गट हेल्थ बिगड़ी तो नींद भी होगी खराब, नई रिसर्च का दावा

क्या आपकी गट हेल्थ खराब है? अगर हां, तो यह आपकी नींद को बुरी तरह से खराब कर सकती है। रिसर्च में खुलासा हुआ है कि खराब गट हेल्थ से नींद प्रभावित हो सकती है।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 12, 2026 3:57 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Raman Kumar, Dr. Sugeeta Mutreja

आजकल लोग तरह-तरह की दिक्कतों से जूझ रहे हैं, जिसमें नींद न आना और पाचन से जुड़ी समस्याएं सबसे आम हैं। लेकिन, क्या आपको पता है नींद और गट हेल्थ एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। नींद न आना, रात में बार-बार जागना और कब्ज, गैस जैसी समस्याएं कनेक्टेड हो सकते हैं। इसका खुलासा हाल ही में हुए एक रिसर्च में हुआ है, जिसमें पता चला है कि आंतों में मौजूद गट माइक्रोबायोम और हमारी नींद के बीच एक गहरा संबंध है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गट हेल्थ खराब हो जाए तो इसका सीधा असर हमारी नींद की गुणवत्ता पर भी पड़ता है।

गट माइग्रोबायोम क्या है?

आपको बता दें कि आंतों में करोड़ों-अरबों गुड बैक्टीरिया, वायरस और सूक्ष्मजीव होते हैं, इन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये सिर्फ खाना पचाने में मदद नहीं करते, बल्कि इम्यूनिटी और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

रिसर्च में क्या पाया गया?

springer nature में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, अनिद्रा से जूझ रहने लोगों में गट माइक्रोबायोम की गड़बड़ी देखने को मिली। कुछ लोगों में तो गुड बैक्टीरिया कम मिले, लेकिन सूजन बढ़ाने वाले बैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा देखने को मिली। शोधकर्ताओं का मानना है कि खराब गट हेल्थ से नींद प्रभावित हो सकती है। वहीं, खराब नींद भी गट हेल्थ को प्रभावित कर सकती है। इसस गट माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ सकता है।

गट हेल्थ से नींद कैसे प्रभावित होती है?

चेयरमैन अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया डॉ. रमन कुमार बताते हैं कि आंत और मस्तिष्क के बीच एक संचार प्रणाली होती है। इसे "गट-ब्रेन एक्सिस" कहा जाता है। इसके जरिए दोनों अंग लगातार एक-दूसरे को संकेत भेजते रहते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि आंतों के कुछ बैक्टीरिया ऐसे रसायनों के निर्माण में मदद करते हैं, जो नींद को प्रभावित करते हैं। इनमें सेरोटोनिन, मेलाटोनिन और GABA जैसे न्यूरोट्रांसमीटर शामिल हैं। जब गट माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ता है, तो इन रसायनों का उत्पादन प्रभावित होता है और नींद की समस्या होने लगती है।

इन लक्षणों की न करें अनदेखी

अगर आपको अक्सर ही ये समस्याएं दिखाई देती हैं, तो लक्षणों की बिल्कुल अनदेखी न करें और गट हेल्थ पर ध्यान जरूर दें।

  • अगर रात को सोने में कठिनाई
  • बार-बार नींद खुलना
  • सुबह उठकर थकान महसूस
  • पेट फूलना या गैस की समस्या
  • कब्ज या एसिडिटी की समस्या
  • मूड में बदलाव

गट हेल्थ सुधारने के लिए क्या करें?

आरोग्य डाइट और न्यूट्रिशन क्लीनिक की डाइटिशियन डॉ. सुगीता मुटरेजा बताती हैं कि गट और नींद की सेहत एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसके लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

  • गट हेल्थ में सुधार करने के लिए आप फाइबर युक्त डाइट ले सकते हैं। इसके लिए आप अपनी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें।
  • गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए फर्मेंटेड फूड्स भी जरूरी होते हैं। दही, छाछ और लस्सी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
  • अगर आप पूरी नींद लेंगे, तो गट हेल्थ भी बेहतर बना रहेगा। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।
  • तनाव भी गट हेल्थ को प्रभावित करता है। इसलिए तनाव को कम करने के लिए योग और मेडिटेशन जरूर करें।
  • अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स कम करें। ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स गट बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।

Disclaimer: नई रिसर्च यह संकेत देती है कि नींद की कमी से सिर्फ तनाव या थकान नहीं होती है। यह गट हेल्थ को भी नुकसान पहुंचाती है। नींद की कमी से गट हेल्थ प्रभावित हो सकता है और खराब गट हेल्थ से नींद प्रभावित हो सकती है। इसलिए गट हेल्थ को बेहतर बनाए रखना बहुत जरूरी है।

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