Hypothermia: हायपोथर्मिया का लक्षण है बॉडी का तापमान 95°F से कम होना, शरीर के अंग हो जाते हैं सुन्‍न

हायपोथर्मिया (Hypothermia) वह मेडिकल एमरजेंसी है जो तब होती है जब बॉडी का तापमान बहत कम होने लगता है यानि कि बॉडी बहुत ज्‍यादा ठंडी हो जाती है। इस स्थिति में बॉडी उतनी जल्‍दी गर्म नहीं हो पाती है जितनी जल्‍दी गर्मी छोड़ती है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 26, 2021 11:57 AM IST

हायपोथर्मिया (Hypothermia) वह मेडिकल एमरजेंसी है जो तब होती है जब बॉडी का तापमान बहत कम होने लगता है यानि कि बॉडी बहुत ज्‍यादा ठंडी हो जाती है। इस स्थिति में बॉडी उतनी जल्‍दी गर्म नहीं हो पाती है जितनी जल्‍दी गर्मी छोड़ती है। यह स्थिति तब हो सकती है जब कोई व्‍यक्ति ठंडी जगह पर रह रहा हो, कड़ाके की ठंड में बाहर हो या लंबे समय तक लो टेम्‍परेचर में हो। एक सामान्‍य व्‍यक्ति के शरीर का तापमान 98.6°F (37 C) होता है। लेकिन हायपोथर्मिया होने पर शरीर का तापमान Hypothermia (hi-poe-THUR-me-uh) 95°F (35 C) हो जाता है।

जब किसी व्‍यक्ति के शरीर का तापमान गिरता है तो नर्वस सिस्‍टम, हार्ट और अन्‍य अंग सही तरह से काम नहीं कर पाते हैं। यदि हायपोथर्मिया को नजरअंदाज किया जाए या समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह हार्ट और श्‍वसन तंत्र को पूरी तरह से खराब कर सकता है। जिसके चलते उस व्‍यक्ति की मौत भी हो सकती है। ठंडे मौसम या ठंडे पानी के संपर्क में आना इस समस्‍या का कारण हो सकता है। हायपोथर्मिया के शुरुआती इलाज में शरीर को गर्म कर तापमान को सामान्‍य करने की कोशिश की जाती है। यदि ऐसा न किया गया तो व्‍यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

हायपोथर्मिया के लक्षण

  • शरीर में कंपन होना
  • बोलते वक्‍त हकलाना
  • सांस संबंधी समस्‍या होना
  • नाड़ी का कमजोर होना
  • शरीर में एनर्जी का कम होना
  • कन्‍फ्यूजन और याद्दाश्‍त का कमजोर होना
  • स्किन का लाल होना
  • फोकस करने में दिक्‍कत होना

हायपोथर्मिया होने पर क्‍या करें?

अगरा आपके आसपास कोई व्‍यक्ति हायपोथर्मिया की स्थिति में हो तो तुरंत 911 या कोई और लोकल एमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। यदि आपको लगता है कि डॉक्‍टर की मदद मिलने में समय लग सकता है तो आप खुद भी उस व्‍यक्ति को नॉर्मल करने की कोशिश कर सकते हैं। जैसे कि यदि हायपोथर्मिया से पीड़ित व्‍यक्ति ने गीले कपड़े पहने हैं तो उन्‍हें उतारकर गर्म कपड़े पहनाएं, उस व्‍यक्ति को होश में लाकर गुनगुना पानी पिलाएं, कंबल डाल दें और अगर आप उस व्‍यक्ति के शरीर को गर्म करने के लिए कुछ कर सकते हैं तो वो करें।

हायपोथर्मिया होने के कारण

  • ठंड के हिसाब से उतने गर्म कपड़े न पहनना
  • ज्‍यादा देर तक ठंड में रहना
  • ठंडे कपड़े उतारने में असमर्थ होना या गर्म जगह न जा पाना
  • अचानक से ठंडे पानी में गिर जाना
  • किसी ऐसे घर में रहना जहां बहुत ठंड हो

हायपोथर्मिया से बचाव क्‍या है?

1. जब भी आप किसी ठंडी जगह पर जाएं तो खूब सारे कपड़े पहनें।

2. अगर आप किसी टूरिस्‍ट प्‍लेस पर जा रहे हैं तो आपको सेफ रखने की जिम्‍मेदारी होटल स्‍टाफ की न समझें, बल्कि अपने साथ रूम हीटर, कंबल और गर्म कपड़े लेकर जाएं।

3. नवजात, बुजुर्ग और शारीरिक या मानसिक रूप से पीड़ित लोग, जिनके पास घर नहीं होता और शरीर से कमजोर लोगों को हायपोथर्मिया का ज्‍यादा खतरा रहता है। ऐसे लोगों को देखभाल की

4. जब भी आपको ठंड की वजह से कंपन हो रही हो तो तुरंत अपनी बॉडी को नॉर्मल करने की कोशिश करें। ऐसा न सोचें कि आपके अंदर और क्षमता है व आप और ठंड सहन कर सकते हैं।