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Written By: Yogita Yadav | Published : September 4, 2018 6:06 PM IST
साधारण कुंठा समझकर इसे हल्का में लेना पड़ सकता है नुकसानदायक। © Shutterstock
हिस्टीरिया मन का रोग है और मन में होने वाली हलचल का सही तरीक़े से समाधान न होने पाने की दशा में यह रोग होता है। हिस्टीरिया रोग के लक्षण स्त्री और पुरुष दोनों में हो सकते हैं। लेकिन महिलाएं इस रोग से सबसे ज़्यादा प्रभावित होती है। व्यक्तिगत, पारिवारिक, दाम्पत्य जीवन संबंधित अनेक उलझनों के साथ-साथ आर्थिक, व्यावसायिक कठिनाइयां, सेक्स जीवन की समस्याओ से जुड़े ऐसे कई कारण हो सकते हैं जो हिस्टीरिया को जन्म देते हैं।
हिस्टीरिया के लक्षण
सांस फूलना, पति का निष्ठुर व्यवहार, अवैध आचरण, भय व शोक का आधिक्य, अतृप्त कामवासना, चक्कर आना, सिर दर्द, बेचैनी, बड़बड़ाना, रोना, हंसना, गाना, उल्टी करना, अपच, कब्ज़, गैस, अफारा, डकारें, थकान, जोड़ों में दर्द, शरीर के कई अंगों में दर्द, मासिक धर्म में गड़बड़ी, गर्भपात हो जाना, सेक्स व्यवहार में विषमताएं होना आदि लक्षण हिस्टीरिया के रोगी में नज़र आते हैं।
न करें लापरवाही
हिस्टीरिया के बारे में माना जाता है कि यह मन का रोग है और मन की समस्याओं का सही तरीके से समाधान न हो पाने पर यह और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि जब भी किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण नजर आएं तो उसे गंभीरता से लें।
ये हो सकता है संभावित समाधान