शुगर और हाई ब्लड प्रेशर एक साथ हों तो कैसे रखें इन्हें कंट्रोल में?

Diabetes And High Blood Pressure: हाई बीपी या डायबिटीज अलग-अलग हो तो ज्यादा समस्या नहीं, लेकिन अगर यह एक ही व्यक्ति को एक साथ हो जाए तो कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है। डॉक्टर से जानें ऐसे में क्या करना चाहिए?

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Written By: Vidya Sharma | Updated : February 3, 2026 1:30 PM IST

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Medically Verified By: Dr Bipeenchandra Y Bhamre

Diabetes Or High BP Ki Samasya: आज की लाइफस्टाइल में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर यानी कि हाइपरटेंशन दोनों ही तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं बन चुकी हैं। चिंता की बात यह है कि कई लोगों में ये दोनों बीमारियां एक साथ पाई जाती हैं। जब शुगर और हाई बीपी साथ-साथ होते हैं, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डिजीज और आंखों से जुड़ी समस्याओं का जोखिम कई गुना बढ़ा देते हैं। ऐसे में समय रहते इन्हें कंट्रोल करना बेहद जरूरी हो जाता है।

लेकिन कई लोग इसे अनदेखा करते हैं और समझ नहीं पाते हैं कि शुगर और हाई बीपी का एक साथ होना कितना ज्यादा खतरनाक हो सकता है। सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल, मुंबई के कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन डॉक्टर बिपीनचंद्र भामरे बताते हैं कि 

"डायबिटीज शरीर की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे वे सख्त और संकरी हो जाती हैं। वहीं हाई ब्लड प्रेशर इन कमजोर नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। दोनों मिलकर दिल और किडनी पर गंभीर असर डाल सकते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर अक्सर कहते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को ब्लड प्रेशर पर खास ध्यान देना चाहिए।" आइए आपको बताते हैं कि डॉक्टर ने और क्या जरूरी जानकारी शेयर की है।

सही डाइट है सबसे जरूरी

शुगर और हाई बीपी को कंट्रोल करने में डाइट सबसे अहम भूमिका निभाती है। यानी कि आप नमक का सेवन कम करें, खासकर प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से दूरी बनाएं। मीठा, रिफाइंड शुगर और सफेद आटे से बनी चीजें कम खाएं। हरी सब्जियां, सलाद, फल (लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले), दालें और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें। इसके अलावा तले-भुने और जंक फूड से बचें क्योंकि ये वजन और बीपी दोनों बढ़ाते हैं।

वजन कंट्रोल में रखें

मोटापा शुगर और हाई बीपी दोनों को बिगाड़ने का बड़ा कारण है। 5–10% वजन कम करने से ही ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर में अच्छा सुधार देखा जा सकता है। इसके लिए क्रैश डाइट के बजाय संतुलित और टिकाऊ लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है।

रोजाना फिजिकल एक्टिविटी

नियमित व्यायाम शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर को भी संतुलित रखता है। रोज कम से कम 30 मिनट तेज चलना, योग, साइकिलिंग या स्विमिंग करें। डायबिटीज और बीपी के मरीजों के लिए योग और प्राणायाम भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं।

तनाव को नजरअंदाज न करें

लगातार तनाव हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे शुगर और बीपी दोनों बढ़ सकते हैं। मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग, म्यूजिक सुनना और अच्छी नींद तनाव कम करने में मदद करते हैं। इसलिए इन एक्टिविटीज को आप अपने डेली रूटीन में शामिल करें।

नियमित जांच बेहद जरूरी

डॉक्टर बताते हैं कि 'अगर किसी को डायबिटीज और हाई बीपी दोनों हैं, तो नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर, किडनी फंक्शन और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए। इससे किसी भी कॉम्प्लिकेशन को शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है।' जब आप समय रहते चेकअप कराते हैं तो बीमारी के ठीक होने की संभावना भी अधिक होती है।

दवाइयां डॉक्टर की सलाह से ही लें

कई बार मरीज खुद से दवाइयां छोड़ देते हैं या बदल लेते हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। शुगर और बीपी दोनों के लिए दी जाने वाली दवाइयां दिल और किडनी को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं, इसलिए इन्हें नियमित और डॉक्टर की सलाह से ही लें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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