
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : January 14, 2026 2:30 PM IST
Gallbladder stones Pain
Gallbladder stones Pain : गॉलब्लैडर यानी पित्ताशय की थैली हमारे पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में स्थित एक छोटा सा अंग होता है। इस अंग में हमारे शरीर का पित्त जमा होता है। गॉलब्लैडर में आमतौर पर समस्याएं तब उत्पन्न होती हैं, जब किसी कारण से पित्त की नली में अवरुद्ध उत्पन्न होती है, उदाहरण के लिए गॉलब्लैडर स्टोन की परेशानी। कोलेस्ट्रॉल, हाई बीपी जैसी परेशानी से ग्रसित लोगों को गॉलब्लैडर स्टोन की परेशानी अधिक होती है। गॉलब्लैडर स्टोन की परेशानी होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आते हैं, जिसे समय पर पहचानना जरूरी है। कई लोग गैस के दर्द और पथरी के दर्द को पथरी का दर्द समझ लेते हैं। आज हम आपको इस लेख में गॉलब्लैडर स्टोन के दर्द और गैस के दर्द के बीच के अंतर के बारे में बताएंगे। इसके साथ ही पित्त की थैली के पथरी के बारे में विस्तार से जानेंगे। आइए जानते हैं-
पित्त की थैली में पथरी होने पर जब दर्द होता है, तो पेट के दाएं साइड पसली में काफी असहनीय दर्द महसूस होता है। यह दर्द कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक होता है। कई मामले में, जब हम अपने शरीर पर काफी स्ट्रेस देते हैं, तो यह दर्द कई बार उभर जाता है। कुछ लोगों को यह दर्द तेज या हल्का महसूस हो सकता है।
वहीं, गैस का दर्द अक्सर पेट के चारों ओर घूमता है, जो डकार या फिर किसी भी तरह से गैस पास होने पर अपने आप दर्द ठीक हो जाता है। पथरी का दर्द पेट के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर कंधे और पीठ तक फैलता है। वहीं, गैस का दर्द पेट के चारों ओर होता है।
गॉलब्लैडर स्टोन से ग्रसित लोगों को पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में या फिर पेट के बीच में काफी ज्यादा दर्द महसूस होता है। पेट में दर्द की समस्या तब अधिक ट्रिगर होती है, जब व्यक्ति अधिक तला-भुना या फिर फैट युक्त चीजों का सेवन करता है। इस स्थिति से ग्रसित लोगों को बार-बार पेट में दर्द का अनुभव होता है। गॉलब्लैडर स्टोन का दर्द आमतौर पर कुछ घंटों तक रहता है, लेकिन दर्द काफी तेज और गंभीर महसूस होता है। पेट में दर्द के अलावा गॉलब्लैडर स्टोन की परेशानी होने पर कई अन्य तरह के लक्षण भी नजर आ सकते हैं, जैसे-
• धड़कनें काफी तेज होना।
• स्किन और आंखों का रंग पीला पड़ना
• स्किन में खुजली की समस्या
• डायरिया की परेशानी
• ठंड अधिक लगना
• उलझनें और बेचैनी महसूस होना
• भूख न लगना, इत्यादि।
अधिकतर मामलों में गॉलब्लैडर स्टोन का इलाज नहीं होता है, जब तक कि आपको किसी तरह का दर्द महसूस न हों। लेकिन अगर आपको काफी ज्यादा दर्द महसूस होता है, तो इस स्थिति में डॉक्टर सर्जरी करवाने की सलाह देते हैं। हालांकि, सर्जरी में किसी भी तरह का जोखिम होता है, तो डॉक्टर आपको कुछ गैर-सर्जिकल तरीके अपनाने की सलाह देते हैं। हालांकि, गॉलब्लैडर स्टोन की परेशानी में अगर सर्जरी न की जाए, तो दोबारा पथरी होने की संभावना होती है। इसलिए अधिकतर मामलों में सर्जरी ही बेहतर उपचार माना जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
गॉलब्लैडर स्टोन में कोलेसिस्टेक्टॉमी सर्जरी की जाती है। इस सर्जरी में पित्ताशय की थैली को हटाया जाता है। अधिकतर मामलों में डॉक्टर आपको इसी सर्जरी को करवाने की सलाह देते हैं, क्योंकि पित्ताशय की थैली के बिना जीवन संभव है। ऐसे में इसे हटाने से आपके शरीर को अधिक फर्क नहीं पड़ेगा।
किसी कारण से अगर गॉलब्लैडर स्टोन से पीड़ित व्यक्ति की सर्जरी नहीं हो पाती है, तो इस स्थिति में गॉलब्लैडर की पथरी की परेशानी को कम करने के लिए डॉक्टर आपको अन्य तरीके अपनाने की सलाह दे सकते हैं, जैसे कुछ दवाओं का सेवन, लाइफस्टाइल में बदलाव, खानपान से परहेज इत्यादि। हालांकि, ध्यान रखें कि दवाओं की मदद से पथरी को तोड़ने में काफी ज्यादा समय लगता है, ऐसे में मरीजों को लंबे समय तक परेशानी हो सकती है।
गॉलब्लैडर स्टोन की परेशानी में आपको काफी ज्यादा दर्द महसूस होता है। ऐसे में अगर आपको बार-बार पेट में दर्द जैसा महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि समय पर आपकी स्थिति के बारे में पता चल सके।