बच्चों में ठंड के साथ ये 7 लक्षण देते हैं निमोनिया का संकेत! जानें बच्चों को निमोनिया से बचाने के 8 उपाय

हर साल ढेर सारे बच्चे निमोनिया नाम की बीमारी का शिकार होते हैं और तो और समय पर इलाज न मिलने से कई बच्चों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : January 4, 2023 8:05 PM IST

मौसम बदलने पर या फिर सर्दियों के दौरान बच्चे से लेकर बूढ़े सभी कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं क्योंकि इस मौसम में कुछ बीमारियां आम होती हैं। बच्चों को विशेष रूप से इस मौसम में कुछ बीमारियों से बचने की सलाह दी जाती है। इन्हीं में से एक है निमोनिया, जिसका सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होता है। गौरतलब हो कि हर साल ढेर सारे बच्चे निमोनिया नाम की बीमारी का शिकार होते हैं और तो और समय पर इलाज न मिलने से कई बच्चों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। ये बीमारी इतना घातक है समय पर इलाज बहुत जरूरी है इसलिए ठंड के दिनों में निमोनिया में सावधानी आपके बच्चे को इस गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करती है। आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट की राय।

बच्चों को होने वाली समस्याएं

झायनोव्हा शाल्बी अस्पताल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. चेतन जैन का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगी हैं। कमजोर  इम्यूनिटी वाले बच्चों को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, जन्मजात हृदय रोग जैसी क्रोनिक फेफड़ों की समस्याएं हैं। गुर्दे की बीमारी और अन्य श्वसन स्थितियों में निमोनिया होने का खतरा होता है। यह घातक है और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

एक्सपर्ट का कहना है कि किसी भी गंभीर जटिलता से बचने के लिए बच्चे का समय पर इलाज करना आवश्यक है। बच्चों में ये लक्षण दिखाई दें तो उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएंः

1- ठंड लगने के साथ तेज बुखार

2- सांस लेने कठिनाई

3-कफ

4- सूखी खांसी

5-सर्दी

6- थकान

7- उल्टी

8- चिड़चिड़ापन आदी समस्या बच्चों में दिखाई दे तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

9- इसके अलावा बुजुर्ग, मधुमेही और अस्थमा से पिडीत लोगों को संक्रमण का खतरा जादा होता हैं।

क्या है निमोनिया

निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक संक्रमण है जिसकी वजह से बच्चों तो खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या आने लगती है। निमोनिया की शिकायत नवजात शिशु और छोटे बच्चों के लिए ज्यादा गंभीर होती है।

कैसे फैलती है बीमारी

एक्सपर्ट बताते हैं कि सर्दियों में बीमारियांअधिक होती हैं क्योंकि बीमार व्यक्ति के खाँसने या छींकने से वायरस हवा में अधिक आसानी से फैलती हैं। आप अक्सर अस्वस्थ होने के दो से तीन दिन बाद सबसे अधिक संक्रामक होते हैं, लेकिन आप तब भी दूसरों में संक्रमण फैला सकते हैं।

बच्चों को कैसे बचाएं

1-बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए टीकारण सबसे कारगर तरीका है।

2-बच्चों के आहार और पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखकर उन्हें निमोनिया से बचाया जा सकता है।

3-बच्चों को भीड़भाड़ से बचाना चाहिए

4-बीमार लोगों के संपर्क को सीमित करने की कोशिश करनी चाहिए।

5-खांसते समय मुंह और नाक को ढकना चाहिए

6- अपने हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए

7- सभी आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए

8-निमोनिया से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी हैं।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source