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Written By: Anshumala | Updated : January 20, 2020 8:34 PM IST
लखनऊ में फिजियोथेरेपी संबंधी राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन, विशेषज्ञ ने बताए फिजियोथेरेपी के फायदे और महत्व।
लखनऊ (Lucknow) स्थित साइंटिफिक कनवेंशन सेंटर और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में फिजियोकॉन 2020 (Physiocon 2020) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मेडिकल क्षेत्र के 20 से ज्यादा विशेषज्ञों ने स्वस्थ और बेहतर जीवन के लिए फिजियोथेरेपी के महत्व (Importance of Physiotherapy) के बारे में बताया। इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य स्पीकर के रूप में मौजूद नी एंड हिप ट्रांसप्लान्ट विभाग के विरिष्ट सर्जन डॉ. अखिलेश यादव ने फिजियोथेरपी की जरूरत व महत्व पर एक प्रेजेन्टेशन भी दी। इस प्रेजेन्टेशन के जरिए उन्होंने नी एंड हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी (Knee and hip replacement surgery) के बाद दी जाने वाली फिजियोथेरेपी के परिणामों और फायदों के बारे में जानकारी दी।
वैशाली स्थित सेंटर फॉर नी एंड हिप केयर के वरिष्ठ घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जन, डॉ. अखिलेश यादव ने बताया, “फिजिकल थेरेपी एक परंपरागत इलाज है, जो मेडिकल साइंस का एक अहम हिस्सा है। ग्रेड 1, 2 और 3 में बिना किसी साइड इफेक्ट के फिजिकल थेरेपी सर्जरी (Side effects of Physical therapy surgery) की जरूरत को खत्म कर देती है, लेकिन जागरूकता में कमी के कारण आम जनता के बीच इसे सिर्फ एक व्यायाम के रूप में जाना जाता है।
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उम्र चाहे जो हो, शारीरिक समस्या के आधार पर फिजियोथेरेपी सभी के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह तो सभी को मालूम है कि सर्जरी के बाद और स्ट्रोक के इलाज के बाद रिकवरी के दौरान फिजियोथेरेपी एक अहम भूमिका निभाती है, लेकिन इसके अन्य लाभों से लोग अभी भी अनजान हैं। भारत में बहुत ही कम लोग फिजियोथेरेपी और इसके फायदों (Importance and benefits of Physiotherapy) के बारे में जानते हैं। इसको लेकर यही धारणा बनी हुई है कि यह सिर्फ क्रोनिक दर्द और सजर्री वाले मरीजों के लिए अनिवार्य है, लेकिन लोगों को यह जानने की आवश्यकता है कि यह निवारक और रिहैब ट्रीटमेंट में भी अहम भूमिका निभाती है।”
1 डॉ. यादव ने आगे बताया कि केवल रोगी ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोग भी चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए फिजियोथेरेपी की सलाह ले सकते हैं। फिजियोथेरपी में कुछ खास प्रकार की एक्सरसाइज व योग शामिल हैं, जिसकी मदद से मांसपेशियों को सक्रिय बनाकर शरीर को लचीला बनाया जा सकता है।
2 फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज की मदद से हड्डी व जोड़ों के रोगियों को समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। फ्रैक्चर में सर्जरी के बाद होने वाले दर्द को फिजियोथेरेपी की मदद से बिना किसी दवाई के ठीक किया जा सकता है। इसलिए यह न सिर्फ सर्जरी की जरूरत को खत्म कर सकती है, बल्कि सर्जरी के बाद की मुश्किलों को भी कम कर सकती है।