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मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से बचने का सबसे आसान तरीका है कि मच्छरों से ही बचा जाए। आइए जानते हैं कुछ ऐसे पौधों के बारे में जो जिन्हें मच्छर रोधी पौधे यानी mosquito repellent plants के तौर पर जाना जाता है। © Shutterstock.
मच्छर रोधी पौधे यानी mosquito repellent plants मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचने का सबसे बेहतर समाधान हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां भी शुरू हो जाती हैं। मॉनसून के बाद भी कई दिनों तक इन बीमारियों का प्रकोप चलता रहता है। इसकी वजह है मच्छरों को इकट्ठा होना और प्रजनन। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलाने वाले ये मच्छर इस मौसम में खूब प्रजनन करते हैं और इनके अंडे बिना पानी के भी कई घंटों तक जीवित रहते हैं। मलेरिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि mosquito repellent plants को अपने घर में जगह दें।
यह सबसे आसानी से लगने वाला पौधा है। गेंदा के बचे हुए सूखे फूलों को मिट्टी या गमले में बिखेर देने पर भी यह उग आता है। साथ ही यह मच्छरों से बचाने का भी काम करता है। इसकी खास तरह की गंध मच्छरों को नापसंद होती है। इसलिए मच्छरों से बचने के लिए बेहतर है कि घर के आसपास गेंदे यानी मेरीगोल्ड के पौधे लगाएं।
इसकी खास तरह की गंध मच्छरों को नापसंद होती है। इसलिए मच्छरों से बचने के लिए बेहतर है कि घर के आसपास गेंदे यानी मेरीगोल्ड के पौधे लगाएं। © Shutterstock.
मच्छरों से बचाने के लिए लैवेंडर ऑयल से कई तरह की मॉस्किटो रिप्लीयन्ट बनाए जाते हैं। घर में इस पौधे को लगाना तो और भी बेहतर है। इसके जामुनी रंग के फूल किसी को भी आकर्षित कर लेते हैं। इसे अच्छी धूप की जरूरत होती है। इसके अलावा इसे लगाने में किसी खास नियम को फॉलो नहीं करना पड़ता।
यह औषधीय पौधा भारत में घर-घर में लगाया जाता है। खांसी-जुकाम होने पर तुलसी की पत्तियों की चाय बनाई जाती है। पर क्या आप जानते हैं कि तुलसी के पौधों में आने वाले सफेद-जामुनी फूल आपको मलेरिया और डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों से भी बचा सकते हैं। ये फूल मॉस्किटो रिप्लीयन्ट का काम करते हैं।
यह औषधीय पौधा है। बिल्लियों की इस सुगंध इतनी प्यारी होती है कि वे इसी के आसपास बैठी रहती हैं। जबकि मच्छरों को इसकी गंध से चिढ़ होती है। © Shutterstock.
यह औषधीय पौधा है। बिल्लियों की इस सुगंध इतनी प्यारी होती है कि वे इसी के आसपास बैठी रहती हैं। जबकि मच्छरों को इसकी गंध से चिढ़ होती है। इसलिए मच्छरों से बचने के लिए इसे बॉन्ड्री प्लांट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। यह बारहमासी पौधा है, जिसे ज्यादा रख रखाव की भी जरूरत नहीं होती।
इस पौधे के बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते। पर यह भी मच्छरों से बचने का एक बेहतर उपाय है। इसे थोड़ी खुश्क मिट्टी की जरूरत होती है। अधिकांशत: इसे रेतीले इलाकों में लगाया जाता है। इसके फूलों में मौजूद थाइमोल एक बेहतर कीटनाशक का काम करता है। जिसकी वजह से मच्छर आसपास भी नहीं फटकते।
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