देसी खाने को सबसे अच्छा और नेचुरल बताने वाले भारतीय ही क्यों सबसे ज्यादा डायबिटीज व हार्ट के मरीज

Is Indian Food Truely Healthy: घर पर बना सभी प्रकार का खाना हेल्दी नहीं होता है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे हेल्दी ऑप्शन मान बैठे हैं। इस लेख में हम आपको इसी बारे में कुछ खास जानकारी देने वाले हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 29, 2026 6:34 PM IST

हम भारतीय चाहे दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, 3-4 दिन बाद हमें "दाल-चावल" या "अचार-पराठे" याद आने लगते हैं।

हम भारतीयों का देसी खाने के बिना पेट ही नहीं भरता है और जब भी हम बाहर जातें हैं, तो उनका फीका खाना देखकर हम नाक चढ़ाने लगते हैं। क्योंकि हमें हमारा खास और जायकेदार खाना ही पसंद होता है, जो खूब चटपटा और मसालेदार होता है। साथ ही हर भारतीय को इस बात का पूरा विश्वास है कि जो खाना वे भारत में अपने देसी किचन में खाते हैं। हर भारतीय को लगता है कि हम जो देसी खाना खा रहे हैं, वह पूरी तरह से नेचुरल है और हम पश्चिमी देशों की तरह नहीं है कि बाहर के पैकिंग वाले फूड्स खाते हैं। लेकिन एक बार समझने वाली आती है, अगर हम भारतीयों खाना सबसे हेल्दी है, तो फिर हमारा भारत “डायबिटीज कैपिटल” कैसे बनता जा रहा है? और हमारे देश के नौजवानों को हार्ट अटैक आ रहा है। जब आप इस बारे में सोचते हैं, तो क्या आपको नहीं लगता है क्या हम सच में हेल्दी खाना खा रहे हैं? इस लेख में हम इसी बारे में कुछ जानकारी लेंगे।

ताजा खा रहे हैं तो फिर बीमार क्यों

हम भारतीय अक्सर यही सोचते हैं कि हम वेस्टर्न कंट्रीज की तरह पैकिंग वाला खाना नहीं खाते हैं, जिसे प्रिजरवेटिव्स की मदद से सुरक्षित रखा जाता है और फ्लेवर व कलर के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। हम भारतीय अपनी रसोई में रोज फ्रेश खाना बनाते हैं। लेकिन अगर रोज तेल में तले हुए परांठे खाने को आप हेल्दी समझते हैं, तो फिर अलग-अलग तरह की बीमारियों से आपको कोई नहीं बचा सकता है।

अब अगर आप सोच रहे हैं, कि आप तो परांठे खाते ही नहीं है और उनकी जगह रोटी खाते हैं। आप तले हुए से बच गए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं की आप कार्बोहाइड्रेट्स से बचे हुए हैं। हालांकि, हम ये नहीं कह रहे कि रोटी एक अनहेल्दी ऑप्शन है, लेकिन सिर्फ रोटी ही खाना एक अनहेल्दी ऑप्शन हो सकता है। हेल्दी डाइट को कंसीडर करने वाले लोग अगर सुबह आलू की सब्जी के साथ 4 रोटी खाते हैं और फिर ऊपर से चाय? माफ कीजिएगा ये भी कोई हेल्दी विकल्प नहीं है।

इंटरनेट पर भर-भर के जानकारी पड़ी है, जिसमें बताया जाता है कि आपकी डाइट में साबुत अनाज, कच्ची खाई जाने वाली व ऊबाल कर खाई जाने वाली सब्जिायं और फल आदि शामिल होना जरूरी है। उसी को तो बैलेंस डाइट कहा जाता है, क्योंकि उसमें हर चीज थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिलती है जिससे आपके शरीर को सभी पोषक तत्व मिल पाते हैं।

देसी खाना है फिर डायबिटीज और हार्ट डिजीज क्यों

सबसे पहले हम भारतीयों को यह समझना होगा कि खाने-पीने की हर देसी चीज का मतलब यह नहीं है कि वह हेल्दी हैं। अगर हम देसी और नेचुरल खाने के चक्कर में एक टाइम में ढेर सारे चावल या 4-5 रोटियां खा रहे हैं, तो समझ लीजिए की हमारी डाइट का 70-80 प्रतिशत हिस्सा कार्बोहाइड्रेट्स ही है। अब ऐसी कंडीशन को हम कहेंगे कार्बोहाइड्रेट्स ओवरडोज।

अब यही कार्बोहाइड्रेट शरीर में जाकर ग्लूकोज के रूप में ब्रेकडाउन होता है और ये ग्लूकोज भी एक तरह का शुगर होता है। अब जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स वाला भोजन हम खा रहे हैं और बॉडी में कार्बोहाइड्रेट्स ओवरडोज हो रहा है और उसका ग्लूकोज के रूप में ब्रेकडाउन हो रहा है। इसका सीधा असर यही होगा कि आपके शरीर का इंसुलिन उसे मैनेज ही नहीं कर पाएगा और एक समय आएगा कि आप डायबिटीज से ग्रस्त हो जाएंगे।

अब ऐसे ही हार्ट डिजीज की बात करते हैं, जिसका खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। घर पर बना देसी घी का पराठा हो या खूब मक्खन मारी हुई घर पर बनी स्वादिष्ट दाल। इन्हें हम हेल्दी समझ कर खा तो लेते हैं, लेकिन फिजिकल एक्टिविटी की कमी की वजह से शरीर में ट्राइग्लिसराइड और बैड कोलेस्ट्रॉल जैसी चीजें जमा होने लगती हैं। धीरे-धीरे ये धमनियों को ब्लॉक कर देती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

प्रोटीन की कमी

हम घर पर हेल्दी तरीके से साफ-सुथरा खाना बना रहे हैं, जिसमें मां प्यार से खूब मक्खन और देसी घी डाल देती हैं। देसी घी के परांठे बना देती हैं, लेकिन प्रोटीन कहां है?

थिन फैट इंडियन सिंड्रोम (Thin Fat Indian Syndrome) आपने तो शायद नाम भी नहीं सुना होगा, लेकिन यह भी एक कंडीशन है जिससे ज्यादातर भारतीय जूझ रहे हैं। उसका कारण है रोजाना अपनी डाइट में सिर्फ चावल, रोटी और आलू जैसी चीजों को शामिल करना। एक कटोरी सब्जी के साथ 4 से 5 रोटियां या ढेर सारे चावल खाकर आप अपनी बॉडी को प्रोटीन कैसे दे पाएंगे।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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