
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 27, 2026 4:55 PM IST
Medically Verified By: Dr. Satish Koul
Image credits by: डायबिटीज जैसी बीमारी को अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं।
डायबिटीज यानी Diabetes Mellitus आज के समय की सबसे तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर मौजूद डाटा के अनुसार, भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 77 मिलियन लोग टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में 50 प्रतिशत से ज्यादा डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को उनकी स्थिति की जानकारी ही नहीं है। जिसके कारण वो अपना इलाज समय पर नहीं करवा पाते हैं। कई मामलों में लोग डायबिटीज को नजरअंदाज कर देते हैं और सोचते हैं कि आखिरकार ऐसा क्या ही हो जाएगा। क्या वाकई ये सही है। डायबियज का इलाज न करवाने से कोई नुकसान नहीं होता है? आज इन्हीं सवालों के जवाब जानेंगे फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन के तौर पर कार्यरत डॉ. सतीश कौल से।
डॉ. सतीश कौल कहते हैं, नहीं। सिर्फ डायबिटीज ही नहीं बल्कि हर बीमारी का इलाज करवाना हम सभी के लिए बहुत जरूरी है। डायबिटीज मुख्य रूप से ब्लड शुगर से जुड़ी बीमारी है। गलत खानपान, एक्सरसाइज में कमी और ज्यादा चीनी खाने के कारण जब शरीर का ब्लड शुगर कम या ज्यादा होता है, तो उस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। समय पर डायबिटीज का इलाज न किया जाए, यह गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।
डायबिटीज में ब्लड शुगर को मैनेज करना बहुत जरूरी होता है।
डॉक्टर बताते हैं कि अगर डायबिटीज को नजरअंदाज किया जाए, तो यह धीरे-धीरे गंभीर समस्याओं में बदल सकती है।
अनियंत्रित डायबिटीज दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कई गुणा ज्यादा बढ़ जाता है। इससे हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक की संभावना कई गुणा ज्यादा रहती है। रिसर्च बताती है कि डायबिटीज के मरीजों में दिल की बीमारी का खतरा 2-4 गुना ज्यादा होता है।
लंबे समय तक ब्लड शुगर हाई होने से आंखों की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे आंखों की नसें कमजोर हो जाती हैं। इसके कारण आपको धुंधला दिखाई देने लगता है। डायबिटीज का इलाज न करने पर अंधेपन की परेशानी भी हो सकती है।
डायबिटीज किडनी की छोटे-छोटे ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचाती है। डॉक्टर बताते हैं कि इस स्थिति के कारण पेशाब में प्रोटीन आने लगता है। जिसके कारण किडनी सही तरीके से काम नहीं करती है और अंत में यह किडनी फेलियर का कारण बन सकती है।
डायबिटीज की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसमें घाव जल्दी से नहीं भरते हैं। खासकर पैरों में होने वाले घावों को भरने में ज्यादा समय लगता है। डॉक्टर के अनुसार, लंबे समय में डायबिटीज का इलाज न किया जाए तो छोटे- छोटे घाव बढ़ सकते हैं। इस प्रकार के घाव पैरों में इंफेक्शन को बढ़ावा देते हैं। जिसके कारण कुछ गंभीर मामलों में कई बार पैर काटने (Amputation) की नौबत आ जाती है।
डायबिटीज का इलाज न करने से इम्यूनिटी भी कमजोर हो जाती है। इससे बार-बार संक्रमण होना, घाव का देर से ठीक होना, फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन बढ़ जाता है। डॉ. कौल कहते हैं डायबिटीज को किसी भी परिस्थिति में बिना इलाज के छोड़ना गलत है। एक बार डायबिटीज कंट्रोल से बाहर चला जाए तो न सिर्फ शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि गंभीर मामलों में जानलेवा भी बन सकता है। इसलिए डायबिटीज का इलाज समय पर करना बहुत जरूरी है।
हां, डॉ. कौल कहते हैं अगर डायबिटीज का इलाज समय पर न किया जाए और इसे लंबे समय तक अनियंत्रित छोड़ा जाए या अचानक गंभीर स्थिति पैदा होने से यह जानलेवा हो सकता है। डायबिटीज का इलाज न होने से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA), हाइपरग्लाइसेमिक हाइपर ऑस्मोलर स्टेट (HHS), ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाना, डिहाइड्रेशन और दिमाग पर असर होता है। इसका इलाज समय पर न किया जाए तो यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि भारत में जिस तरह से डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं, उस स्थिति में सभी लोगों को नियमित रूप से हेल्थ चेकअप करवाने चाहिए। इस प्रकार के हेल्थ चेकअप से न सिर्फ डायबिटीज का पता समय पर चलेगा बल्कि इसका इलाज भी आसान हो जाएगा।
अचानक हार्ट अटैक, शुगर का बहुत ज्यादा या कम होना, और DKA जैसी स्थिति में इसका कारण बनती हैं।
शुरुआती स्टेज में डाइट और एक्सरसाइज से कंट्रोल हो सकती है, लेकिन कई मामलों में दवा जरूरी होती है।
दिल की बीमारी, किडनी फेलियर और अंधापन इसके सबसे खतरनाक प्रभाव हैं।
डायबिटीज पूरी तरह ठीक नहीं होती, लेकिन इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
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