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कोरोना की दूसरी लहर से भले ही केंद्र और राज्य सरकार सबक लेने का दावा कर रही हो लेकिन कुछ राज्यों में कोरोना के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, जिसको देखते हुए तीसरी लहर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वायरस अभी भी हमारे आस-पास मौजूद है और उसके साथ कोविड के नए-नए वेरिएंट खतरा पैदा करने के लिए काफी हैं। भले ही अभी ये नहीं कहा जा रहा हो कि आने वाले महीने में महामारी कितना गंभीर रूप या फिर खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है लेकिन अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो चुका है कि लक्षणों को जल्दी से देख कर उन्हें पहचान लिया जाए।
हाल के दिनों में फैला कोविड का नया डेल्टा वेरिएंट अत्यधिक संक्रामक और जल्दी से फैलना वाला वेरिएंट है। खतरा इसलिए ही बढ़ा है क्योंकि ये वेरिएंट वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके व्यक्ति के लिए भी जोखिम भरा है। इसलिए, अपने आप को सुरक्षित रखने और अपने स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए ध्यान रखने योग्य बातें जानना बहुत ही जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं कैसे पहचानें आप डेल्टा वेरिएंट का शिकार हुए हैं या नहीं।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोविड संक्रमण से जुड़े सामान्य लक्षणकौन-कौन से हैं लेकिन जब आप डेल्टा वेरिएंट का शिकार होते हैं तो लक्षण बहुत देर से सामने आते हैं या फिर सामने भी नहीं आते हैं। डेल्टा वेरिएंट हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में तेजी से फैलता है और इसके लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं। संक्रमण के गंभीर होने से बचने के लिए लक्षणों की शुरुआत में पहचान जरूरी है ताकि आपातकालीन स्थिति के बारे में पहले से अंदाजा लगाया जा सके।
ब्रिटेन में 10 लाख से अधिक लोगों से डेटा एकत्र करने वाले कोविड सिम्पटम स्टडी एप के मुताबिक, डेल्टा संक्रमण होने पर आपको मतली, सिरदर्द, पेट में ऐंठन, तेज बुखार, चक्कर आना और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बंद नाक और बहती नाक जैसे कुछ लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वे लोग, जो पहले से ही डेल्टा वेरिएंट का शिकार हो चुके हैं उनमें यह भी देखा गया है कि ये समस्या बिना लक्षणों के भी शुरू हो सकती हैं।
-बुखार
-लगातार खांसी
-मायलगिया
-कमजोरी और थकान
-ब्रेन फ़ॉग
-गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण
-कान का दर्द
-आंखों से पानी बहना
ऐसा माना जा रहा है कि वैक्सीनेशन संक्रमण की गंभीरता और उसे फैलने से रोकने में प्रभावी है लेकिन कुछ मामलों में दोनों वैक्सीन लगवा चुके लोग भी डेल्टा वेरिएंट का शिकार हुए हैं। ऐसी भी संभावना है कि मामलों के बढ़ने के साथ हम ऐसे और मामले देखेंगे, जिसमें वैक्सीनेशन वाले लोग भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
कुछ अध्ययनों के अनुसार, वैक्सीनेशन के बाद लोगों के बीमार होने की संभावना तेजी से कम हो जाती है लेकिन उन्हें लक्षणों से सावधान रहना चाहिए। कोविड स्टडी ऐप के अनुसार, वैक्सीनेशन के बाद के बहुत से लक्षण सर्दी जैसी बीमारी से मिलते जुलते हैं। गले में खराश, छींकने, नाक बहना (जिसे आसानी से एलर्जी या सर्दी के साथ भ्रमित किया जा सकता है) जैसे लक्षणों का अनुभव करना सामान्य लक्षण हो सकते हैं। दुर्लभ मामलों में, बुखार, सांस की तकलीफ या ऐसे लक्षण देखे जा सकते हैं जिनमें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है।