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Written By: Vandana Bharti | Published : November 11, 2024 10:07 AM IST
Snoring Home Remedies: खर्राटे आम समस्या है। खर्राटे लेने वाले व्यक्ति को सोते समय इसका एहसास नहीं होता है, लेकिन जो लोग आसपास होते हैं, उनकी नींद डिस्टर्ब होती है। खर्राटे घुटन का कारण भी बन सकते हैं। खर्राटों की वजह से शादियों को टूटते हुए देखा गया है। खर्राटे लेने वाले व्यक्ति की सेहत भी इससे प्रभावित होती है। लेकिन ऐसा क्यों होता है? क्या आपने कभी सोचा है? आइये जानते हैं खर्राटे क्यों आते हैं और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।
नींद के दौरान जब मुंह और नाक से गुजरने वाली सांस में रुकावट आती है तो गले के ऊतकों यानी टीशू में कंपन होने लगती है, इस कंपन की आवाज को ही खर्राटे कहते हैं। सोते समय सांस में कई कारणों से रुकावट आ सकती है, जैसे कि नाक बंद होना, टॉन्सिल या एडेनोइड का बढ़ना, मोटापा, सोने का पोश्चर और बढ़ती उम्र के साथ गले की मांसपेशियों का प्राकृतिक रूप से शिथिल होना। जब हम सोते हैं, तो हमारे गले की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं, जिससे वायुमार्ग सिकुड़ जाता है और खर्राटे आने लगते हैं। इसके अलावा, शराब पीने और धूम्रपान जैसी जीवनशैली की आदतें गले की इन मांसपेशियों को और शिथिल कर सकती हैं और नाक में कंजेशन बढ़ा सकती हैं, जिसकी वजह से स्थिति और खराब हो सकती है।
हेल्दी वजन बनाए रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि गर्दन के आस-पास का अतिरिक्त वजन, वायुमार्ग में रुकावट पैदा करता है। थोड़ा सा भी वजन कम होने से काफी फर्क पड़ सकता है।
नींद के दौरान जब आप पीठ के बल सोते हैं तो आपकी जीभ पीछे की ओर गिरने लगती है और इससे वायुमार्ग में रुकावट पैदा होती है, इससे खर्राटों की समस्या बढ सकती है। इसलिए हमेशा करवट लेकर सोएं।
जिन लोगों को ज्यादा खर्राटे आते हैं, उन्हें अपने बॉडी को हाइड्रेटेड रखना चाहिए। उनके लिए हाइड्रेशन का ध्यान रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि इसका असर खर्राटों पर होता है। दरअसल, डिहाइड्रेशन के कारण बलगम गाढ़ा हो सकता है, जिससे खर्राटे बढ़ जाते हैं। इसलिए खूब सारा पानी पीने की आदत डालें।
एलर्जी को नियंत्रित करना एक और प्रभावी रणनीति है, क्योंकि वे नाक में कंजेशन का एक बड़ा कारण एलर्जी हैं। एलर्जी के संपर्क को सीमित करने के लिए एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और एंटीहिस्टामाइन लें। ये उपाय वायु प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
अगर आप अपने खर्राटों को बंद करना चाहते हैं तो शराब से दूरी बना लें। खासतौर से सोने से पहले शराब न पिएं। सोने से पहले शराब और शामक पदार्थों का सेवन कम करना जरूरी है क्योंकि ये पदार्थ गले की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और व्यक्ति खर्राटों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।
अपने लाइफस्टाइल में एक्सरसाइज को शामिल करें। अपने खानपान को हेल्दी रखें और अच्छी नींद लें। हेल्दी लाइफस्टाइल से ओवरऑल नींद की क्वालिटी में सुधार होता है।
अस्वीकरण:प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है. यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें. thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.