कैसे पता करें कि बॉडी हार्ट अटैक का संकेत दे रही है?
कई बार हम अपने शरीर में दिखने वाले संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समस्या तब बड़ती है जब स्ट्रोक आता है और फिर पता चलता है कि जिन्हें हम इग्नोर कर रहे थे वह हार्ट अटैक के संकेत थे। आइए डॉक्टर से जानें कि बॉडी हार्ट अटैक का संकेत कब और कैसे देती है।
अक्सर हमारा शरीर कई ऐसे संकेत देता है जो आने वाली बीमारियों का संकेत देते हैं। ऐसा ही कुछ हार्ट अटेक के साथ भी है। हार्ट अटैक दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है, लेकिन अगर कोई भी व्यक्ति शुरुआत में दिखने वाले चेतावनी संकेतों पर ध्यान न दे तो समस्या गंभीर हो सकती है। वहीं अगर लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। मेरे पास कई ऐसे पेशेंट आते हैं जो हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को पहचानकर तुरंत मेडिकल मदद ले लेते हैं। वहीं कुछ पेशेंट किसी अन्य बीमारी के लिए आते हैं और जांच के दौरान पता चलता है कि यह हार्ट हेल्थ से जुड़ी समस्या है।
कैसे देती है बॉडी हार्ट अटैक का संकेत?
मैं अपने हर पेशेंट से यही कहता हूं कि वह अपने सीने में तकलीफ या दर्द को अनदेखा न करें, क्योंकि यह हार्ट अटैक के सबसे आम और शुरुआती लक्षणों में से एक है। हर किसी को अलग-अलग लक्षण दिख सकते हैं जैसे सीने के बीच या बाईं ओर दबाव, जकड़न, कसाव और भारीपन या दर्द। यह तकलीफ कुछ मिनटों तक रह सकती है और बार-बार हो सकती है। कुछ लोगों को सीने में बहुत तेज दर्द होता है, तो कुछ लोगों को हल्का दर्द हो सकता है जो आसानी से पता नहीं चलता।
एक और जरूरी चेतावनी वाला लक्षण तब होता है, जब दर्द शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल जाता है। यह तकलीफ बाईं बांह, कंधों, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से तक फैल सकती है। कुछ मामलों में, लोग इस दर्द को मांसपेशियों में खिंचाव या एसिडिटी समझ लेते हैं, जिससे वे तुरंत मेडिकल मदद लेने में देर कर देते हैं।
सांस लेने में होती है तकलीफ
कभी-कभी हार्ट अटैक से पहले या उसके दौरान सांस लेने में तकलीफ होती है। किसी को जंगल में हाइकिंग करते समय, सीढ़ियां चढ़ते समय, या बस आराम करते समय भी सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है। यह लक्षण सीने में दर्द के साथ हो भी सकता है और नहीं भी; इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर अगर आपको दिल की बीमारी का कोई खतरा है या आपकी उम्र ज्यादा है।
सीने में दर्द और सांस फूलने के अलावा दिखते हैं ये लक्षण
एक और शुरुआती संकेत, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, खासकर महिलाओं में, वह है असामान्य थकान। अगर कोई व्यक्ति आराम करने और कोई शारीरिक काम न करने के बाद भी बहुत थका हुआ महसूस करता है, या कई दिनों तक लगातार कमजोरी महसूस करता है, तो यह दिल पर जोर पड़ने का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, कुछ लोगों में दिल की बीमारी होने से पहले चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना या बेहोश हो जाना जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।
इन आम लक्षणों को भी न करें नजरअंदाज
हार्ट अटैक से जुड़े कुछ और लक्षण भी हैं, जैसे कि ठंडा पसीना आना, जी मिचलाना और अपच। कुछ लोगों को बिना किसी काम या गर्मी के अचानक पसीना आ सकता है। कुछ लोगों को जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस हो सकता है, जिसे वे पेट की समस्या समझ सकते हैं। 'साइलेंट हार्ट अटैक' भी हो सकते हैं, जिनमें लक्षण बहुत हल्के होते हैं और आसानी से पहचाने नहीं जाते।
हार्ट अटैक का खतरा किसे ज्यादा होता है?
कुछ लोगों में दूसरों की तुलना में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है, जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, लंबे समय से चला आ रहा तनाव और परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास। शारीरिक गतिविधि की कमी और खाने-पीने की खराब आदतों के कारण भी यह खतरा बढ़ जाता है। अगर आपको हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत मेडिकल मदद लेना ज़रूरी है, न कि यह उम्मीद करना कि वे अपने आप ठीक हो जाएंगे।
समय रहते इलाज कर दिया जाए तो क्या होगा?
शुरुआती चरण में इलाज से दिल में खून का बहाव फिर से शुरू हो सकता है और दिल की मांसपेशियों को होने वाले स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है। हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए सही खान-पान, नियमित व्यायाम, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना, धूम्रपान से बचना, शराब का सेवन कम करना और तनाव को मैनेज करना सुनिश्चित करें। नियमित शारीरिक जांच से भी दिल से जुड़ी समस्याओं का पता तब चल सकता है, जब वे जानलेवा खतरा न बनी हों।
डिस्क्लेमर- हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में हर उम्र के व्यक्ति के लिए यह बहुत जरूरी हो गया है कि वह अपनी सेहत का ख्याल रखे। साथ ही शरीर में हार्ट अटैक आने से शुरूआथी संकेतों और लक्षणों को पहचाने।