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अगर आप डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी से खुद को दूर रखना चाहते हैं तो पेनक्रियाज की सेहत पर आपको पूरा ध्यान देना चाहिए। पेनक्रियाज न सिर्फ ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है, बल्कि यह सुचारू पाचन के लिए जरूरी एंजाइम भी बनाता है। यह इंसुलिन और ग्लूकागन जैसे हार्मोन का उत्पादन करता है, जिसके कारण ब्लड शुगर कंट्रोल होती है। शरीर के इस अभिन्न अंग के प्रभावित होने से पेनक्रिएटाइटिस, पेनक्रिएटिक कैंसर और डायबिटीज होने का जोखिम बढ़ जाता है। अपनी आदतों में कुछ बदलाव करके आप पेनक्रियाज को हेल्दी बना सकते हैं।
पेनक्रियाज में परेशानी होने पर आपके पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होने लगता है। कभी-कभी पीठ दर्द भी होता है। भोजन के बाद यह दर्द बढ़ जाता है। इसी के साथ मतली और उल्टी आने लगती है। पाचन संबंधी परेशानी होने लगती है। डायबिटीज के लक्षण भी नजर आने लगते हैं। ऐसे में अपने पेनक्रियाज को हेल्दी रखने के लिए आप ये आदतें अपनाएं।
अपनी डाइट में ताजे फल, साबुत अनाज, सब्जियां, लो फैट प्रोटीन आदि शामिल करके आप पेनक्रियाज को हेल्दी बना सकते हैं। फाइबर रिच फूड का सेवन ज्यादा करें। विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, रसभरी, संतरे, सेब और केले जैसे फल खासतौर पर पेनक्रियाज को हेल्दी रखते हैं।
प्रोसेस्ड फूड और शुगर पेनक्रियाज के दुश्मन हैं। इनके ज्यादा सेवन से इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति बन जाती है। जिससे पेनक्रियाज को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन का ज्यादा प्रोडक्शन करना पड़ता है। क्षमता से ज्यादा काम करने पर पेनक्रियाज कमजोर हो जाता है और डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।
रेगुलर एक्सरसाइज इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। शोध बताते हैं कि रेगुलर एक्सरसाइज से डायबिटीज का खतरा 50% तक कम होता है। वहीं पेनक्रियाज के कैंसर होने का जोखिम 20% तक कम हो सकता है। एक्सरसाइज पेनक्रियाज के एंजाइमों के प्रोडक्शन और स्राव को बेहतर बनाने में मदद करती है, जो पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पानी पाचक एंजाइमों के प्रोडक्शन में मदद करता है। ऐसेे में खुद को हाइड्रेट रखना जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से पाचन तंत्र भोजन को आसानी से पचा पाता है। जिससे पेनक्रियाज संबंधी परेशानियां होने का खतरा कम होता है।
मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बनता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। ज्यादा वजन के कारण पेनक्रियाज में सूजन आ सकती है, जिसे पेनक्रियाजाइटिस कहा जाता है। इससे न सिर्फ पेनक्रियाज को नुकसान पहुंचता है, बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी होने लगती हैं। इसलिए अपने वजन को हमेशा कंट्रोल में रखें। इससे पेनक्रियाज पर तनाव कम रहेगा और वो हेल्दी रहेगा।
(डिस्क्लेमर: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।)