
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 11, 2026 7:24 AM IST
WHO के अनुसार, आने वाले समय में हंतावायरस के मामले बढ़ सकते हैं। (this image was generated by chatgpt)
कोरोना वायरस के बाद दुनिया में हंता वायरस को लेकर चिंता बढ़ती हुई दिख रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका में हंता वायरस के 2 मामले दर्ज किए हैं। अमेरिका से पहले क्रूज शिप पर हंता वायरस संक्रमण के मामले दर्ज किए गए थे। दुनिया में हंता वायरस के मामले दर्ज किए जाने के बाद भारत में इसका खतरा कितना है, इसको लेकर चिंता जताई जा रही है। आईसीएमआर के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के निदेशक डॉ. नवीन कुमार, फिलहाल भारत में हंता वायरस से बड़े स्तर पर खतरे की स्थिति नहीं है। लेकिन हां भारत के लोगों को हंता वायरस से सतर्क रहने की जरूरत है।
डॉ. नवीन कुमार, हंता वायरस कोई नया संक्रमण नहीं है। भारत में पहले भी हंता वायरस के कुछ मामले सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2008 में तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में हंता वायरस संक्रमण के मामले दर्ज किए गए थे। उस समय इरुला समुदाय के करीब 28 लोग हंता वायरस से संक्रमित पाए गए थे। जानकारी के लिए बता दें कि इरुला समुदाय मुख्य रूप से सांप और चूहे को पकड़ने का काम करता है। हंता वायरस भी चूहों से फैलने वाली बीमारी है। इसलिए इस संक्रमण के मामले इरुला समुदाय के लोगों में दर्ज किए गए थे। तमिलनाडु के अलावा, साल 2016 में मुंबई में एक 12 साल के बच्चे की मौत हंता वायरस संक्रमण से हुई थी। रिपोर्ट्स बताती है कि मुंबई के उस बच्चे को
फेफड़ों में गंभीर ब्लीडिंग हुई थी, जो हंता वायरस संक्रमण के गंभीर लक्षणों में शामिल है।
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हाल ही में अटलांटिक महासागर में एक लग्जरी क्रूज शिप पर हंता वायरस संक्रमण के मामले सामने आए, जहां तीन लोगों की मौत हो गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस मामले की जांच कर रहा है। इस मामले के बाद वैश्विक स्तर पर हंता वायरस को लेकर चिंता बनी हुई है।
WHO की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, हंता वायरस एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मल, मूत्र और लार के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस आमतौर पर इंसान से इंसान में नहीं फैलता है।
रिपोर्ट बताती है कि हंता वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू और मौसमी संक्रमण जैसे लग सकते हैं। हंता वायरस के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैः
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हंता वायरस से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है घर और अपने आसपास की सफाई का ध्यान रखना। सफाई वहां और भी ज्यादा हो जाती है जहां पर चूहों की संख्या बहुत ज्यादा हो। हंता वायरस से बचाव के लिए नीचे बताए गए उपायों को अपना सकते हैं।
Disclaimer: आईसीएमआर के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के निदेशक के अनुसार, फिलहाल भारत के लोगों को हंता वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन इस संक्रमण को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। अगर आपके घर या घर के आसपास चूहे हैं तो सावधानी जरूर बरतें।