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यह अधिकतर लोग जानते हैं कि इन्फेक्शन या बुखार से पीड़ित व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाने तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकते। अगर कोई व्यक्ति एंटीबायोटिक ले रहा है, तो जाहिर है वो किसी इन्फेक्शन से पीड़ित है। नारायण हेल्थ सिटी में स्टेम सेल एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसन के कंसल्टेंट डायरेक्टर और इंचार्ज डॉक्टर प्रदीप कुमार के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति इन्फेक्शन से पीड़ित है और वो ब्लड डोनेट करता है, तो इससे प्राप्तकर्ता को भी इन्फेक्शन होने का खतरा होता है। इसलिए कोई व्यक्ति एंटीबायोटिक दवाएं ले रहा होता है, तो वह रक्त दान नहीं कर सकता।
लेकिन इस बात पहले डॉक्टर को जरूर पता होना चाहिए कि क्या ब्लड डोनेट करने वाले को कोई बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो ब्लड द्वारा फैल सकता है। कोई व्यक्ति जो इन्फेक्शन के इए मौखिक दवाएं ले रहा था, वो दवाओं का कोर्स पूरा होने के बाद ब्लड डोनेट कर सकता है। इस मामले में व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दवाओं का कोर्स पूरा होने या इन्फेक्शन के लिए लगवाए गए एंटीबायोटिक इंजेक्शन के कम से कम दस दिन बाद ही इस बारे में सोचना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपका फीवर 99.5 फारेनहाइट से अधिक है, तो आपको ब्लड डोनेट करने की सलाह नहीं दी जाती है।
एंटीबायोटिक के मामले में ब्लड डोनेशन केवल तभी स्वीकार्य है जब व्यक्ति इसे नीचे दिए गए स्वास्थ्य मुद्दों से निपटने के लिए खा रहा हो। यह स्वास्थ्य मामले हैं- मुंहासे, क्रोनिक प्रॉस्टाटाइटिस, पेप्टिक अल्सर रोग, पीरियंडोनल रोग, प्री-डेंटल वर्क, अल्सरेटिव कोलाइटिस, स्प्लेनेक्टोमी या वाल्व्युलर हार्ट डिजीज के बाद।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ब्लड टेस्ट मुख्यतः पांच तरह के इन्फेक्शन के लिए होता है एचआईवी, एचबीएसएजी, एचसीवी, सिफलिस और मलेरिया।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock