Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
Diabetes Mai Blood Sugar Ki Reading Kaise Kare: आज के समय में डायबिटीज भारत में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आपकी ब्लड शुगर रिपोर्ट में लिखे गए नंबर वास्तव में क्या कहते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो डायबिटीज की शुरुआती स्टेज पर हैं। शुरुआत में हर किसी को समझ नहीं आता है कि ब्लड शुगर की रीडिंग कैसे की जाती है।
क्या आप को भी ब्लड शुगर रीडिंग पढ़ने में परेशानी होती है? क्या आप फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS), पोस्ट-प्रांडियल ब्लड शुगर (PPBS) और HbA1c, इन तीनों ब्लड शुगर की रीडिंग के बारे में जानते हैं? अगर नहीं तो झिझकें मत, क्योंकि आज हमने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद के एंडोक्रिनोलोजिस्ट डॉक्टर संदीप खरब से बातचीत की। उनसे जाना कि शरीर में शुगर की रेटिंग को कैसे समझा जा सकता है? आइए आपको बताते हैं उन्होंने क्या कहा।
फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट सुबह खाली पेट किया जाता है, यानी कम से कम 8 घंटे तक कुछ भी खाए बिना।
डॉ. संदीप कहते हैं कि 'अगर फास्टिंग शुगर लगातार 110 mg/dL से ऊपर जा रही है, तो इसे हल्के में न लें। यह डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान देना जरूरी है।'
पोस्ट-प्रांडियल ब्लड शुगर (PPBS) टेस्ट खाने के 2 घंटे बाद किया जाता है। इससे पता चलता है कि शरीर भोजन के बाद शुगर को कितनी कुशलता से नियंत्रित कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार 'अगर पोस्ट-मील शुगर बार-बार 180 mg/dL से ऊपर जा रही है, तो यह शरीर में इंसुलिन की कमी या रेजिस्टेंस देता है। यह वह स्थिति है जहां लाइफस्टाइल चेंज और दवा दोनों की आवश्यकता हो सकती है।'
HbA1c टेस्ट यह बताता है कि पिछले तीन महीनों में आपकी औसत ब्लड शुगर कितनी रही है। यह टेस्ट लाल रक्त कोशिकाओं से जुड़ी ग्लूकोज की मात्रा को मापता है।
डॉ. संदीप बताते हैं कि 'कई बार मरीज कहते हैं कि उनकी रोज की शुगर तो नॉर्मल है, फिर भी डॉक्टर दवा बढ़ा देते हैं। इसका कारण HbA1c होता है। यह बताता है कि औसतन आपकी शुगर कितनी हाई रही, यानी असली तस्वीर यहीं से मिलती है।'
डॉक्टर सुझाव देते हैं कि डायबिटीज को केवल ‘शुगर की बीमारी’ न समझें, बल्कि यह पूरे शरीर को प्रभावित करने वाली कंडीशन है। नियमित मॉनिटरिंग और सही जानकारी से आप लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। ब्लड शुगर की रिपोर्ट सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि आपके शरीर की सेहत का आईना हैं। इन्हें समझना और समय पर कंट्रोल करना डायबिटीज को जड़ से नहीं मिटा सकता, लेकिन जटिलताओं से ज़रूर बचा सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हां, पुरुष स्पर्म एनालिसिस, ब्लड शुगर, थाइराइड और STDs जैसे टेस्ट करवा सकते हैं।
3 दिन में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए, आप अपने खान-पान, व्यायाम और जीवनशैली में बदला करें।
सुबह खाली पेट, सामान्य रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर 70-100 mg/dL के बीच होना चाहिए।
फास्टिंग ब्लड शुगर का स्तर 70-99 mg/dL के बीच होना चाहिए। वहीं, भोजन के 2 घंटे बाद शुगर लेवल 140 mg/dL होना चाहिए।