Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
Reedh Ki Haddi Ko Majboot Kaise Kare: बैठने और खड़े होने से लेकर चलने, झुकने या यहां तक कि सांस लेने तक, एक स्वस्थ रीढ़ हमारी हर गतिविधि का केंद्र है। फिर भी रीढ़ की देखभाल तब तक नजरअंदाज की जाती है, जब तक दर्द या असुविधा रोजमर्रा की जिंदगी में बाधा न बनने लगे। बैठने की तरीका, खराब मुद्रा और लंबे वर्किंग घंटों के कारण पीठ दर्द अब दुनिया भर में सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गया है। रीढ़ का अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखना केवल दर्द से बचने के लिए नहीं है, बल्कि पूरे शरीर के संतुलन, गतिशीलता और लंबी अवधि की भलाई के लिए भी आवश्यक है।
रीढ़ का स्वास्थ्य क्यों जरूरी है? अगर आपके मन में भी यही सवाल आ रहा है तो ज्यादा न सोचें क्योंकि आप तक इस विषय पर सही जानकारी पहुंचाने के लिए हमने धर्मशिला नारायणा अस्पताल के न्यूरो सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर निकुंज मित्तल से बात की। उन्होंने बताया कि 'रीढ़ हमारे शरीर की संरचना की नींव है। यह सिर,कंधों और ऊपरी शरीर का समर्थन करती है, जिससे हम मूवमेंट कर सकते हैं और मुद्रा बनाए रहते हैं। इसकी यांत्रिक भूमिका से आगे, रीढ़ मुख्य संचार मार्ग- स्पाइनल कॉर्ड- की सुरक्षा करती है, जो दिमाग और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच संपर्क स्थापित करता है। छोटी सी भी रीढ़ की समस्या नसों में दबाव, गतिशीलता में कमी या पुराना दर्द पैदा कर सकती है।' डॉक्टर ने इसी के साथ रीढ़ की हड्डी की देखभाल करते समय की जाने वाली आं गलतियों और उन्हें सुधाने वाली एक्सरसाइजों के बारे में बताया है।
डॉक्टर ने बताया कि एक सीधी रीढ़ यह सुनिश्चित करती है कि हमारे आंतरिक अंग ठीक से काम करें। खराब मुद्रा फेफड़ों और पाचन अंगों पर दबाव डाल सकती है, जिससे सांस लेने और पाचन पर असर पड़ता है। जबकि अच्छी रीढ़ की स्थिति ऑक्सीजन के बेहतर प्रवाह, मांसपेशियों की बेहतर समन्वय और ऊर्जा स्तर को भी सुधारती है। सीधे शब्दों में कहें, आपकी रीढ़ हड्डी सिर्फ हड्डियों का ढांचा नहीं, बल्कि आपके शारीरिक स्वास्थ्य की नींव है।
डॉक्टर ने नियमित पीठ के व्यायाम रीढ़ का समर्थन करने वाली मांसपेशियों को मजबूत करने के सबसे असरदार तरीकों के बारे में बताया है। निम्नलिखित हल्के वर्कआउट्स आप घर पर आसानी से कर सकते हैं।
यह एक्सरसाइज रीढ़ के लचीलापन में सुधार करती है। इसे कैसे करें? पहले आप घुटनों और हाथों के बल आएं, पीठ को ऊपर की ओर मोड़ें (कैट पोज), फिर सिर और टेलबोन को ऊपर उठाते हुए पीठ नीचे लाएं (काउ पोज)। 10–12 बार दोहराएं।
यह एक्सरसाइज निचले हिस्से और कमर की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इसे करने के लिए आप पीठ के बल लेटें, घुटनों को मोड़ें। पेट की मांसपेशियों को सख्त करके पीठ को जमीन से मिलाएं। 5 सेकंड रोके, फिर छोड़ दें।
ब्रिज पोज ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग्स और रीढ़ की मांसपेशियों को सक्रिय करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटें, घुटनों को मोड़ें और कूल्हों को ऊपर उठाएं। 10 सेकंड पकड़ें, फिर धीरे-धीरे नीचे आएं।
चाइल्ड पोज करने से पीठ और कूल्हों की जकड़न दूर होती है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इस पोज को करने के लिए आप एड़ियों पर बैठें, हाथ आगे फैलाएं और माथा जमीन पर टिकाएं। ऐसा 5-10 बार करें।
आजकल लोअर बॉडी पेन बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में अगर आप नी-टू-चेस्ट स्ट्रेचिंग करते हैं तो यह निचली पीठ का तनाव कम करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटें, एक पैर को छाती की ओर खींचें, 20 सेकंड रोके और दूसरी तरफ बदलें।
सही मुद्रा और कंधों की गति सुधारता है। कैसे करें? पीठ को दीवार से सटाकर खड़े हों, बांहों को ऊपर-नीचे ऐसे चलाएं जैसे बर्फ के फरिश्ते बना रहे हों।
सुपरमैन एक्सरसाइज हमारे निचली पीठ की मांसपेशियां मजबूत करता है। इसे करने के लिए आप पेट के बल लेटें, हाथ-पैर एक साथ ऊपर उठाएं, 5–10 सेकंड रोके, फिर ढीला छोड़ दें।
कोर को मजबूत बनाने के साथ रीढ़ को सहारा देने में प्लैंक एक्सरसाइज बहुत ही ज्यादा फायेदमंद है औपर इसे कोई भी कर सकता है। इसे करने के लिए आप सिर से पैर तक शरीर सीधा रखें, कोहनी कंधे के नीचे, 20–60 सेकंड तक होल्ड करें। ऐसा करने से आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होगी।
सीटेड फॉरवर्ड बेंड वाली यह एक्सरसाइझ पूरी पीठ और हैमस्ट्रिंग्स को स्ट्रेच करती है। इसे करने भी बहुत ही आसान है। आप बस पैर सीधे रखें, कमर से आगे झुकें और दोनों हाथों से पैर पकड़ें। रीढ़ सीधी रखें, न कि गोल।
टॉरसो रोटेशन स्ट्रेच रीढ़ के लचीलापन को बढ़ाने का काम करती है। इसे करने के लिए सीधे बैठें, धीरे-धीरे एक तरफ मुड़ें, 10 सेकंड पकड़ें, दूसरी ओर दोहराएं। रोजाना इस एक्सरसाइज को करने से आपकी स्पाइन की इलास्टिसिटी बेहतर होगी।
इन एक्सरसाइज को प्रतिदिन 15–20 मिनट करने से रीढ़ की ताकत और मुद्रा में खास सुधार आ सकता है, खासतौर से उनके लिए जो लंबे समय तक बैठते हैं।
व्यायाम के साथ-साथ, रीढ़ का स्वास्थ्य आपकी रोजाना की आदतों पर भी निर्भर करता है। ये कुछ आम गलतियां हैं जो लोग करते हैं और इनसे कैसे बचें
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।