ज्यादा नींद आना इस गंभीर बीमारी के हो सकते हैं संकेत, जानिए इसके कारण और लक्षण

रात में नींद पूरी करने के बाद भी दिन में जरूरत से ज्यादा सोना एक हाइपरसोमनिया नाम के डिसऑर्डर की वजह से हो सकता है। हालांकि दिन में सोने के अलावा इसका समय अलग अलग व्यक्तियों में अलग अलग हो सकता है।

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Written By: Atul Modi | Published : April 12, 2023 8:04 PM IST

हाइपरसोमनिया एक ऐसा डिसऑर्डर है, जो ज्यादातर दिन की नींद या सोने में जरूरत से ज्यादा समय व्यतीत करने की वजह से होता है। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें व्यक्ति को दिन के दौरान जागने में काफी परेशानी होती है। हाइपरसोमनिया वाले लोग किसी भी समय सो सकते हैं। जैसे काम पर या जब वो गाड़ी चला रहे हों। उन्हें नींद से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। जिनमें एनर्जी की कमी और स्पष्ट रूप से कुछ भी सोचने में परेशानी शामिल है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक 40 फीसदी लोगों में समय-समय पर हाइपरसोमनिया के कुछ लक्षण होते हैं।

हाइपरसोमनिया के कारण - Hypersomnia Causes In Hindi

हाइपरसोमनिया के कई संभावित कारण हैं, वो कारण क्या हैं, चलिए जान लेते हैं:

  • हाइपरसोमनिया किस कारण होता है, यह अभी तक अज्ञात है। वहीं शोधकर्ता टेस्ट के दौरान कुछ ऐसे जींस की भूमिका को खोज रहे हैं, जो पीड़ित लोगों में अन्य की तुलना में अलग होते हैं।
  • नींद से जुड़ी समस्या होना, या दिन में नींद आना और नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट महसूस करना।
  • रात के समय पर्याप्त नहीं ना लेना।
  • जरूरत से ज्यादा वजन होना।
  • नशीली दवाओं या शराब का ज्यादा सेवन करना।
  • सिर में चोट लगना या मल्टीपल स्केलेरोसिस या पार्किंसंस रोग होना।
  • प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स जैसे ट्रैंक्विलाइज़र या एंटीथिस्टेमाइंस का सेवन करना।
  • जेनेटिक्स वजह से भी यह समस्या परेशानी का कारण बन सकती है।
  • डिप्रेशन की वजह से भी हाइपरसोमनिया हो सकता है।
  • किस वायरल इन्फेक्शन की वजह से भी हाइपरसोमनिया का रिस्क बढ़ सकता है।
  • मेंटल डिसऑर्डर, एंग्जाइटी, बाइपोलर डिसऑर्डर, अल्जाइमर जैसी चीजों की वजह से हाइपरसोमनिया का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे करें हाइपरसोमनिया का निदान

अगर आप दिन के दौरान लगातार नींद या आलस सा महसूस करते हैं, तो आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हाइपरसोमनिया का निदान करने में आपका डॉक्टर आपको आपकी सोने की आदतों के बारे में सवाल करेंगे। जैसे आप रात में कितनी नींद लेते हैं, क्या आप रात में जागते हैं, और क्या आप दिन में सोते हैं आदि। आपका डॉक्टर आपसे यह भी जानना चाहेगा कि, क्या आपको कोई इमोशनली समस्या हो रही है, या कोई ऐसी दवा ले रहे हैं, जो आपकी नींद में बाधा डाल रही हो।

इसके अलावा डॉक्टर ब्लड टेस्ट, सीटी स्कैन और पॉलीसोम्नोग्राफी नाम का स्लीप टेस्ट सहित कुछ और जरूरी टेस्टों को करवाने की सलाह दे सकता है। कुछ मामलों में एक अतिरिक्त ईईजी टेस्ट जो दिमाग की इलेक्ट्रिक गतिविधियों को मापने में मदद करता है, उसकी जरूरत भी पड़ सकती है।

हाइपरसोमनिया का इलाज

हाइपरसोमनिया का इलाज करने के लिए आपका डॉक्टर आपको कई तरह की दवाओं को लिख सकता है। जिसमें उत्तेजक, एंटीडिप्रेसेंट के साथ कई नई दवाओं जैसे प्रोविजील, वाकिक, एक्सएम और जायव देने की सलाह दे सकता है।

हाइपरसोमनिया का सही इलाज और अच्छा इलाज किसी अच्छे सायकाइट्रिस्ट से करना चाहिए। इसके अलावा आपको अपनी डाइट का भी खास ध्यान रखने की जरूरत होगी। साथ ही मेडिटेशन भी जरुर करना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस तरह की समस्याओं में विल पॉवर का मजबूत होना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।