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Written By: Sponsored | Published : August 6, 2021 10:23 AM IST
Image credits by: अनुभवी डॉक्टर का चयन बवासीर की सर्जरी के सक्सेस रेट को कई गुना बढ़ा सकता है।
बवासीर व्यक्ति के दिनचर्या को नरक बना देता है। खान-पान में असंयम होने के कारण आज की युवा पीढ़ी भी इस गंभीर समस्या से तेजी से पीड़ित हो रही है। हालांकि यदि बवासीर की उपस्थिति के सुराग मिलने पर ही जीभा पर लगाम लगाकर, उचित दवाइयों का सेवन शुरू कर दिया जाए तो सर्जरी से बचना आसान है। परन्तु बहुत से लोग शुरुआत में बवासीर को मामूली समझते हैं जो आगे चलकर उनके जीवन के प्रत्येक पल को दर्द और असहजता से भर देता है। अंततः उपचार हेतु रोगी को सर्जरी की जरूरत होती है। आमतौर पर बवासीर का ग्रेड अधिक होने पर डॉक्टर सर्जरी के लिए कहते हैं जो जरूरी भी है, किन्तु आपको सर्जरी कराने से पहले निम्न 5 बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। आइये जानते हैं वो बातें क्या हैं और उन्हें ख्याल में रखने की जरूरत क्यों है?
सर्जरी का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से यह जान लेना बहुत आवश्यक है कि बवासीर को ख़त्म करने के लिए वे किस सर्जरी का उपयोग करेंगे। बवासीर का ऑपरेशन करने की कई प्रक्रियाएं हैं, जैसे- लेजर सर्जरी, ओपन सर्जरी, स्टेपलर सर्जरी, क्षार सूत्र आदि। इन सभी में से आपको लेजर प्रक्रिया का चयन करना चाहिए।
यदि डॉक्टर लेजर प्रक्रिया की जगह ओपन सर्जरी या अन्य सर्जिकल प्रक्रियाओं में से किसी एक के उपयोग की सलाह दे रहा है तो उससे प्रश्न करें कि आखिर लेजर प्रक्रिया का उपयोग क्यों नहीं हो सकता है। हो सकता है कि बवासीर के उच्चतम ग्रेड में लेजर सर्जरी की जगह ओपन सर्जरी की जरूरत पड़े। इसलिए इस बारे में डॉक्टर से अच्छी तरह बात करें और कोशिश करें कि बवासीर का उपचार के लिए मौजूद विकल्पों में लेजर सर्जरी का चयन करें।
नशा करने से शरीर की इम्यूनिटी और जख्म को हील करने की क्षमता कम हो जाती है। यह बवासीर की सर्जरी के बाद आपके ठीक होने के समय को सीधेतौर पर प्रभावित कर सकता है, जिससे सर्जरी के बाद आपको ठीक होने में सामन्य से अधिक समय लग सकता है या फिर इससे इन्फेक्शन आदि होने के चांसेस अधिक हो जाते हैं। इसलिए यदि आप नशा करते हैं तो सर्जरी होने से 15 से 20 दिन पहले इसका सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
बवासीर की सर्जरी कराने से पहले, पहला अपॉइंटमेंट में आपको अपने डॉक्टर को अपने सेहत से जुड़ी सभी बातें बता देनी चाहिए। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं और उसके लिए कुछ दवाओं का सेवन करते हैं तो उसके बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं। हो सकता है आपकी दवाइयों में कुछ ऐसी दवाइयाँ भी शामिल हों जिनका सेवन करने से डॉक्टर कुछ दिनों तक की रोक लगा सकते हैं। आमतौर पर ऑपरेशन की प्रक्रिया से गुजरने से पहले हर रोगी को ब्लड थिनर का उपयोग करने से परहेज करना होता है।
अनुभवी डॉक्टर का चयन बवासीर की सर्जरी के सक्सेस रेट को कई गुना बढ़ा सकता है। डॉक्टर के अनुभवी होने पर सर्जरी के दौरान किसी भी तरह की जटिलता होने की संभावना लगभग न के बारबार अथवा शून्य होती है, वहीं प्रक्रिया के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं होने पर रिकवरी भी तेजी से एवं दूध की तरह साफ़ होती है। हालांकि, कम अनुभव वाले डॉक्टर भी अच्छी सर्जरी करते हैं, लेकिन उनका सक्सेस रेट और फीस थोड़ा कम हो सकता है।
बहुत से लोग सर्जरी के दौरान न हो सकने वाले दर्द को भी सोचकर भयभीत होते हैं। आप ऐसा न करें।सर्जरी के दौरान आप जनरल एनेस्थीसिया या लोकल एनेस्थीसिया में से किसी एक के प्रभाव में हो सकते हैं और आपको इस दौरान कोई दर्द नहीं होगा। दरअसल, सर्जरी से पहले दर्द होने का सोचना अथवा किसी भी चीज का तनाव एनेस्थीसिया के प्रभाव को कम कर देता है। तनाव मनाव दिमाग को प्रभावित करता है जो उपचार के दौरान दर्द न होने पर भी दर्द का अहसास करा सकता है।
तो ये थीं 5 मतवपूर्ण चीजें, जिन्हें आपको बवासीर की सर्जरी कराने से पहले अपने जहन में रखना चाहिए। इसके साथ ही अनुभवी डॉक्टर एवं सही क्लीनिक का चयन करना बहुत जरूरी है। उपचार के लिए लेजर या किसी भी अन्य सर्जरी का चयन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श करें, उनसे सर्जरी से जुड़े प्रश्नोत्तर करें। सब कुछ जान परख लेने के बाद ही सर्जरी की यात्रा शुरू करें।
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