हाइपरथायरॉइडिज्म के मरीज जान लें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं

हाइपरथायरॉइडिज्म के लक्षणों में गले में सूजन, लम्प दिखाई देना, वजन कम होना आदि शामिल हैं। इस बीमारी को कंट्रोल करना है, तो अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

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Written By: Anshumala | Published : October 9, 2018 12:02 PM IST

कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जिसमें आपने खानपान का विशेष ख्याल रखना जरूरी होता है। ऐसा नहीं करने पर समस्या और गंभीर हो सकती है। इसी में से एक रोग है हाइपरथायरॉइडिज्म। यदि आपको यह समस्या है, तो इसके लक्षणों में गले में सूजन, लम्प दिखाई देना, वजन कम होना आदि शामिल हैं। इस बीमारी को कंट्रोल करना है, तो अपने खानपान पर भी विशेष ध्यान देना होगा। जानें, इस आर्टिकल में हाइपरथायरॉइडिज्म होने पर क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

क्या खाएं

- स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रैस्पबेरी जरूर खाएं। बेरीज फलों में काफी मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं। ये इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।

- क्रुसिफेरस वेजीज (Cruciferous Veggies) जैसे ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी इत्यादि खाएं। ये थायरॉइड ग्लैंड द्वारा प्रोड्यूस होने वाले थायरॉइड हॉर्मोन को कम करते हैं। इन्हें हो सके तो कच्चा या फिर पका कर सब्जी के रूप में खाने से अधिक लाभ होगा।

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- पहले चिकित्सकों को विटामिन डी और थायरॉइड के बीच कोई सीधा संबंध नहीं दिखाई देता था, लेकिन एक अध्ययन के अनुसार, हाइपोथायरॉइड से ग्रस्त लोगों में विटामिन डी का लेवल काफी कम था इसलिए अब डॉक्टर्स थायरॉइड होने पर विटामिन डी का सेवन करने की सलाह भी

देते हैं। विटामिन डी के लिए सैल्मन (एक प्रकार की मछली) खाएं। इससे आपको विटामिन डी के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड्स भी मिलेगा। इसके साथ ही अंडे, मशरूम, ओमेगा 3 के लिए आप वॉलनट्स, ऑलिव ऑयल और फ्लैक्ससीड का प्रयोग कर सकते हैं।

- हाइपरथायरॉइडिज्म की वजह से वेट लॉस होना एक आम समस्या है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना शुरू कर दें। इससे आपका वेट सही रहगा। इसके लिए आप इन चीजों का सेवन करें, मीट, चिकन, दाल, चना, सोयाबीन, बीन्स एंड नट्स आदि।

- हरी सब्जियों का खूब सेवन करें। इनसे बना जूस पिएं। पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जियां या उनका जूस थायरॉइड के फंक्शन को कम करते हैं। गोभी, पालक इत्यादि को सब्जी या जूस के रूप में लें। कार्बोहाइड्रेट कम ही खाएं, दोबारा हो सकता है कैंसर

- जिंक युक्त भोजन शरीर को सही तरीके से कार्य करने के लिए बेहद जरूरी तत्व है। जिंक के लिए आप अनाज, चोकर, मल्टीग्रेन अनाज, गेंहू के अंकुर, पालक, कद्दू के बीज, अनार, एवोकाडो, सोयाबीन आदि प्रतिदिन खाएं।

hyperthyroidism and diet 1 हाइपरथायरॉइडिज्म के ज्यादातर मरीजों को दूध, दही आदि का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। © Shutterstock

क्या ना खाएं

- आयोडीन युक्त आहार खाने से बचें। आयोडीन थायरॉइड ग्लैंड की एक्टिविटी को बढ़ा देता है, इसलिए जरूरी हो जाता है कि हम ऐसी चीजें खाने से बचें जिनमे अधिक मात्रा में आयोडीन हो जैसे आयोडीन युक्त नमक, सी फूड्स जैसे केल्प (समुद्री घास), क्रैनबेरी, ऑर्गेनिक दही, ऑर्गेनिक स्ट्रॉबेरी, ऑर्गेनिक चीज, ऑर्गेनिक पोटैटो आदि।

- उन खाद्य पदार्थों का सेवन न करें जिनसे आपको एलर्जी हो। इससे हाइपरथायरॉइडिज्म के लक्षण बढ़ सकते हैं। इससे आपको सांस लेने में दिक्कत, त्वचा पर चकत्ते, पेट की ऐंठन और दस्त हो सकती है। फूड एलर्जी होती है तो आप डेयरी प्रोडक्ट्स, मकई, सोया, व्हीट ग्लूटेन न खाएं।

- हाई ग्लाइसेमिक कार्ब्स जैसे मैदा, वाइट ब्रेड, आलू, शुगर, राइस इत्यादि कम खाने चाहिए। इनकी जगह आप जौ, दलिया, ब्राउन ब्रेड, होल-ग्रेन पास्ता और मसूर खा सकते हैं। पनीर के इन 15 फायदों को जान लेंगे, तो नापसंद करने वाले भी शुरू कर देंगे खाना

- कैफीन हाइपरथायरॉइडिज्म के लक्षणों को बढ़ाता है, इसलिए आपको कैफीन युक्त चीजें कम लेनी चाहिए जैसे कॉफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट आदि।

- डेयरी प्रोडक्ट्स खाने से बचें। हाइपरथायरॉइडिज्म में फुल क्रीम मिल्क का सेवन ठीक नहीं है। दूध और बाकी डेयरी प्रोडक्ट्स में विभिन्न ग्रोथ हॉर्मोन्स और पेंसिलिन के ट्रेसेस होते हैं, जो ह्यूमन हॉर्मोनल सिस्टम पर अतरिक्त दबाव डालते हैं इसलिए हाइपरथायरॉइडिज्म के ज्यादातर मरीजों को दूध, दही आदि का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, डेयरी प्रोडक्ट्स के कई फायदे भी होते हैं, इसलिए इनका कितना सेवन करना चाहिए, इसकी सलाह डॉक्टर से ले लें।

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