महिलाओं के शरीर में जब बढ़ने लगता है पुरुष हार्मोन! जानिए इसे कंट्रोल करने के उपाय

Male hormone increase in female: पीसीओएस के कारण महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल भी बढ़ जाता है। जिसके कारण महिलाओं को हिरसटिज्म की शिकायत हो सकती है, जिससे चेहरे, चेस्ट, पीठ, पेट पर ज्यादा बाल आने लगते हैं।

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Written By: Atul Modi | Published : May 1, 2024 8:16 PM IST

अगर आपका पीरियड साइकिल गड़बड़ाया हुआ है, लगातार मोटापा बढ़ रहा है, एक्ने और पिंपल्स से आप परेशान हैं तो हो सकता है कि आप पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से पीड़ित हों। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम किसी भी युवती या महिला के लिए एक गंभीर स्थिति है। इसमें ओवरी एंड्रोजन हार्मोन का असामान्य प्रोडक्शन करने लगती है। एंड्रोजन आवरी पर वापस जमने लगता है, जिससे सिस्ट बनने लगते हैं। इतना ही नहीं पीसीओएस के कारण महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल भी बढ़ जाता है। जिसके कारण महिलाओं को हिरसटिज्म की शिकायत हो सकती है, जिससे चेहरे, चेस्ट, पीठ, पेट पर ज्यादा बाल आने लगते हैं। कई बार बाल बहुत ज्यादा झड़ने लगते हैं। इसके कारण आवाज में भी चेंज आ सकता है। इन स्थितियों से बचने के लिए आप कुछ नेचुरल तरीके अपना सकते हैं। जिनसे टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होने (Reduce testosterone in female) के साथ ही पीसीओएस की परेशानी को भी कम किया जा सकता है।

इन जड़ी-बूटियों का करें सेवन

कुछ जड़ी-बूटियां महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम कर सकती हैं। पुदीना एक ऐसी ही जड़ी बूटी है। इसका उपयोग सदियों से हार्मोनल इंबैलेंस के इलाज के लिए किया जाता रहा है। ग्रीन टी के नियमित सेवन से भी आपको राहत मिल सकती है। क्योंकि इसमें कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो टेस्टोस्टेरोन लेवल को कम करने में मदद कर सकता है। आप स्पेर्मिडीन का भी सेवन कर सकती हैं। यह एक नेचुरल कंपाउंड है जो कुछ खाद्य पदार्थों, जैसे कि सोयाबीन और नट्स में पाया जाता है। इसी के साथ दालचीनी, लिकोरिस रूट, चाइनीज पेओनी, स्पीयरमिंट, ब्लैक कोहोश आदि भी आपके लिए मददगार बन सकते हैं।

ब्लड शुगर कंट्रोल करना जरूरी

पीसीओएस के कारण टेस्टोस्टेरोन लेवल न बढ़े, इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करें। ज्यादा ब्लड शुगर ओवरी द्वारा एंड्रोजन के प्रोडक्शन को ट्रिगर करता है, जिसमें टेस्टोस्टेरोन भी शामिल है। ऐसे में महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने से महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन लेवल कम करने में मदद मिलती है।

खानपान पर दें ध्यान

पीसीओएस में अपने खानपान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरे फूड्स खाने से टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम किया जा सकता है। हरी मटर, ब्रोकली, अदरक, लहसुन, पालक, लौकी, शिमला मिर्च आदि सभी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इनका नियमित सेवन करें। ध्यान रखें कि डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कम करें, क्योंकि इनसे हार्मोन का बैलेंस बिगड़ सकता है।

कुछ सप्लीमेंट आएंगे काम

आप डॉक्टर की सलाह से कुछ सप्लीमेंट्स लेकर भी टेस्टोस्टेरोन लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक और ओवासिटॉल सप्लीमेंट का सेवन किया जा सकता है। इसी के साथ विटामिन बी सप्लीमेंट भी डॉक्टर की सलाह के बाद ले सकते हैं।

नियमित एक्सरसाइज जरूरी

पीसीओएस को कंट्रोल करने के लिए अपने वजन को कम रखना जरूरी है। इसलिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। वीक में में कम से कम 30 मिनट वॉकिंग, रनिंग, स्विमिंग या साइकिलिंग जरूर करें।

(डिस्क्लेमर: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।)

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