ब्लड शुगर रीडिंग को कैसे समझें? जानें HbA1c, फास्टिंग और पोस्ट-मील रीडिंग का क्या मतलब है

Blood Sugar Reading Tips: वह लोग जिनका पहली बार डायबिटीज का रिजल्ट पॉजिटिव आया होता है, उन्हें ब्लड शुगर रीडिंग करने में समस्या होती है। आइए आपको बताते हैं HbA1c, फास्टिंग और पोस्ट-मील रीडिंग का क्या मतलब होता है।

ब्लड शुगर रीडिंग को कैसे समझें? जानें HbA1c, फास्टिंग और पोस्ट-मील रीडिंग का क्या मतलब है
VerifiedVERIFIED By: Dr Sandeep kharb

Written by Vidya Sharma |Published : November 12, 2025 4:42 PM IST

Diabetes Mai Blood Sugar Ki Reading Kaise Kare: आज के समय में डायबिटीज भारत में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आपकी ब्लड शुगर रिपोर्ट में लिखे गए नंबर वास्तव में क्या कहते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो डायबिटीज की शुरुआती स्टेज पर हैं। शुरुआत में हर किसी को समझ नहीं आता है कि ब्लड शुगर की रीडिंग कैसे की जाती है। 

क्या आप को भी ब्लड शुगर रीडिंग पढ़ने में परेशानी होती है? क्या आप फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS), पोस्ट-प्रांडियल ब्लड शुगर (PPBS) और HbA1c, इन तीनों ब्लड शुगर की रीडिंग के बारे में जानते हैं? अगर नहीं तो झिझकें मत, क्योंकि आज हमने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद के एंडोक्रिनोलोजिस्ट डॉक्टर संदीप खरब से बातचीत की। उनसे जाना कि शरीर में शुगर की रेटिंग को कैसे समझा जा सकता है? आइए आपको बताते हैं उन्होंने क्या कहा।

फास्टिंग ब्लड शुगर (FBS)- खाली पेट की रीडिंग

फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट सुबह खाली पेट किया जाता है, यानी कम से कम 8 घंटे तक कुछ भी खाए बिना।

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  1. नॉर्मल स्तर- 70 से 99 mg/dL
  2. प्री-डायबिटिक स्तर- 100 से 125 mg/dL
  3. डायबिटिक स्तर- 126 mg/dL या उससे ज्यादा

डॉ. संदीप कहते हैं कि 'अगर फास्टिंग शुगर लगातार 110 mg/dL से ऊपर जा रही है, तो इसे हल्के में न लें। यह डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान देना जरूरी है।'

पोस्ट-प्रांडियल ब्लड शुगर (PPBS)– खाने के बाद की रीडिंग

पोस्ट-प्रांडियल ब्लड शुगर (PPBS) टेस्ट खाने के 2 घंटे बाद किया जाता है। इससे पता चलता है कि शरीर भोजन के बाद शुगर को कितनी कुशलता से नियंत्रित कर रहा है।

  • नॉर्मल स्तर- 140 mg/dL से कम
  • प्री-डायबिटिक स्तर- 140 से 199 mg/dL
  • डायबिटिक स्तर- 200 mg/dL या उससे ज्यादा

विशेषज्ञों के अनुसार 'अगर पोस्ट-मील शुगर बार-बार 180 mg/dL से ऊपर जा रही है, तो यह शरीर में इंसुलिन की कमी या रेजिस्टेंस देता है। यह वह स्थिति है जहां लाइफस्टाइल चेंज और दवा दोनों की आवश्यकता हो सकती है।'

HbA1c – तीन महीने का औसत

HbA1c टेस्ट यह बताता है कि पिछले तीन महीनों में आपकी औसत ब्लड शुगर कितनी रही है। यह टेस्ट लाल रक्त कोशिकाओं से जुड़ी ग्लूकोज की मात्रा को मापता है।

  • नॉर्मल स्तर- 5.6% से कम
  • प्री-डायबिटिक स्तर- 5.7% – 6.4%
  • डायबिटिक स्तर- 6.5% या उससे अधिक

डॉ. संदीप बताते हैं कि 'कई बार मरीज कहते हैं कि उनकी रोज की शुगर तो नॉर्मल है, फिर भी डॉक्टर दवा बढ़ा देते हैं। इसका कारण HbA1c होता है। यह बताता है कि औसतन आपकी शुगर कितनी हाई रही, यानी असली तस्वीर यहीं से मिलती है।'

शुगर रिपोर्ट समझने के 3 आसान उपाय

  • केवल एक रीडिंग पर भरोसा न करें – डॉक्टर तीनों टेस्ट देखकर डायबिटीज का निष्कर्ष निकालते हैं।
  • लाइफस्टाइल का ध्यान रखें – रोजाना 30 मिनट वॉक, संतुलित डाइट और स्ट्रेस मैनेजमेंट बेहद जरूरी है।
  • रीडिंग रिकॉर्ड करें – हर टेस्ट का डेटा मोबाइल या डायरी में लिखते रहें ताकि ट्रेंड समझ सकें।

डॉक्टर क्या सुझाव देते हैं?

डॉक्टर सुझाव देते हैं कि डायबिटीज को केवल ‘शुगर की बीमारी’ न समझें, बल्कि यह पूरे शरीर को प्रभावित करने वाली कंडीशन है। नियमित मॉनिटरिंग और सही जानकारी से आप लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। ब्लड शुगर की रिपोर्ट सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि आपके शरीर की सेहत का आईना हैं। इन्हें समझना और समय पर कंट्रोल करना डायबिटीज को जड़ से नहीं मिटा सकता, लेकिन जटिलताओं से ज़रूर बचा सकता है।

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Highlights

  • ब्लड शुगर की रीडिंग करने के 3 तरीके होते हैं।
  • फास्टिंग ब्लड शुगर, पोस्ट-प्रांडियल ब्लड शुगर, HbA1c जो तीन महीने का औसत होता है।
  • रोजाना 30 मिनट वॉक, संतुलित डाइट और स्ट्रेस मैनेजमेंट बेहद जरूरी है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

क्या पुरुषों को भी कोई टेस्ट कराना चाहिए?

हां, पुरुष स्पर्म एनालिसिस, ब्लड शुगर, थाइराइड और STDs जैसे टेस्ट करवा सकते हैं।

3 दिनों में ब्लड शुगर कैसे कंट्रोल करें?

3 दिन में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए, आप अपने खान-पान, व्यायाम और जीवनशैली में बदला करें।

सुबह खाली पेट शुगर कितनी होनी चाहिए?

सुबह खाली पेट, सामान्य रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर 70-100 mg/dL के बीच होना चाहिए।

शुगर लेवल कितना होना चाहिए?

फास्टिंग ब्लड शुगर का स्तर 70-99 mg/dL के बीच होना चाहिए। वहीं, भोजन के 2 घंटे बाद शुगर लेवल 140 mg/dL होना चाहिए।