नहीं होता है लेकिन शरीर में होने वाली असामान्य कोशिका वृद्धि आपके लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं। महिलाओं को होने वाले सर्वाइकल (गर्भाशय का सबसे निचला हिस्सा) और स्तन कैंसर दो ऐसे प्रकार हैं, जिनसे ज्यादातर महिलाएं अपने जीवन में जूझती हैं।
गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों में योनि से असामान्य रक्तस्राव पहला संकेत होता है। जब कैंसर कोशिकाएं गर्भाशय के आसपास के ऊतकों में फैलने लगती हैं, तो अनियमित रक्तस्राव की स्थिति पैदा हो सकती है। असामान्य रक्तस्राव भी पीसीओएस और हार्मोनल असंतुलनजैसे अन्य प्रजनन प्रणाली विकार का संकेत है। किसी भी महिला के लिए ये बेहतर होगा कि वह योनि से होने वाले असामान्य रक्तस्त्राव के इस संकेत को हल्के में न लें और तुरंत अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। सर्वाइकल कैंसर के कारण होने वाले असामान्य रक्तस्राव के बाद ज्यादातर थकान और चक्कर आते हैं।
सेक्स के बाद स्पॉटिंग या ब्लीडिंग कई कारणों से हो सकती है। यह स्किन में जलन, अधिक खिंचाव, एसटीडी, योनि की ड्राईनेस और सर्वाइकल कैंसर के आम संकेत हो सकते हैं। संभोग के दौरान दर्द गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर कोशिकाओं के विकास से भी जुड़ा हो सकता है। अगर आपको कभी-कभी दर्द, बेचैनी और ब्लीडिंग का अनुभव होता है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर ऐसा कई दिनों तक होता है, तो अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
योनि स्राव पूरी तरह से सामान्य है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के स्राव की समस्या से जूझ रही हैं। सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित होने पर डिस्चार्ज के दौरान आमतौर पर तेज बदबू या फिर लाल रंग का हो सकता है। कभी-कभी इसमें कैंसर कोशिका के ऊतकों के टुकड़े भी हो सकते हैं। अपने योनि स्राव की सावधानीपूर्वक जांच करें और अगर आपको ये लक्षण दिखाई दें तो अपने डॉक्टर से मिलें।
महिलाओं को समय-समय पर कमर के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत रहती है। मासिक धर्म चक्र के दौरान यह काफी आम माना जाता है। हालांकि, सर्वाइकल कैंसर के मामले में लोअर बैक या पेल्विक दर्द होना एक सामान्य बात मानी जाती है। अगर कैंसर एडवांस स्टेड में है और शरीर के अन्य भागों में फैल गया है तो आपको लगातार पेल्विक हिस्से में दर्द का अनुभव होता रहेगा।
अन्य प्रकार के कैंसर की तरह, सर्वाइकल कैंसर होने पर भी भूख कम लगती है, जिसके कारण बिना वजह के वजन कम हो जाता है। अगर आप किसी डाइट ट्रेंड को फॉलो नहीं कर रहे हैं या फिर वजन कम करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, तो वजन कम होने के पीछे कोई कारण नहीं है। यह वास्तव में एक खतरे का संकेत है, जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते उस पर ध्यान देना चाहिए। किसी भी तरह से पेट फूलना या सूजन, अपच, मल त्याग की आदत में बदलाव, वजन कम होना और भूख न लगना भी कैंसर का संकेत हो सकता है।