
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr Anish Gupta
खांसी और गले की खराश का इलाज
मानसून शुरू होते ही लोगों में खांसी और गले की खराश की समस्या बहुत अधिक बढ़ गई है। भले ही यह मौसम गर्मी और उमस भरा होता है, लेकिन AC की ठंडी हवा में रहने और बार-बार शरीर का तापमान कम-ज्यादा होने से सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण की शिकायतें भी तेजी से बढ़ सकती हैं। कई लोग शुरुआत में इसे मौसमी बदलाव समझ लेते हैं। उसे सामान्य मौसमी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
हालांकि होती यह सामान्य ही है, लेकिन जब समय रहते सही देखभाल न की जाए, तो यह परेशानी लंबे समय तक बनी रह सकती है या संक्रमण का रूप ले सकती है। आइए सीके बिरला हॉस्पिटल, गुरुग्राम के ENT डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉक्टर अनीश गुप्ता से समझें कि मानसून में होने वाली गले की खराश और खांसी को कैसे ठीक किया जा सकता है।
डॉक्टर के अनुसार "गले में खराश होने पर सबसे पहले आप गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें। यह आपको फायदा पहुंचाएगा। इससे गले की सूजन कम करने और जमा हुए म्यूकस को साफ करने में मदद मिलती है।" साथ ही डॉक्टर बताते हैं कि बहुत ज्यादा गर्म पानी से गरारे करने से गले की नाजुक परत को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए हल्के गुनगुने पानी से ही गरारे करें।
खराश के दौरान कुछ निगलते समय गले में दर्द हो सकता है, जिससे बचने के लिए लोग पानी पीना कम कर देते हैं। आप यह गलती न करें। डॉक्टर बताते हैं कि भले ही हल्का गुनगुना पानी पिएं, लेकिन पानी पीना कम न करें। इसके अलावा गुनगुना सूप या अन्य तरल पदार्थ लेने से भी गले की नमी बनी रहती है। इससे शरीर संक्रमण से लड़ने में बेहतर तरीके से काम कर पाता है।
कुछ चुनिंदा मामलों में डॉक्टर खांसी के दौरान एंटीबायोटिक दवा दे सकते हैं, लेकिन मानसून में बिना सलाह एंटीबायोटिक लेना सबसे आम गलतियों में से एक है। बहुत से लोग गले में खराश शुरू होते ही बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवा लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन मानसून में होने वाले गले के इंफेक्शन वायरल होते हैं। वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक असर नहीं करती। इसलिए अगर लक्षण गंभीर होते दिखें तो खुद इलाज करने की बजाय डॉक्टर की सलाह लें।
डॉक्टर कहते हैं कि अक्सर कई लोग गले में खराश व सूजन के दौरान ध्यान नहीं देते हैं और ठंडे पेय, आइसक्रीम या अधिक तला-भुना भोजन खाते रहते हैं। यह गले को नुकसान पहुंचाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस दौरान नरम, हल्का और गर्म भोजन लें। जैसे- पीसी हुई सब्जियों का सूप, दाल का सूप, खिचड़ी और अन्य गर्म व नर्म चीजें। इस तरह का खाना निगलने में दिक्कत नहीं देगा।
डॉक्टर कुछ लक्षण बताते हैं, जिन्हें गले में खराश के दौरान ध्यान में रखना चाहिए। और अगर यह लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर: गले में खराश और खांसी कई कारणों से हो सकती हैं। अगर तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, लगातार दर्द, खून के साथ खांसी या लक्षण एक सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें, तो खुद दवा लेने के बजाय ईएनटी एक्सपर्ट या डॉक्टर से जांच और उपचार कराएं।