चिकनगुनिया वायरस जनित बीमारी है और ये इंफेक्टेड एडीस (Aedes) मच्छरों के काटने से फैलती है। चिकनगुनिया से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि मच्छरों के काटने से बचकर रहें। अपने आस-पास सफाई रखें। पूरे कपड़े पहनें और सतर्क रहें।
जरूरी है जानकारी
आमतौर पर लोगों को लगता है कि चिकनगुनिया हो जाने पर अस्पताल जाना ही एकमात्र उपाय है, लेकिन ऐसा नहीं है। रोग को कन्फर्म करने के लिए डॉक्टरी जांच जरूरी है। थोड़ी सी अहतियात बरतकर आप घर भी चिकनगुनिया का इलाज करवा सकते हैं।
तेज दर्द के साथ सूजन : जोड़ों में तेज दर्द होना, इस बीमारी का एक प्रमुख लक्षण है। जोड़ों में तेज दर्द होता है जिसकी वजह से हाथ-पैर का मूवमेंट करने में भी तकलीफ होती है। ये दर्द काफी दिनों तक बना रहता है। कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द के साथ ही सूजन की शिकायत भी हो जाती है।
तेज बुखार : चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षणों में से एक है तेज बुखार होना। चिकनगुनिया में बुखार 102 डिग्री सेल्सियस से लेकर 104 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। बुखार हफ्तेभर या दस दिनों तक भी बना रह सकता है।
लाल चकत्ते पड़ना : हालांकि लाल चकत्ते मानसून में होने वाले संक्रमण का भी लक्षण है। पर कुछ मरीजों में देखा गया कि , चिकनगुनिया होने पर उनके चेहरे, हाथों और जांघों के आसपास रैशेज और चकत्ते दिखाई देने लगे। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए।
चक्कर आना : तेज सिर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द, चक्कर आना और उल्टी महसूस होना भी इस बीमारी के सामान्य लक्षण हैं। अगर ये लक्षण नजर आ रहे हैं तो सबसे पहले किसी अच्छे लैब से ब्लड टेस्ट कराएं और सही जगह रिपोर्ट चेक कराएं।
ऐसे करें उपचार :
घर पर रहें और जितना ज्यादा हो सके आराम करें। इस दौरान आराम करना सबसे ज्यादा जरूरी है।
आइस पैक को तौलिए में लपेटकर जोड़ों पर रखें और हल्के हाथों से दबाएं। इससे दर्द में फायदा होगा।
चिकनगुनिया की कोई स्पेसिफिक मेडिसीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में डॉक्टर की दी हुई दवा ही लें। अपनी मर्जी से कोई भी दवा न खाएं। इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है।
चिकनगुनिया में अक्सर लोगों को डी-हाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लें। लिक्विड डाइट लेना भी फायदेमंद रहेगा।
अगर आप किसी दूसरी बीमारी के लिए भी दवा ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर को उसके बारे में जरूर बताएं। एक साथ दो तरह की दवाइयां लेना खतरनाक भी हो सकता है।
उन चीजों को ज्यादा से ज्यादा लें जिनसे विटामिन सी मिले। विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है।
बहुत अधिक ऑयली और स्पाइसी खाने से परहेज करें।
नारियल पानी और सब्जियों का सूप जरूर लें। इस दौरान शरीर बहुत कमजोर हो जाता है, ऐसे में ये लिक्विड डाइट एनर्जी देने का काम करती है।
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