
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : January 7, 2025 8:31 AM IST
Spinal cord and skull related cancer: आजकल कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसका कारण खराब जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर आहार, प्रदूषण और आनुवंशिकी हो सकते हैं। तनाव, धूम्रपान, शराब और फास्ट फूड जैसे आदतें कैंसर के जोखिम को बढ़ाती हैं। इसके साथ ही, समय पर निदान और इलाज की आवश्यकता भी महत्वपूर्ण है। इन्हीं कैंसर में से एक कॉर्डोमा। कॉर्डोमा एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है, जो शरीर के मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी और खोपड़ी के आधार में उत्पन्न होता है। यह कैंसर तब उत्पन्न होता है, जब हड्डी के ऊतकों में असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है। हालांकि यह दुर्लभ है, यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।
कॉर्डोमा के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह शरीर के किस हिस्से में होता है। अगर यह रीढ़ की हड्डी में होता है, तो व्यक्ति को पीठ दर्द, गतिशीलता में परेशानी या पैर और हाथों में कमजोरी का सामना हो सकता है। खोपड़ी के आधार में होने पर सिरदर्द, दृष्टि में धुंधलापन या सुनने में समस्या हो सकती है। इसके अलावा, कभी-कभी मरीजों को गर्दन या पीठ में हल्का सा दर्द और सुन्नता का अनुभव हो सकता है।
कॉर्डोमा के कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह माना जाता है कि यह शरीर की कुछ कोशिकाओं में उत्पन्न होता है, जो हड्डी के निर्माण में भूमिका निभाती हैं। यह किसी एकल कारण से उत्पन्न नहीं होता, लेकिन आनुवंशिकता, उम्र और कुछ पर्यावरणीय कारण जैसे अस्वास्थ्यकर जीवनशैली इसके विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
कॉर्डोमा का इलाज आमतौर पर सर्जरी, विकिरण (रेडियोथेरेपी) और कभी-कभी कीमोथेरेपी द्वारा किया जाता है। सर्जरी के माध्यम से ट्यूमर को निकालने की कोशिश की जाती है, लेकिन कभी-कभी यह पूरी तरह से संभव नहीं होता है। विकिरण चिकित्सा का उपयोग कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है, और यदि ट्यूमर बहुत बड़ा होता है तो कीमोथेरेपी का भी सहारा लिया जा सकता है।
कैंसर की गंभीरता व उसका इलाज आमतौर पर इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस प्रकार का है और शरीर के किस हिस्से में है। साथ ही कैंसर ज्यादातर मामलों में जेनेटिक स्थितियों पर निर्भर करता है, इसलिए इसकी रोकथाम करने के इसके शुरुआती लक्षणों की बारीकी से जांच रखना जरूरी है। खासतौर पर जिन लोगों के परिवार में किसी को कैंसर की समस्या रह चुकी है, उन्हें कैंसर से जुड़े शुरुआती लक्षणों का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।